ये 5 लक्षण होते है प्रेगनेंसी के संकेत

ये 5 लक्षण होते है प्रेगनेंसी के संकेत

वैसे तो आजकल आपको बाजार में बहुत सारे प्रोडक्ट मिल जाएंगे यह जानने के लिए कि आप गर्भवती है या नहीं लेकिन जब एक औरत गर्भधारण करती है यानी वह एक नए जीवन को इस दुनिया में लाने जा रही होती है तो उसके शरीर में कुछ मानसिक और शारीरिक बदलाव आते हैं। उन लक्ष्यों या संकेतों को देख कर भी आप पता लगा सकती हैं कि आपके गर्भाशय में गर्भ ठहरा है या नहीं। इन संकेतों में मासिक धर्म का बंद होना, आपके व्यवहार और मूड में बदलाव आना, जी मचलाना, थकान महसूस होना आदि होता है। यह सभी संकेत आपके गर्भ धारण करने की ओर इशारा करते हैं परंतु फिर भी आप इन संकेतों को पहचानने के बाद चेक करवा ले। हो सकता है जो संकेत (Signs of Pregnancy) आपको दिखाई दिए उनकी वजह कोई और हो।  

प्रेगनेंसी के 5 संकेत (5 Signs of Pregnancy in Hindi)

#1. मासिक धर्म का बंद होना (No Periods) मासिक धर्म का बंद होना गर्भधारण करने का सबसे पहला (Main Symptom or Signs of Pregnancy) लक्षण माना जाता है। वैसे तो कई बार मासिक धर्म बंद होने के कई अन्य कारण भी हो सकती हैं जैसे तनाव का बढ़ना, ज्यादा वजन बढ़ना या वजन का बहुत कम होना या कोई अन्य बीमारी की वजह से भी मासिक धर्म बंद हो जाते हैं परंतु यदि आप बिल्कुल स्वस्थ हैं और अगर सहवास के बाद आपका मासिक धर्म बंद होता है तो यह आपको गर्भधारण होने का संकेत देता है। कई बार मासिक धर्म में कुछ असामान्य बात भी नजर आने लगे तो वह भी गर्भधारण की ओर संकेत करती है। इसमें रक्तस्राव सामान्य मासिक धर्म की तरह ना होकर थोड़ा अलग किस्म का हो सकता है और यह आपको कभी भी हो सकता है। यह भी गर्भधारण करने के संकेत में से एक है। अगर आप में भी ऐसे बदलाव नजर आते हैं तो आप पूर्ण तसल्ली के लिए डॉक्टर से एक बार जांच जरूर करवा लें। Also Read: Essential Vaccination Chart for Babies  
#2. उल्टी आना और सारा दिन जी घबराना (Vomiting, Anxiety and Morning Sickness) सुबह उठते ही थकान सी महसूस होना (Morning Sickness), कमजोरी लगना या फिर जी मचलना, उल्टी आने को होना, यह सब गर्भवती होने के महत्वपूर्ण संकेत (Signs of Pregnancy) है। आमतौर पर यह लगभग सभी महिलाओं को जब वे गर्भवती होती हैं तो उन्हें इस दौर से गुजरना पड़ता है। कुछ महिलाओं में यह लक्षण 6 सप्ताह बाद दिखाई देने लगते हैं इसमें गर्भवती महिलाओं को उल्टी होना, उबकाई होना, बदहजमी होना या फिर कोई एक खास चीज की गंध चढ़ना जैसे किसी को आटे की गंध चढ़ती है तो किसी को दूध की। यह गर्भवती महिला के लिए सबसे मुश्किल वाला दौर होता है। यह जरूरी नहीं हैं कि यह उन्हें सुबह ही महसूस हो, यह तो दिन के किसी भी पहर में हो सकता है परंतु सुबह इसका असर गर्भवती महिलाओं में ज्यादा दिखाई देता है। इसके अलावा गर्भवती महिला को कोई चीज खाने या देखने का भी मन नहीं करता और कुछ ऐसी चीजें होती हैं जिनको वह बार-बार खाना पसंद करती हैं। गर्भवती महिला में किसी विशेष चीजें के प्रति बढ़ता आकर्षण भी उसका गर्भवती होने की ओर संकेत करता है। जब महिलाओं को ज्यादा चटकदार या ज्यादा खट्टा खाने का मन करे तो यह भी गर्भवती होने का संकेत है। ऐसे में महिलाएं अचार खाना बहुत पसंद करती हैं जिससे उनका मिचलाता मन भी थोड़ा ठीक हो जाता है।  

#3. स्तनों का भारी होना (Heavy Breasts is also a Symptom of Pregnancy) गर्भावस्था का यह भी एक महत्वपूर्ण लक्षण होता है। गर्भावस्था के शुरुआती दिनों में आपके स्तन कोमल होते हैं। दरअसल स्तनों के उत्तक हारमोंस के प्रति काफी संवेदनशील होते हैं जो गर्भधारण करने के साथ ही शरीर में और मोनल बदलना शुरू हो जाते हैं जिसके कारण स्तनों में सूजन आ जाती है जो स्तनों को भारी कर देता है। जब हम कपड़े पहनते हैं या फिर गलती से किसी का हाथ लग जाए तो दर्द होने लगता है। यह एक गर्भवती होने का मुख्य संकेत है और कई महिलाओं को स्तनों से दूध यानी खीस का रिसाव भी होने लगता है और यह रिसाव यह संकेत देता है कि आप अपने होने वाले बच्चे को दूध पिलाने के लिए तैयार हैं। इसके अलावा जैसे-जैसे गर्भावस्था के दिन बीतने लगते हैं वैसे-वैसे आपके निप्पलो में भी बदलाव आने लगता है। इन का रंग गहरा स्याही जैसा भूरा या फिर काला होने लगता है, यह फैलने लगता है और दूसरी तिमाही के शुरू होने तक आपके स्तन बढ़ने लगते हैं। Also Read: Home Remedies for Foot Ache During Pregnancy in Hindi   #4. गर्भाशय में ऐठंन लगना (Cramp in womb) गर्भावस्था के शुरुआती दिनों में कई महिलाओं को गर्भाश्यों में ऐठंन का एहसास भी हो सकता है। ऐसा आपको मासिक धर्म आने पर भी हो सकता है परंतु मासिक धर्म ना आने पर भी आपको ऐसा एहसास होता है तो यह समझा जाता है कि उस समय आपका गर्भाशय बढ़ रहा है और उस समय यह पीड़ा सामान्य समझी जाती है क्योंकि यह एक स्वस्थ गर्भावस्था की निशानी समझी जाती है। परंतु कई बार गर्भावस्था में ऐठंन के साथ-साथ रक्त रिसाव भी होने लगे तो आप अपने डॉक्टर को जरूर दिखाएं क्योंकि यह एक इकोप्टिक प्रेगनेंसी का भी संकेत हो सकता है।   #5. स्वास्थ्य संबंधी बदलाव (Changes in Health) जब एक महिला गर्भधारण करती है तो उसमें मानसिक और शारीरिक संबंधित कई बदलाव आते हैं। वह अचानक ज्यादा खुश होने लगती है तो कभी अचानक उदास होने लगती है। उनका मूड परिवर्तन (Mood Swing) जल्दी-जल्दी होने लगता है इसके साथ-साथ आपको गर्भावस्था के दौरान ज्यादा होने लगती है और आपका मन आराम करने को करता है। ब्लड वॉल्यूम बढ़ जाने की वजह से आपको सिर में दर्द भी होने लगता है। यह गर्भावस्था के प्रथम लक्षण में से एक है परंतु यह समस्या समय के साथ-साथ अपने आप ठीक हो जाती है। आपके शरीर में हार्मोन बदलाव होने से आपकी पाचन क्रिया पर भी असर पड़ता है। ऐसे में कई बार आपकी पाचन क्रिया धीमी पड़ जाती है जिससे आपको कब्ज की शिकायत होने लगती है और कई बार आपको बार-बार पेशाब के लिए जाना पड़ता है क्योंकि आपकी किडनी ज्यादा सक्रिय हो जाती है। ऐसा आपको तीसरी तिमाही की शुरुआती दिनों तक चल सकता है। अगर आपको अपने में यह कोई भी संकेत दिखाई दे तो आप डॉक्टर को दिखाकर तसल्ली कर ले कि आप सच में गर्भवती है या नहीं। Also Read: Food to Avoid During Pregnancy क्या आप एक माँ के रूप में अन्य माताओं से शब्दों या तस्वीरों के माध्यम से अपने अनुभव बांटना चाहती हैं? अगर हाँ, तो माताओं के संयुक्त संगठन का हिस्सा बने। यहाँ क्लिक करें और हम आपसे संपर्क करेंगे।

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