गर्भनाल की सफाई कैसे करें

गर्भनाल की सफाई कैसे करें

गर्भ में शिशु को अपनी माँ से जोड़ती है गर्भनाल (Umbilical Cord) जो शिशु की नाभि से जुड़ी रहती है। गर्भनाल के द्वारा शिशु अपनी माँ से पोषण ग्रहण करता है और विकास करता है। माँ जो भी खाती-पीती है वो गर्भनाल के माध्यम से ही होने वाले शिशु तक पहुँचता है। शिशु के जन्म के बाद उसे माँ से अलग करने के लिए गर्भनाल को काट दिया जाता है लेकिन उसका कुछ हिस्से को ऐसे ही रहने दिया जाता है। धीरे धीरे यह स्वयं सूख जाती है हालाँकि इसे सूखने में दो हफ़्तों से लेकर दो महीने तक लग सकते हैं। जितनी देखभाल नवजात शिशु की जाती है उतनी ही सुरक्षा गर्भनाल की भी की जानी चाहिए क्योंकि अगर ऐसा न किया जाए तो शिशु को संक्रमित हो सकता है जो शिशु के स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक होगा। आज हम आपको शिशु की गर्भनाल और उसकी सफाई से संबंधित कुछ टिप्स (Umbilical Cord Care Tips) देने जा रहे हैं, उम्मीद है कि आपको इनसे लाभ होगा।

 

गर्भनाल की सफाई कैसे करें (Umbilical Cord Care Tips in Hindi)

1) सूखा रखें (Keep it Clean and Dry)
गर्भनाल की सफाई पर अगर ध्यान न दिया जाए तो शिशु के बीमार होने और संक्रमित होने की संभावना बहुत बढ़ जाती है। ऐसे में उसकी साफ़-सफाई करते समय यह ध्यान रखें कि शिशु की गर्भनाल (Garbhnaal) सूखी रहे। इसके लिए शिशु को टब में नहलाने से बचे और स्पंज बाथ कराए। अगर नहला रहे हों तो ध्यान रखें कि शिशु की गर्भनाल में पानी न पड़े। किन्ही कारणों से अगर शिशु की गर्भनाल को छुएँ तो सबसे पहले अपने हाथों को अच्छे से धो लें ताकि शिशु को संक्रमण न हो। गर्भनाल को सूखा रखने के लिए आप पावडर का भी प्रयोग कर सकते हैं। पावडर खरीदते समय ध्यान रखें कि वह अच्छी क्वालिटी और रसायन रहित हो। आप जॉनसन बेबी पावडर का प्रयोग कर सकते हैं।

 

2) अल्कोहल का प्रयोग (Don’t Use Alcohol)
अधिकतर माता-पिता ऐसा मानते हैं कि उन्हें गर्भनाल को साफ़ करने के लिए किसी ऐसी खास चीज़ का प्रयोग करना चाहिए जिससे गर्भनाल साफ़ भी रहे और इन्फेक्शन से बचा जा सके। इसके लिए वो इस स्थान को अल्कोहल से साफ़ करते हैं लेकिन ऐसा करने की सलाह नहीं दी जाती है। नवजात शिशु की त्वचा बेहद संवेदनशील और नाजुक होती है और अल्कोहल से गर्भनाल को साफ़ करने से शिशु की नाज़ुक त्वचा को हानि पहुंच सकती है इसके साथ ही अगर आप गर्भनाल को अल्कोहल से साफ़ करते हैं तो उसे सूखने में अधिक समय लगेगा।

 

3) नारियल तेल (Coconut Oil)
शिशु के स्वास्थ्य के लिए यह बेहद आवश्यक है कि शिशु की गर्भनाल जल्दी से जल्दी सुख जाए हालाँकि उसे पूरी तरह से सूखने में लगभग एक महीना लग जाता है। गर्भनाल जल्दी सूख जाए इसके लिए उस पर नारियल का तेल लगाने की भी सलाह दी जाती है जिसे कॉटन की सहायता से लगाया जा सकता है। इसके साथ ही शिशु की गर्भनाल या आसपास के अंगों में पाउडर, लोशन या तेल का प्रयोग न करें।

 

4) न रगड़े (Avoid Rubbing)
गर्भनाल बेहद नाज़ुक होती है ऐसे में अगर आप उसे या उसके आसपास के अंगों को रगड़ते हैं तो संक्रमण हो सकता है या घाव होने के कारण स्थिति शिशु के लिए दर्द से भरपूर हो सकती है। गर्भनाल को जबरदस्ती निकालने की कोशिश न करें बल्कि इसे खुद प्राकृतिक रूप से सूखने दें। शिशु के जन्म के बाद डॉक्टर गर्भनाल को अच्छे एंटिसेप्टिक (Antiseptic) से अच्छे से साफ करते हैं ताकि उसे इन्फेक्शन न हो हालाँकि आजकल डॉक्टर भी गर्भनाल को छूने या उस पर किसी भी तरह के एंटिसेप्टिक का प्रयोग करने से मना करते हैं।

 

5) कवर न करें (Don’t cover it)
गर्भनाल को कभी की कवर न कर के रखें खास कर डाइपर से। नवजात शिशु को ऐसे डायपर न पहनाएं जिन्हे गर्भनाल के ऊपर पहनाना पड़े। अगर आप कपड़े के डाइपर या अन्य कपड़े पहना रहे हैं तब भी इस बात का ध्यान रखें कि गर्भनाल डायपर से न ढके। अगर डाइपर गर्भनाल के ऊपर आ रहा हो तो उसे फोल्ड कर दें। ऐसा करने से बार बार डायपर के सम्पर्क में आने से गर्भनाल को हानि हो सकती है। न्यूबॉर्न बच्चों के लिए आजकल मार्केट में स्पेशल डायपर भी मिलते हैं।

 

6) कॉटन का प्रयोग करें (Use Cotton)
शिशु की गर्भनाल को साफ़ करने के लिए कॉटन का प्रयोग करें। एक और बात बच्चे की गर्भनाल साफ करने के लिए टिश्यू पेपर का कभी प्रयोग ना करें यह स्किन को नुकसान पहुंचा सकता है। आप चाहे तो कॉटन वाइप्स का प्रयोग कर सकते हैं जो मार्केट में आसानी से मौजूद होते हैं।

 

कब रहें सतर्क

अगर गर्भनाल के आसपास सूजन आ रही हो, गर्भनाल से किसी प्रकार का पानी या पस आ रहा हो अथवा यहां से तीखी गंध आ रही हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

गर्भनाल (Umbilical Stump in Hindi) शिशु की लाइफलाइन होती है क्योंकि इससे बच्चे की मेडिकल हिस्ट्री और कई अन्य बिमारियों के बारे में जाना जा सकता है और बड़े होने पर अगर बच्चे को कोई बीमारी होती है तो इसकी सहायता से इलाज़ में आसानी होती है इसलिए आजकल शिशु की गर्भनाल को संभाल कर रखा जाता है। गर्भनाल पर अगर सही ध्यान दिया जाए और कोई समस्या न हो तो अधिकतर बच्चों की गर्भनाल प्राकृतिक रूप से कुछ दिनों में सुख जाती है।

 

(यह जानकारी जॉनसन एंड जॉनसन द्वारा प्रायोजित है।)

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