बढ़े हुए स्तनों को कम करने के घरेलू उपाय और योगा

बढ़े हुए स्तनों को कम करने के घरेलू उपाय और योगा

शरीर के अन्य अंगों की तरह स्तन भी महिलाओं की खूबसूरती का महत्वपूर्ण हिस्सा है। स्तनों का आकार न केवल महिला की खूबसूरती बल्कि उसके स्वास्थ्य को भी प्रभावित करता है। स्तनों के छोटे होने से महिला हीन भावना का शिकार हो सकती है तो वैसे ही अगर स्तन बड़े हों तो महिलाओं को कंधे में दर्द के साथ-साथ कई अन्य समस्याओं का भी सामना करना पड़ सकता है। लेकिन अपने ब्रेस्ट साइज़ (Breast Size) को बहुत ही आसानी से कम कर सकती है। तो आइयें जानते हैं कि स्तनों का आकार क्यों बढ़ता है और स्तनों या ब्रेस्ट को कम  (Stan Chota Karne ka Upay) करने के आसान उपाय (Tips to Reduce Breast Size)।  

स्तनों का आकार बढ़ने के कारण (Reasons for Increasing Breast Size in Hindi)

महिलाओं के स्तनों के बढ़ने के कारण होते हैं। शरीर में एस्‍ट्रोजन का लेवल हाई हो जाने के कारण भी स्तनों के आकार में बदलाव आता है। स्तनों के बड़े होने के पीछे शिशु को स्तनपान कराना, मोटापा, कोई बीमारी, असंतुलित खान-पान आदि कई कारण हो सकते हैं। यह अनुवांशिक भी हो सकता है। स्तनों का आकार बढ़ने के मुख्य कारणः
  • एस्ट्रोजन का अधिक होना
  • ज्यादा समय तक स्तनपान करवाना
  • हार्मोनल बदलाव
  • मोटापा
  • अनुवांशिक  
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बढ़े हुए स्तनों का आकार कम करने के उपाय (Tips to Reduce Breast Size in Hindi)

#1. स्तनों की मालिश (Breast Massage)

स्तनों की मालिश से स्तनों के टिशू में जमी वसा या फैट कम हो जाती है जिससे ब्रेस्ट साइज कम होता है। मालिश करने के लिए कोई भी तेल लें जैसे नारियल का तेल और उसे हल्का गर्म कर लें। अब इस तेल से अपने स्तनों पर गोलाकार दिशा में मालिश करें। रोजाना या एक दिन छोड़ कर मालिश करने से आपको अच्छे परिणाम मिलेंगे।

#2. पौष्टिक आहार (Nutritious Food)

अपने आहार में पौष्टिक तत्वों को शामिल करके भी स्तनों का आकार बढ़ता है। अगर आपके आहार में आवश्यकता से ज्यादा कैलोरी होती है तो इससे भी स्तनों का आकार बढ़ने लगता है। कोशिश करें कि आपके आहार में कैलोरी की मात्रा कम या जरूरत के अनुसार ही हो। अपने आहार में फल, सब्जियों को शामिल करें और वसा का कम से कम सेवन करें। जंक फूड, ज्यादा चीनी वाला खाना, सॉफ़्ट ड्रिंक और तला भुना खाने से दूर रहें।

#3. ग्रीन टी (Green Tea)

अगर पूरे शरीर का आकार कम होगा तो स्तनों का भी आकार कम होगा। शरीर का वजन कम करने में ग्रीन टी बहुत ही सहायक होती है। ग्रीन टी के नियमित सेवन से स्तनों की चर्बी भी कम होगी। दिन में ग्रीन टी को दो या तीन बाद पीने से शीघ्र ही लाभ होगा। यहां ध्यान दें कि ग्रीन टी ना सिर्फ ब्रेस्ट साइज कम करने में सहायक होता है बल्कि पूरे शरीर से भी फैट को कम करता है। नोटः ग्रीन टी शरीर के मैटाबॉलिज्म रेट यानि जिस रफ्तार से फैट कम होता है उसे बढ़ा देता है।  

#4. मेथी (Fenugreek)

मेथी एक ऐसा मसाला है जो हर घर की रसोई में आसानी से उपलब्ध है। स्तनों का आकार कम करने में मेथी भी सहायक है। रात भर दो से तीन चम्मच मेथी के दानों को पानी में भिगो कर रखें। इसके बाद पानी डाल कर इसका पेस्ट बना लें। अब इस पेस्ट को अपने स्तनों पर लगा कर इसे सूखने दें और उसके बाद धो लें।

#5. अदरक (Ginger)

अदरक के सेवन से मेटाबोलिज्म बढ़ता है जिससे शरीर और स्तनों में जमा वसा कम होने लगती है। थोड़े से पानी में अदरक को डालकर पानी को उबलने दें। अब इसे छान कर गिलास में डाल दें और उसमे शहद मिला लें। इस मिश्रण को दिन में दो से तीन बार पीने से आपको जल्द ही फायदा मिलेगा। इसे भी पढ़ेंः Tips for Glowing Skin

#6. नीम (Neem)

गर्भावस्था के बाद स्तनपान के कारण स्तनों का आकर बड़ा हो जाता है। इस स्थिति में हल्दी इस सूजन को कम करने और स्तनों में जमी चर्बी व फैट को कम करने में सहायक सिद्ध होती है। पानी में नीम के कुछ पत्ते डाले और उन्हें उबलने दें। अब इस मिश्रण में हल्दी व शहद को मिक्स कर लें और इसके बाद पीएं।

#7. जॉगिंग और व्यायाम (Jogging and Exercise)

जॉगिंग और व्यायाम करने से न केवल आप फिट रहेंगी बल्कि इसका आपके स्तनों के आकार पर भी प्रभाव पड़ता है। इससे शरीर में जमी वसा भी कम होगी। इसके लिए रोज़ जॉगिंग करें, तैराकी करें, सीढ़ियां चढ़ें, पुश उप करें, साइकिल चलाएं, इससे आपका वजन कम होगा और इसके साथ ही स्तनों का आकार भी कम होगा।

#8. स्पेशल और उपयुक्त ब्रा का चुनाव (Choose Perfect bra)

गलत ब्रा पहनने से भी स्तनों के साइज में प्रभाव पड़ता है यही नहीं यह स्तनों की बीमारियों का भी कारण बन सकता है। अपने स्तनों के लिए सही साइज और आरामदायक ब्रा का चुनाव करें। बाजार में कई तरह की ब्रा उपलब्ध है जो स्तनों को सही सपोर्ट देती हैं। अगर आप शिशु को दूध पिला रही हैं, तब भी आपके आराम के लिए हर तरह की उपयुक्त ब्रा बाजार में उपलब्ध हैं।

#9. धूम्रपान से दूर रहें (Quit Smoking)

ध्रूमपान के सेवन से बचें, जो स्वास्थ्य के लिये एवं आपकी त्वचा के लिये काफी हानिकारक होता है। इसके साथ ही अल्कोहल से भी दूर रहें। अपने शरीर का वजन बढ़ने न दें और अपने कंधों को आगे की तरफ झुका कर न बैठे। इन तरीकों से भी आपको अपने स्तनों का साइज कम करने में सहायता मिलेगी।

#10. अलसी (Flaxseeds to Reduce Breast Size)

स्तनों का आकार बढ़ने का एक मुख्य कारण एस्ट्रोजन का लेवल बढ़ना भी होता है। अलसी के बीज एस्ट्रोजन के स्तर को बढ़ने से रोकते हैं। यह स्तनों की चर्बी कम करने में काफी सहायक सिद्ध होता है।
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स्तनों का आकार कम करने के लिए योगा (Yoga to Control Breast Size)

योग स्वास्थ्य के लिए और बीमारियों को दूर करने का सबसे अच्छा तरीका है। स्तनों को सही शेप देने और उनके साइज को कम करने में योग बहुत उपयोगी है। स्तनों को कम करने के लिए प्राणायाम अर्ध चंद्रासना व मंडूकासन बहुत ही लाभकारी हैं खास कर अर्ध चंद्रासन।   अर्ध चंद्रासन अर्ध चंद्रासन करने के लिए अपने हाथों की मुट्ठियों को बंद कर लें। अपनी हथेलियों को एक साथ मिला लें। अब अपने शरीर ऊपर की और खींचे और इसके साथ ही कंधों को इस तरह से ऊपर करें कि वो आपके कान छुए। गहरी साँस लेकर अपने शरीर को ऊपर की और खींचे, बस ध्यान रहे कि ऐसा आप कूल्हों के सहारे करें, इसके साथ ही अपने घुटनों को भी मोड़ लें। इस आसान को बार-बार लगभग दो से तीन मिनटों तक दोहराएं।  

सेतुबंधासन

सेतुबंधासन भी स्तनों का आकार कम करने में काफी सहायक होता है। प्रेगनेंसी के बाद अगर आपकी ब्रेस्ट का साइज बढ़ गया है तो आपको यह जरूर आजमाना चाहिए। सेतुबंधासन करने की विधि सेतुबंधासन को करने के लिए आप सबसे पहले पीठ के बल लेट जाएं, दोनों बाजूओं को सीधा रखें। हथेली जमीन से सटाकर रखी होनी चाहिए। अब दोनों पैरों के घुटने मोड़ें ताकि पैर के तलवे जमीन से लग जाएं। यह सेतुबंधासन की प्रारंभिक स्थिति है। इसके बाद सांस भरें, कुछ पल के लिए सांस रोकें और धीरे-धीरे कमर को जमीन से ऊपर उठाएं। कमर को इतना ऊपर उठाएं कि छाती ठुड्डी को छूने लगे। साथ ही बाजुओं को कोहनी से मोड़ें और हथेलियों को कमर से नीचे लगाकर रखें। उंगलियों का रुख बाहर की तरफ रहना चाहिए। अब यहां आपको दस मिनट तक इसी अवस्था में रहना है। इसे कम से कम पांच बार करें।   पुश अप्स पुश अप्स करने से भी स्तनों का आकार कम होता है। दरअसल पुश अप्स करने से स्तनों में कसाव आता है। इससे लटके हुए व बेजान स्तन टाइट होते हैं। इसे कम से कम सात से दस बार अवश्य करना चाहिए। यह ना सिर्फ ब्रेस्ट साइज़ को कम करता है बल्कि लटके हुए पेट को भी कम करने में मदद करता है।    

क्यों जरूरी है स्तनों का आकार कम करना (Reasons to Reduce Breast Size)

#1. खूबसूरती (Beauty)

स्तनों का छोटा या बड़ा होना महिला की खूबसूरती को बिगाड़ सकता है। अगर स्तन अधिक बड़े हों तो महिला अपने पसंद के कपड़े नहीं पहन पाती। इसके साथ ही उसे असुविधा होती है। अधिक बड़े स्तन भद्दे भी लगते है जिसके कारण उसकी सुंदरता में असर पड़ता है। ऐसे में स्तनों को कम करना बेहद आवश्यक है ताकि वो सामान्य आकार में आ सके और आप और भी खूबसूरत दिखें।

#2. स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याएं (Health Problems)

ऐसा माना गया है कि स्तनों का बड़ा होना महिला के स्वास्थ्य को भी प्रभावित करता है। इससे कंधे और रीढ़ की हड्डी में दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इन स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं को दूर करने के लिए स्तनों को कम करना बेहद आवश्यक है।

#3. स्तन कैंसर (Breast Cancer)

स्तनों का बड़ा होना कई खतरों का कारण भी हो सकता है। अगर स्तनों का आकर बड़ा है तो हो सकता है कि उसमे गांठें हों। जिस कारण कई बार स्तन कैंसर जैसी समस्याओं के होने का खतरा भी बढ़ जाता है। इसे भी पढ़ेंः Post Pregnacy Weight Loss Tips स्तनों का आकार कम (Stan Kam karane ke upay) करने के लिए इन घरेलू उपायों के अलावा अपने लाइफस्टाइल को भी बदले क्योंकि हेल्थी लाइफस्टाइल से आपका पूरा व्यक्तित्व बदल सकता है। इसके साथ ही अपने खाने पीने का खास ध्यान रखें। स्तनपान कराने वाली स्त्रियों के स्तनों के आकार में इस दौरान परिवर्तन आता रहता है लेकिन थोड़े से परिवर्तन से वो इन्हे पहले के आकार में ला सकती हैं। क्या आप एक माँ के रूप में अन्य माताओं से शब्दों या तस्वीरों के माध्यम से अपने अनुभव बांटना चाहती हैं? अगर हाँ, तो माताओं के संयुक्त संगठन का हिस्सा बने। यहाँ क्लिक करें और हम आपसे संपर्क करेंगे।

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