बच्चों को गणित का कौशल सिखाने की 5 आसान ट्रिक्स

बच्चों को गणित का कौशल सिखाने की 5 आसान ट्रिक्स

आज के दौर को प्रतिस्पर्धा का युग भी कहा जा सकता है, ऐसे में हर माता-पिता की यही इच्छा होती है कि उनका बच्चा हर चीज़ में आगे रहे फिर वो चाहे शिक्षा हो या कोई अन्य गतिविधि। एक ज़माना था जब बच्चे 5 या 6 साल की उम्र के बाद स्कूल जाना शुरू किया करते थे लेकिन आज यह उम्र घट कर दो से तीन साल हो गयी है। जहाँ बात आजकल के बच्चों की आती है तो आज के बच्चे, पहले की पीढ़ी के बच्चों के मुकाबले बहुत अधिक स्मार्ट हैं। मुझे याद है जब हम स्कूल जाया करते थे तब गणित यानी मैथ हमारा सबसे मुश्किल विषय हुआ करता था। गणित की कक्षा में सब थरथर कांपते थे और गणित के सवालों के आगे कक्षा के सबसे होशियार विद्यार्थी भी असहाय महसूस करते थे किंतु बाद में समझ में आया कि अगर गणित में रूचि हो और उसे अच्छे से पढ़ा और पढाया जाए तो यह सबसे आसान विषय बन सकता है। तो आइयें बच्चों को गणित के कौशल को सिखाने के तरीके (Tricks for Teaching Mathematics to Kids) जानें।

 

इससे मुझे एक कहावत भी याद आती है कि “अगर नींव मजबूत हो तो इमारत भी मजबूत बनती है”। ऐसे ही अगर बच्चों को छोटी उम्र में ही गणित का सही ज्ञान दिया जाए तो बड़े हो कर वो हमारी तरह नहीं गणित से नहीं डरेंगे और न ही उन्हें कोई समस्या होगी। आप भी बहुत ही आसान तरीकों से अपने तीन से पांच साल की उम्र के बच्चे के गणित के कौशल को बढ़ा सकते हैं।

 

3-5 साल की उम्र के बच्चों को गणित के कौशल पढ़ाने के लिए कुछ बेहतरीन तरीके (Tricks for Teaching Mathematics to Kids in Hindi)

खेल (Games)
छोटे बच्चों का दिमाग कच्ची मिट्टी की तरह होता है, इसे आप जैसा आकार देंगे वैसे ही आकृति में वो ढल जाएगा। तीन से लेकर पांच साल तक के बच्चों में कुछ नया और अलग सीखने की उत्सुकता बहुत अधिक होती है। ऐसे में आप खेल-खेल में बच्चे को गणित का ज्ञान दे सकते हैं ताकि बच्चा न केवल उससे सीखे बल्कि उसका पूरा आनंद भी ले। इसलिए बच्चे को खेल-खेल में गणित सिखाने की कोशिश करें।

 

जैसे खिलौनों को एक कतार में रख दें, उसके बाद बच्चे को उन खिलौनों को गिनने के लिए कहें। अगर बच्चा बहुत ही छोटा है तो उसे गिनती सिखाने की शुरुआत भी यहीं से कर सकते हैं। छोटे बच्चों को पहले दस तक गिनती सीखाएं, उसके बाद उन्हें कुछ चॉकलेट या टॉफियां आदि दे कर चीज़ें गिनना सीखाएं। इसी तरीके से आप उन्हें जोड़ना और घटाना भी सिखा सकती हैं। आकृतियों का ज्ञान, आरोही और अवरोही क्रम में संख्याओं को लिखना आदि इस उम्र के बच्चों के लिए थोड़ी मुश्किल हो सकती हैं लेकिन खेलों के ज़रिये आप उन्हें आसानी से यह सब सिखा सकती हैं। लूडो और मोनोपोली भी कुछ ऐसे खेल है जो बच्चों की गणित में दिलचस्पी को बढ़ा सकती हैं।

इंटरनेट (Internet)
इंटरनेट ने आजकल जीवन बहुत आसान कर दिया है। छोटे छोटे बच्चे मोबाइल और कंप्यूटर का प्रयोग करना बखूबी जानते हैं। यही नहीं मोबाइल या कंप्यूटर आदि पर खेम खेलना या वीडियो देखना उनकी दिनचर्या का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। बच्चे की इन्ही आदतों का प्रयोग उनके लाभ के लिए करें। इंटरनेट को आप अपने बच्चे में गणित के कौशल को बढ़ाने में प्रयोग कर सकते हैं। इंटरनेट पर आपको ऐसी कई कवितायें और कहानियां मिल जाएंगी जिनके साथ बच्चे गिनती या गणित से संबंधित अन्य चीज़ों को सीख सकते हैं। कविताओं और कहानियों के माध्यम से बच्चे जल्दी सीख भी जाएंगे और एक बार सीखी हुई कहानी या कविता उन्हें पूरी उम्र नहीं भूलेगी। इंटरनेट पर मौजूद गेम्स भी बच्चों को गणित की तरफ आकर्षित कर सकती है और उन्हें रोचक ज्ञान प्रदान कर सकती है।

 

आउटडोर गतिविधियाँ (Outdoor Activities)
घर के अंदर ही नहीं बल्कि घर के बाहर मौजूद चीज़ें भी बच्चे में गणित के कौशल बढ़ाने में मददगार हो सकती हैं। घर के बाहर अगर कोई पेड़ है तो उस पर कितने फल लगे हैं, बच्चे को उन्हें गिनने को कहें और खुद भी उसकी मदद करें। कुछ लकड़ी के डंडों को इकट्ठा कर के बच्चे को उन्हें उनके आकार के अनुसार एक पंक्ति में लगाने को बोले। ऐसे ही ज़मीन पर कुछ अंको को लिख कर बच्चे को उनकी पहचान करने के लिए भी कह सकते हैं। बच्चे इन गतिविधियों में अवश्य भाग लेंगे।

 

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दिन का हिस्सा बनाएं (Make it the part of the day)
गणित को अपने और अपने बच्चे के दिन का महत्वपूर्ण हिस्सा बना कर आप उनका कौशल बढ़ा सकती हैं। शॉपिंग वाली जगह पर भी आप बच्चे को बहुत कुछ सिखा सकती हैं। जैसे बच्चे को पांच बिस्कुट या ऐसे ही अन्य चीज़ों को लाने के लिए कहें ऐसे वो चीज़ों को गिनना सीखेंगे। उन्हें हिसाब करने के लिए कहें कि अगर दस रुपए में पांच टॉफियां आती हैं तो दो रुपए में कितनी आएँगी, इससे वो जोड़ना और घटाना सीखेंगे। ऐसे ही बोर्ड में कितने अंक लिखें हैं या गाड़ी के ऊपर कौन कौन से अंक हैं आदि गतिविधियाँ से भी बच्चों को गणित में व्यस्त रख सकते हैं। इस तरह से आप बच्चों को हिसाब-किताब भी सिखा सकते हैं।

 

प्रोत्साहित करें (Encourage Them)
हर किसी को प्रशंसा पसंद होती है ऐसे ही बच्चे भी अपनी तारीफ़ सुनकर खुश और प्रोत्साहित होते हैं इसलिए अपने बच्चे को हमेशा को गणित में अच्छा करने के लिए प्रोत्साहित करें। इसके लिए हर रोज़ नए नए तरीकों को अपनाएँ। खुद गाना गा कर,किसी कहानी के माध्यम से या जो भी स्रोत आपके पास हो उसका प्रयोग कर के बच्चे का ज्ञान बढ़ाने की कोशिश करें। जिस भी माध्यम से बच्चा गणित में रूचि ले, उसमे उसके लिए गणित सिखाने के तरीकों को खोजें। इसमें कोई शक नहीं कि इन तरीकों से आपकी हर कोशिश सफल होगी और आने वाले समय में आप अपने बच्चे में एक बेहतरीन गणितज्ञ को देखेंगी।

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