माओं को सबसे ज्यादा चिंता इस बात की होती है कि उनके बच्चे कितना खा रहे हैं। माँ यह नहीं समझ पाते हैं कि शिशु का पेट भरा हुआ है या वह अभी भी भूखा है। यह जानना बहुत मुश्किल होता हैं क्योंकि शिशु बोल नही पाते हैं। बड़े बच्चे हमें बता सकते हैं कि क्या वे भूखे हैं या उनका पेट भर चुका हैं।
इस समस्या से निपटने के लिए आपको अपने शिशु को और अच्छे से समझना होगा, आपको उसके विभिन्न संकेतों को समझकर यह जानना होगा कि कब उसको खाना चाहिए और कब नही। शिशु कई ऐसे छोटे-मोटे संकेत देते हैं जो हमें बताते हैं कि वह भूखा है या उसका पेट भरा हुआ है। यह लेख आपको यह पता लगाने में मदद करेगा कि आपका शिशु भूखा है या नही (Baby is Hungry or Not)।
रोना अक्सर भूख का एक संकेत होता है। आपका शिशु संकेतो के माध्यम से आपको बता देगा कि उसको कब भूख लगी और कब नही। इसके लिए आपको अपने शिशु को कितनी बार स्तनपान करवाना चाहिए, यह गिनने की आवश्यकता नही है। कोई यह नहीं गिन सकता है कि शिशु के पेट को भरा हुआ महसूस करवाने के लिए कितना भोजन या पानी पर्याप्त होगा। आपको ऐसे संकेतों की तलाश करने की जरूरत है जो आपके बच्चे की भूख की जरूरतों का पता लगाने में आपकी मदद करेंगे।
जब शिशु भूख के लिए रोता हैं तो वह धीरे आवाज में व कम अवधि के लिए रोता है। हां, रोना भी भूख लगने का एक संकेत है लेकिन शिशु भूख के लिए रोना तब ही शुरू करता है जब शिशु ने भूख लगने के अन्य लक्षण आपको बताए हों, जिन्हें आपने नजरंदाज कर दिया हो। क्योंकि आपका शिशु रोना तभी शुरू करता है जब वह बहुत भूखा होता है और यहाँ तक कि निराश भी होता है कि उसे अभी तक खाना नहीं दिया गया है।
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आपका शिशु भूख लगने के कारण रोने से पहले अपने हाथों और पैरों को बिस्तर में मारेगा, अपने सिर को इधर उधर में घुमाएगा और हर जगह देखेगा और बेचैन हो जाएगा। वह अपने मुंह में हाथ डालकर भी आपको संकेत देगा, इसके अलावा वह अपनी मुट्ठी पकड़ सकता है और उसे अपने मुंह से लगा सकता है। यह एक निश्चित संकेत है कि आपका शिशु अब भूखा है।
यह आपका शिशु तब करता है जब आप उसे उठाते हैं। इस दौरान वह आपके स्तनों की ओर मुड़ जाएगा या उस बोतल की ओर देखेगा जिसमे आप उसे दूध पिलाती है। शुरू में आपका शिशु आपके स्तनों की ओर मुड़ेगा और अपने मुंह से चूसने की आवाज करेगा। आपके उठाने पर वह अपने शरीर को इधर उधर घुमाकर आपके स्तनों या बोतल को देखने लगता है।
4 महीने की उम्र के शिशु को जब आप खाना खिलाएँगी तो उसके दौरान वह आपकी तरफ देखेंगे और अपनी प्यारी सी मुस्कान व चेहरे के हाव भाव से आपको यह बताने की कोशिश करेंगे कि वे अभी भी भूखे हैं और उन्हें अभी और खाना खाना है। अपनी भूख को दर्शाने के लिए वे खाना खाने के दौरान अपना मुंह खुला रखेंगे और आप को देखेंगे, वे इसके लिए शोर भी मचा सकते हैं। एक भूखा शिशु दूध की बोतल या एक स्तन का दूध खत्म होने के बाद भी उसे चूसना जारी रखेगा, यह कहते हुए कि वे अभी भी भूखे हैं।
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यदि आपका शिशु मेज पर खाना देखकर उत्तेजित हो जाता है तो वह निश्चित रूप से भूखा होता है और वह अब खाना खाना चाहता है। अगर उस समय आप जो कुछ भी खा रही है तो आपका शिशु भी अपना मुहं खोलेगा और उसे खिलाने के लिए आवाजें देगा।
आपका शिशु अब और ज्यादा संकेतो के माध्यम से आपको बताने वाला बन जाता है। अब वह उस रसोई या रेफ्रिजरेटर या डाइनिंग टेबल की ओर इशारा करेगा जहां अक्सर खाना बनाया जाता है या खाया जाता है। वह आपको यह बताने के लिए हाथ के इशारो या विभिन्न तरह की आवाजो का सहारा लेगा और आपको बताएगा कि अब उसे भोजन की आवश्यकता है। वह घुटनों से चलकर रसोई या उस सब्जी और फलों की टोकरी तक चलकर जा सकता है और उनके साथ खेल सकता है या उन्हें अपने मुंह में ले सकता है।
एक भूखा शिशु अपने मुंह से खाना खाता है लेकिन जब उसका पेट भर जाएगा तो वह अपने होठों को भींचकर बंद कर लेगा। आप अगर उसे उस समय और दूध पिलाने की कोशिश करेंगी तो वे अपने होंठ आसानी से नही खोलेंगे। कहने के लिए यह उसका एक प्यारा और सौम्य तरीका है यह कहने का, ‘धन्यवाद माँ, लेकिन अब मेरा पेट भरा हुआ है’।
शिशु का पेट अब भर चुका हैं, यह बताने के लिए खाने से अपना मुहं मोड़ लेना उसके लिए सबसे आसान तरीका है। जब वे खाना नहीं चाहते हैं तब वे आमतौर पर अपने सिर को स्तनों और बोतल से दूर कर देते हैं। ऐसे में आपको अपने शिशु को और अधिक खिलाने के लिए मजबूर नहीं करना चाहिए।
कुछ शिशु ऐसे होते हैं जो स्तन या बोतल पर अपना मुहं तो लगाये रखेंगे लेकिन वे इसे चूसना बंद कर देंगे। अगर आप बच्चे को दूध पिलाती हैं तो वे अपने मुहं से दूध बाहर निकाल देंगे। यह वह संकेत है जब आपको अपने शिशु को और दूध पिलाना रोक देना होता है।
जब शिशु भूखे होते हैं तब वे आपके स्तन या बोतल को देखते हैं लेकिन जब वे भरे होते हैं तब वे आसपास की चीजों पर ज्यादा ध्यान केंद्रित करते हैं जैसे कि सीलिंग फैन, खिड़की की रोशनी, छाया और ऐसी अन्य चीजें। यहां तक कि अगर आप उनके सिर को अपने स्तन या बोतल की ओर मोड़ने की कोशिश करते हैं तो वे अपना ध्यान वापस उसी जगह की ओर मोड़ लेते हैं। इसका मतलब है कि अब उनका पेट भर चुका हैं और आपको उन्हें खेलने देना चाहिए।
जब आपके शिशु को उसका पूरा भोजन मिल जाएगा तो वह वापस सो जायेगा। यह तब भी हो सकता है जब आप अपने शिशु को दूध पिला रही हों। इसका मतलब यह नहीं है कि वह दूध पीने के बीच सो गई है। यह सिर्फ यह बताता है कि उसने अपने हिस्से का पूरा दूध पी लिया है और अब वह भूखा नही है।
6 महीने के बाद बच्चे अमूमन यह बताना शुरु कर देते हैं कि उन्हें भूख है या नहीं। इस समय अक्सर बच्चे या तो मुंह फेर लेते हैं या खुद बता देते हैं कि अब नहीं खाना। हां स्तनपान के लिए कब रूकना है यह बच्चे अब भी नहीं बताते। कई बच्चे पूरा पेट खाने के बाद भी स्तनपान की मांग करते हैं। यहां आपको अपनी समझदारी दिखानी चाहिए और बच्चे का दिमाग किसी दूसरी तरफ लगाना चाहिए।
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