सर्दियों में डिलीवरी होने पर इन 7 बातों का अवश्य ध्यान रखें

सर्दियों में डिलीवरी होने पर इन 7 बातों का अवश्य ध्यान रखें

ठंड का मौसम अधिकतर लोगों का पसंदीदा होता है लेकिन सर्दियां अपने साथ लेकर आती हैं सेहत से जुडी कई समस्याएं जैसे सर्दी-जुकाम, खांसी और रूखी व फटी त्वचा आदि। नयी माताओं के लिए पहली सर्दी और भी मुश्किल हो सकती है क्योंकि प्रसव के बाद महिला का शरीर और इम्यूनिटी बेहद कमजोर हो जाती है और शिशु की देखरेख का दायित्व भी माँ के कन्धों पर ही होता है। ऐसे में अगर माँ अपना ध्यान न रखें तो आगे चलकर परेशानियां बढ़ सकती हैं। अगर माँ ही अपना ध्यान नहीं रखेगी और बीमार पड़ जाएगी तो छोटे शिशु का ध्यान कौन रखेगा क्योंकि नवजात शिशु पूरी तरह से अपनी माँ पर निर्भर होता है। इस दौरान माँ अगर बीमार पड़ती है तो उसका प्रभाव उसके बच्चे पर भी पड़ता है इसलिए डिलीवरी के बाद सर्दियों में खुद को ठंड से बचाना और अपना ध्यान रखना बेहद आवश्यक है। जानिए कुछ ऐसे ही तरीके (Tips For Mothers During Winter) जिससे आप न केवल ठंड से बच सकती हैं बल्कि जीवन के नए पड़ाव का भी मज़ा ले सकती हैं।  

सर्दियों में डिलीवरी होने पर यह रखें ध्यान (Tips For Mothers During Winter in Hindi)

#1. गर्म कपड़े पहनें (Wear warm clothes) मुझे याद है हमारे घरों में बड़ी-बूढ़ी औरतें नयी माँ को हमेशा ढक कर रहने और हवा न लगने देने की सलाह दिया करती हैं। हालाँकि उनकी यह सलाह सर्दियों के लिए ही नहीं बल्कि गर्मी के मौसम के लिए भी होती है। उनके अनुसार किसी भी मौसम में प्रसव के बाद माँ को हवा या ठंड के सम्पर्क में नहीं आना चाहिए। ऐसा करना उसके और शिशु दोनों के लिए हानिकारक हो सकता है। इसे भी पढ़ेंः प्रेगनेंसी के बाद मोटापा कम करने वाला डाइट चार्ट

सर्दी के मौसम में शिशु को ही नहीं बल्कि नयी माँ को भी पूरी तरह से ढक कर और गर्म कपड़े पहन कर रहना चाहिए ताकि वह सर्दी के प्रभाव से बचे और अपने शिशु को भी बचा सके। डिलीवरी के बाद सर्दी के मौसम में जितना हो सके घर में ही रहें और अगर अधिक ठंड हैं तो कमरे को गर्म रखने के उपाय करें। ऐसे करने से आप और आपका बच्चा दोनों सर्दी में सुरक्षित रहेंगे। ठंडी या तेज़ हवा वाले स्थान में न जाएँ। बाहर जाते समय गर्म और आरामदायक कपड़े पहने। अपने पैरों और सिर को सर्दी से बचाने के लिए जुराबों या स्कार्फ़ का प्रयोग करें। #2. तेल मालिश (Oil Massage After Baby Birth) तेल मालिश न केवल शिशु बल्कि नयी माँ के लिए भी बहुत आवश्यक है। इससे माँ का शरीर मजबूत बनता है और मांसपेशियों में रक्त संचार भी बेहतर तरीके से होता है। रोज़ गुनगुने पानी से नहाने के बाद शरीर की हल्के गर्म तेल के साथ मालिश करें। अगर आपका प्रसव सिजेरियन हुआ है तो आप डॉक्टर की सलाह लें व उसके बाद मालिश कराएं। #3. पौष्टिक आहार (Nutritious Food after Delivery) पौष्टिक आहार से नयी माँ न केवल तंदुरूस्त बनेगी बल्कि उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ेगी। सर्दी के मौसम में उपलब्ध मौसमी सब्जियों का सेवन करें जैसे मेथी, पालक, चुकंदर आदि ताकि आपको पूरे पोषक तत्व प्राप्त हों। सर्दियों में मेवे खाना न भूलें इससे भी आपको लाभ होगा। सर्दियों में हुए प्रसव के लिए बहुत जरूरी है कि आप अधिक मसाले वाले या घी, तेल से भरे आहार का सेवा ना करें क्योंकि इन्हे पचाना मुश्किल हो सकता है और इससे आपको स्वास्थ्य संबंधी कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है जिसका प्रभाव शिशु पर भी पड़ेगा। इसे भी पढ़ेंः डिलीवरी के बाद पेट की चर्बी घटाने के 10 उपाय

#4. गर्म पानी का प्रयोग (Use of Warm Water) प्रसव चाहे समान्य हुआ हो या सिजेरियन सर्दियों में नयी माँ को केवल गर्म पानी का ही प्रयोग करना चाहिए । प्रसव के बाद गर्भवती माँ को पेट और निचले भाग को सेक देने के लिए कहा जाता है ताकि दर्द से छुटकारा मिल सके और अधिकतर मामलों में सामान्य प्रसव में नीचे वाले भाग में टांके भी लगते हैं। गर्म पानी में सेक देने से टांकों को ठीक होने में मदद मिलती है। इसके साथ ही प्रसव के बाद सर्दियों में न तो ठंडा पानी पियें न ही उससे नहाएं। पीने और नहाने के लिए गुनगुने पानी का इस्तेमाल करें। #5. संक्रमित लोगों से दूर रहें (Stay Away from Infection) सर्दी के मौसम में सर्दी-जुकाम और खांसी होना बहुत ही सामान्य है लेकिन नई माँ और शिशु का इन रोगों से दूर रहना जरूरी है। नई माँ और शिशु की इम्युनिटी कमजोर होने के कारण उन्हें सर्दी-जुकाम या बुखार होने की संभावना बहुत अधिक होती है। ऐसे में अन्य सावधानियां बरतने के साथ-साथ ऐसे लोगों के सम्पर्क में भी न आएं जो संक्रमित हों। संक्रमित लोगों को उस कमरे में ना आने दें जहाँ आप और आपका शिशु हो। अगर आपको सर्दी-जुकाम या कोई अन्य संक्रमण हो भी जाता है तो डॉक्टर की सलाह के बिना कोई भी दवाई न लें। अपने हाथों को साफ रखें और धोएं ताकि आप और आपका शिशु फ्लू या सर्दी खांसी-जुकाम आदि से दूर रहे। #6. ज्यादा पानी पियें (Stay Hydrated) सर्दी के मौसम में त्वचा शीघ्र ही रूखी और बेजान हो जाती है, जिससे खुजली होना या त्वचा का फट जाना जैसी समस्याएं होने की संभावना बढ़ जाती हैं। प्रसव के बाद यह समस्या और भी बढ़ सकती है, इस परेशानी से बचने के लिए जितना अधिक हो सके पानी पियें लेकिन ध्यान रखे कि यह पानी गर्म हो, इसके साथ ही अपने शरीर पर अच्छे मॉइश्चराइज का प्रयोग करें। #7. व्यायाम (Exercise) सर्दियों का मौसम है या नया प्रसव (Delivery) हुआ है इस बात का बहाना बना कर आराम ही न करती रहें। अगर आप गर्भावस्था के बाद फिट रहना चाहती हैं तो सर्दियों में भी नियमित रूप से व्यायाम करें या योग करें। लेकिन यह व्यायाम ऐसा होना चाहिए ताकि आपको कोई समस्या न हो। इससे आप न केवल स्वस्थ जल्दी होंगी बल्कि गर्भावस्था में बढ़ा हुआ आपका वजन भी धीरे धीरे कम हो जाएगा। इसे भी पढ़ेंः सी-सेक्शन डिलीवरी के बाद ये 10 सावधानिया जरूर बरते क्या आप एक माँ के रूप में अन्य माताओं से शब्दों या तस्वीरों के माध्यम से अपने अनुभव बांटना चाहती हैं? अगर हाँ, तो माताओं के संयुक्त संगठन का हिस्सा बने। यहाँ क्लिक करें और हम आपसे संपर्क करेंगे।

null