शिशु में सूखी खांसी को दूर करने के 10 घरेलू उपाय

शिशु में सूखी खांसी को दूर करने के 10 घरेलू उपाय

हमारे देश में कई तरह के मौसम आते जाते रहते हैं और उनमें से एक मौसम है सर्दियों का। इस मौसम में बच्चों का ज्यादा ध्यान रखने की आवश्यकता होती है क्योंकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है जिससे उन्हें विभिन्न तरह के संक्रमण होने का खतरा बना रहता है और उन्हीं में से एक संक्रमण है खांसी। खांसी कई प्रकार की होती है जैसे कि गीली खांसी, काली खांसी या फिर सूखी खांसी। सूखी खांसी में बच्चों को बहुत ज्यादा तकलीफ होती है क्योंकि इसमें उन्हें बलगम नहीं बनता है व गले में रुक-रुक कर दर्द होता है। यह सबसे ज्यादा नवजात बच्चों को प्रभावित करती है और नवजात शिशु तो बोल कर कह भी नहीं सकते कि उनके गले में कितना दर्द हो रहा है। सूखी खांसी (Sukhi Khansi) बच्चों में रुक-रुक कर आती है। इसमें आप दवाइयों का प्रयोग ना करके घरेलू उपाय (Home Remedies for Dry Cough) अपनाएंगे तो वह ज्यादा फायदेमंद रहेगा।

 

शिशु में सूखी खांसी के लिए घरेलू उपाय (Home Remedies for Dry Cough in Hindi)

#1. स्तनपान करवाएं (Breastfeeding)

आपका बच्चा स्तनपान करने वाला है तो आपको अपने बच्चे को स्तनपान अवश्य करवना चाहिए क्योंकि मां के दूध में ऐसे एंटीबॉडीज होते हैं जो वायरस और बैक्टीरिया से लड़ने के लिए बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं। इससे शिशु को गले की खराश से भी राहत मिलती है। छह माह से छोटे बच्चों के लिए मां का दूध ही सबसे बड़ा रोग प्रतिरोधक आहार होता है।

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#2. गर्म तरल पदार्थ बच्चों को पिलाये (Feed warm liquid things)

गर्म तरल पदार्थ लेने से बच्चों को गले के दर्द से थोड़ा आराम मिलता है और उनके गले का सूखापन भी कम होने लगता है। इसके लिए आप उन्हें फल और सब्जियों का सूप, प्यूरी या दाल का पानी दे सकती हैं। इसके अलावा आप चाहें तो अदरक को चाय में उबालकर गुनगुनी चाय भी दे सकती हैं।

 

#3. भाप देना (Steam)

सूखी खांसी में भाप लेना आरामदायक व सरल उपाय है। इसके लिए आप उसे भाप का स्नान दे सकती हैं। इसके लिए आप बाथरूम का गेट बंद करके, गर्म पानी का नल खोल दे और जब बाथरूम में भाप इकट्ठी हो जाए तो बच्चे को गोद में लेकर बैठ जाए। बाथरूम में इकट्ठी हुई भाप अपने आप ही बच्चे के शरीर में पहुंचकर उसे आराम दिलाएगी। ध्यान रखें कि अगर बच्चा असहज महसूस करे तो उसे बाथरूम से बाहर

 

#4. शहद (Honey)

प्राचीन काल से ही शहद को खासी के घरेलू उपचार के लिए प्रयोग किया जाता है। इसके लिए आप शहद में बराबर मात्रा में दालचीनी पाउडर मिलाकर बच्चे को दे। इससे तुरंत आराम मिलेगा। 1 वर्ष से ऊपर वाले बच्चों को आधा चम्मच शहद दूध में मिलाकर दिन में दो बार दिया जा सकता है। शहद बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाता है हालांकि एक वर्ष से छोटे बच्चों को शहद देने से बचना चाहिए।

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#5. तुलसी के पत्ते (Tulsi Leaves)

तुलसी के पत्ते में बहुत सारे औषधीय गुण पाए जाते हैं। इसके लिए आप अपने 2 साल के बच्चों को अगर सूखी खांसी है तो तुलसी के पत्तों को पानी या दूध में 1 घंटे के लिए भिगोकर रख दें और फिर उसे यह पीने के लिए दे।

 

#6. नारियल तेल से मालिश (Massage with coconut oil)

आधा कप नारियल तेल में एक प्याज, दो से तीन तुलसी के पत्ते और पान की बेल का तना मिलाकर गर्म करें। गर्म करने के बाद इसमें एक चुटकी कपूर भी मिला दे। अब इस गुनगुने तेल से अपने बच्चे की छाती, गर्दन और पूरे शरीर की मालिश करें। इससे उसको सुखी खांसी की समस्या से बहुत आराम मिलेगा।

 

#7. जीरा का पानी (Cumin Water)

जीरा पाचन तंत्र व स्वास्थ्य के हिसाब से फायदेमंद होता है। वही छोटे बच्चों में होने वाली सूखी खांसी को भी ठीक करने का काम करता है। अगर थोड़े से पानी में एक चम्मच जीरा डालकर उबाल लें और जब यह अच्छे से उबल जाए तो इसे छानकर थोड़ा ठंडा करके अपने बच्चे को पीने के लिए दे। इससे भी सूखी खांसी की समस्या से राहत मिलती है।

 

#8. हल्दी (Turmeric)

हल्दी को बहुत से गुणों से भरपूर रसोई का मसाला माना जाता है क्योंकि यह खाने में स्वाद और रंग देने के साथ-साथ शरीर को रोगों से लड़ने के लिए भी तैयार करती है। भारतीय घरों में खांसी के लिए हल्दी का इस्तेमाल काफी लंबे समय से किया जाता है। इसके लिए आप हल्दी को पानी में मिलाकर इसका मिश्रण तैयार कर ले और फिर इसको किसी बड़ी चम्मच छोटी कटोरी में डाल थोड़ा गर्म कर ले। गर्म होने पर इससे शिशु की छाती, पैरों और माथे पर लगाएं। आप बच्चों को हल्दी वाला दूध पीने के लिए भी दे सकती है। इससे उनकी सूखी खांसी में सूखा पड़ा गला थोड़ा गीला हो जाएगा और इस समस्या से आराम मिलेगा।

 

#9. अजवायन (Ajwain)

आप अजवायन को हल्का सा गर्म करके इसकी एक पोटली बना ले। फिर इस पोटली को अपने नवजात शिशु के नाक के पास ले जाए जिससे उसकी सांसों के साथ इसकी महक उसके नाक में जाएगी। इसके अलावा आप सरसों के तेल में लहसुन और अजवाइन डालकर गर्म कर लें। हल्का गर्म तेल से आप शिशु के छाती और पैरों पर मालिश करें। अजवाइन के साथ-साथ लहसुन और सरसों के तेल का गर्म प्रभाव भी आपके शिशु की खांसी की समस्या से आराम देगा।

 

#10. शिशु को आराम करने दें (Rest)

ठंड के दिनों में जब आपके बच्चे को सर्दी, खांसी या जुकाम हो गया है तो आप उसे पूरा आराम करने के लिए दे। छोटे बच्चों के लिए सोने से बेहतर कोई दवा नहीं है। आराम करने से शिशु का इम्यून सिस्टम और मजबूत बनता है। सूखी खांसी होने पर आप अपने बच्चों का सिर थोड़ा ऊंचा रखें। आप इसके लिए छोटे तकिये का भी इस्तेमाल कर सकती है ताकि बच्चों को सांस लेने में कोई दिक्कत ना हो और वह आराम से सो सकें।

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अन्य जरुरी बातें (Other things to remember)

 

आप सुखी खांसी में अपने शिशु को फलों का रस बिल्कुल भी ना दे क्योंकि गले की खराश में यह और ज्यादा दिक्कत कर सकता है। अगर आपका शिशु 6 महीने से ऊपर का है तो कुछ सामान्य चीज़े आप घर पर ही बना कर दे सकती है जिससे बच्चों को खांसी में राहत मिलती है जैसे कि

  • नींबू का पेय: इसके लिए आप एक छोटे नींबू का रस निकालकर उसे एक गिलास पानी में मिलाएं। फिर इसमें एक चम्मच शहद मिलाकर दिन में तीन से चार बार अपने बच्चों को पीने को दे।
  • अदरक: अदरक का टुकड़ा छीन कर उसे बारीक काट लें। फिर इसे तीन गिलास पानी में 15 मिनट तक उबाले। इसे भी आप हर 2 घंटे में थोड़ा-थोड़ा करके अपने बच्चों को पिलाये।

 

सूखी खांसी की समस्या आमतौर पर ऊपर दिए गए घरेलू उपायों (Home Remedies for Dry Cough) से ठीक हो जाती है परंतु यदि यह सब करने के बाद भी अगर आपके शिशु को लगातार खांसी आ रही है और कोई आराम नहीं मिलता दिख रहा है या फिर उसके सांस लेने के पर कोई अलग आवाज निकलती है तो डॉक्टर की सलाह अवश्य लें। सूखी खांसी के साथ अगर बच्चों को सांस लेने में कठिनाई होती है और उसे भूख कम लगे तो यह अन्य बीमारियों के लक्षण भी हो सकते हैं।

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