नवजात बच्चों की रुखी त्वचा को दूर करने के 5 आसान उपाय

नवजात बच्चों की रुखी त्वचा को दूर करने के 5 आसान उपाय

नवजात बच्चों की मासूम त्वचा का वह पहला टच शायद ही कोई भूल पाता होगा। यह वह अहसास होता है जो किसी दूसरे स्पर्श में नहीं होता। मलमल सी मुलायम, रूई सी नरम और जादू जैसे अहसास बच्चों के त्वचा का अहसास शायद कुछ ऐसा ही होता है। उनकी नाजुक उंगुलियों का स्पर्श एक मां को दुनिया के सारे दर्दों से निजात दिला देता है। इस कोमल त्वचा और अहसास को शायद ही कोई खोना चाहे लेकिन यह भी सच है कि अगर इस नाजुक त्वचा का अगर ख्याल ना रखें तो उससे वह जादू खत्म हो जाता है।   नवजात शिशुओं बच्चों की त्वचा बेहद नाजुक और संवेदनशील होती है। यह हवा या बाहरी तत्वों की मौजोदगी में बड़ों के मुकाबले दोगुनी तेजी से अपनी नमी खो देती है। ऐसे में इस कोमल त्वचा की प्राकृतिक कोमलता बनाये रखना बेहद मुश्किल हो जाता है।   हर माता-पिता शिशु की रूखी त्वचा को कैसे कोमल बनाये, इस बारे में जानने के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं। आज हम अपने अनुभव और जानकारी के पिटारे से ऐसे ही कुछ आसान टिप्स आपके लिए ले कर आएं हैं। जानिए कुछ आसान तरीकों के बारे में जिन्हें अपनाकर आप नवजात शिशु की त्वचा का रूखापन दूर कर सकते हैं।  

नवजात बच्चों की रुखी त्वचा को कैसे करें दूर: 5 टिप्स (Tips for Infants Dry Skin in Hindi)

1) शिशु को नहलाना (Baby Bathing) बच्चे को अधिक देर तक पानी में ना रखें वरना वह अपनी नमी खो सकता है। अधिक देर पानी में रहने से शिशु की त्वचा में मौजूद प्राकृतिक तेल और नमी भी निकल जाती है, इससे उसकी त्वचा में रूखापन आ सकता है इसलिए उसके नहलाने का समय दस मिनट ही रखें। ठंड के मौसम में हो सके तो शिशु को रोज़ाना न नहलाएं। लेकिन अगर नहाना शिशु की दिनचर्या का हिस्सा है तो ध्यान रहे कि शिशु को गर्म पानी की जगह हलके गर्म पानी से नहलाएं। इसके साथ ही ऐसा बेबी सॉप इस्तेमाल करें जो कैमिकल फ्री और जेंटल हो जैसे जॉनसन बेबी सॉप और बॉडी वॉश। बच्चों की स्किन आम साबुन के कैमिकल्स को झेलने के लिए नहीं बनी होती।   2) मालिश (Massage) मालिश को शिशु की दिनचर्या का महत्वपूर्ण भाग बना लें। दिन में दो या तीन बार शिशु की मालिश करें। मालिश से तेल अच्छे से शिशु के शरीर में समा जाता है, जिससे शिशु के शरीर में नमी की कमी नहीं होती। मालिश करने के लिए अच्छे तेल का प्रयोग करें। यहां भी ध्यान रहे शिशु के लिए प्रयोग होने वाला तेल केमिकल युक्त या सुगन्धित न हो क्योंकि इससे शिशु को एलर्जी या खुजली हो सकती है।   3) मॉश्चराइजर (Moisturize) शिशु की त्वचा को मॉश्चराइज करने के लिए अच्छे मॉश्चराइजर का प्रयोग करें। ध्यान रखें कि यह पेराबेंस और डाई फ्री हो। आप मॉश्चराइजर के स्थान पर दूध या प्राकृतिक लेप का भी प्रयोग कर सकते हैं। हालांकि घरेलू उपाय कई बार बच्चों की स्किन को सूट नहीं करते। इस बात का विशेष ध्यान रखें कि अगर बच्चे को किसी लेप या तेल से एलर्जी हो तो वह प्रयोग ना करें।   4) ह्यूमिडिफायर का प्रयोग करें (Use Humidifier) घर की हवा बच्चों की स्किन को ड्राई करने की बहुत बड़ी जिम्मेदार होती है। अपने घर की एअर कंडिशनिंग यानी तापमान का संतुलन बनाये रखने के लिए ह्यूमिडिफायर का प्रयोग करे। ह्यूमिडिफायर कमरे में शुष्क हवा को थोड़ा नम बना देता है। इससे शिशु की त्वचा खुश्क नहीं होती है। ह्यूमिडिफायर बच्चे की सर्दी-खांसी भी कंट्रोल रखता है।   5) शिशु को हाइड्रेट रखें (Keep the baby hydrated) शिशु की त्वचा को नमी की आवश्यकता होती है और अगर शिशु को आप हाइड्रेट रखेंगे तो उसकी त्वचा भी रूखी नहीं होगी। शिशु की त्वचा में नमी की मात्रा को बनाए रखने के लिए माँ का दूध भी लाभदायक साबित होता है। स्तनपान कराने से न केवल शिशु की त्वचा का पोषण होगा बल्कि वो कोमल भी बनेगी। नवजात शिशु के लिए धुप बेहद आवश्यक है। धूप से भी शिशु की त्वचा का रूखापन दूर होता है। सर्दियों में धूप में शिशु को लिटाएं इससे उसकी त्वचा नरम, कोमल और खिली-खिली नजर आएगी। हालांकि सीधी धूप में भी बच्चे को अधिक देर ना रखें।   इसके अलावा बच्चे की कोमल त्वचा को रूखी होने से बचाने के लिए मां को भी अधिक से अधिक पानी पीना चाहिए। बच्चों को ऐसे कपड़े ना पहनाएं जो उनकी स्किन को नुकसान पहुंचाएं। न्यूबॉर्न बच्चों के प्रोड्क्ट्स लेते हुए यह ध्यान रखें कि उसमें ऐसे एजेंट्स ना हो जो स्किन को ड्राई करें।   (यह जानकारी जॉनसन एंड जॉनसन द्वारा प्रायोजित है।)

null

null