कहीं बच्चे के स्तनपान ना करने के यह तो कारण नहीं

कहीं बच्चे के स्तनपान ना करने के यह तो कारण नहीं

अगर नवजात शिशु अपनी माँ का दूध नहीं पी रहा है या पीते हुए बीच में ही छोड़ देता है तो यह एक चिंता का विषय हो सकता है। हालाँकि इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं इसलिए अगर आपका बच्चा दूध नहीं पी रहा है तो सबसे पहले इसके पीछे का कारण पता होना चाहिए क्योंकि हो सकता है कि माँ के स्तनों से दूध न निकल रहा हो या शिशु को मुँह में ऐसी कोई समस्या हों जिसके कारण वो दूध पीने में असमर्थ हो। शिशु अपनी भावनाओं को केवल रो कर या मुस्कुरा कर ही व्यक्त कर सकता है। ऐसे में माँ के लिए यह और भी महत्वपूर्ण हो जाता है कि वह अपने बच्चे के दूध न पीने के कारण का स्वयं पता लगाएं क्योंकि कारण पता चलने के बाद ही उसका उपाय करना आसान होगा। आइयें जानें बच्चे स्तनपान करने से क्यों (Reasons of Babies Refuse to Breastfeed) मना करते हैं और कैसे निपटें।  

अगर बच्चा स्तनपान ना करें तो क्या करें (Reasons of Babies Refuse to Breastfeed in Hindi)

अगर बच्चा स्तनपान ना करें तो सबसे पहले शिशु ऐसा क्यों कर रहा है यह जानने की कोशिश करनी चाहिए। उन कारणों के बारे में जाने जिसके कारण वो दूध पीने में दिलचस्पी न दिखा रहा हो और उसके बाद बच्चे की उस समस्या को दूर करने का उपाय करना चाहिए। यह कारण कुछ इस प्रकार हो सकते हैं।

#1. दूध कम निकलना (Less milk)

माँ के स्तनों से अगर दूध कम मात्रा में आये, तो यह भी शिशु के दूध न पी पाने का एक कारण हो सकता है। दूध के कम प्रवाह से शिशु को दूध पीने में समस्या हो सकती है। इस परेशानी के कारण शिशु दूध पीने में अपनी रूचि खो सकता है। अगर शिशु स्तन को मुँह में डाल कर दूध न पी पा रहा हो या रो रहा हो तो यह इस बात की तरफ संकेत हो सकता है कि माँ के स्तनों से दूध नहीं आ रहा या कम आ रहा है। ऐसे में माँ को अपने स्तनों में दूध की मात्रा को बढ़ाने के लिए उपाय करने चाहिए जिसके लिए वो विशेषज्ञ की सलाह भी ले सकती हैं। इसके साथ ही स्तनों में दूध का अधिक बहाव भी शिशु के दूध न पीने का एक कारण हो सकता है। अगर ऐसा हो तो दूध पिलाते हुए अपनी पोजीशन बदल लें या शिशु को अपने पेट पर लिटाकर दूध पिलायें।
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#2. साँस लेने में समस्या (Breathing problem)

नवजात शिशु कई बार दूध पीते समय सही से सांस नहीं ले पाते और जब वो दूध पीते हैं तो उनका मुँह भी बंद हो जाता है जिसके कारण उन्हें साँस लेने में अधिक समस्या होती है और यह भी उनके दूध न पीने का एक कारण हो सकता है। सर्दी जुकाम के कारण भी बच्चे का नाक बंद हो जाता है और जब वो मुँह से दूध पीता है तो उस को सांस लेने से परेशानी होती है। अगर ऐसा है तो बच्चे को किसी अन्य तरीके से दूध पिलायें जैसे कटोरी और चम्मच से ताकि बच्चे का पेट भर सके।

#3. दर्द (Pain)

अगर शिशु को शरीर में कहीं दर्द हो तो भी वो स्तनपान (Stanpan) नहीं कर पाता। जैसे अगर बच्चे को पेट या कान में दर्द, गैस या अन्य कोई समस्या हो तो शिशु दूध पीने में रूचि नहीं दिखाता और रोता रहता या उसके स्वभाव में चिड़चिड़ापन दिखने को मिलता है। इसके अलावा अगर बच्चे को बुखार या सर्दी-जुकाम हो तब भी शिशु दूध पीना छोड़ सकता है। अगर आपको ऐसा लगे कि बच्चा दर्द में है तो डॉक्टर से सलाह लें और उपचार कराएं। स्वस्थ होने पर बच्चा अवश्य दूध पियेगा।

#4. मुँह से जुड़ी समस्या (Problems with mouth)

अगर शिशु स्तन को मुँह ही नहीं लगा रहा और रो रहा हो तो हो सकता है कि शिशु के मुँह में कोई समस्या हो जैसे मुँह में छाले या किसी तरह का इन्फेक्शन। ऐसे में शिशु को जबरदस्ती दूध पिलाने की कोशिश न करें बल्कि उसका उपचार कराएं। इसे भी पढ़ेंः Breastfeeding Baby Poop Guide

#5. एलर्जी (Allergy)

शिशु बोल न पाने के कारण अपनी भावनाओं को केवल रो कर व्यक्त करते हैं। अगर बच्चा दूध न पी रहा हो तो उसका यह अर्थ भी हो सकता है कि उसे दूध से एलर्जी हो। हालाँकि इसकी संभावना बहुत कम होती है या ऐसा तब हो सकता हो जब माँ ने कुछ ऐसा खाया हो जिससे शिशु को एलर्जी हो क्योंकि जो माँ खाती है, वही उसके दूध के माध्यम से शिशु ग्रहण करता है। इसके लिए आप केवल यही उपाय कर सकती हैं कि अपने खान-पान का ध्यान रखें। ऐसे खाद्य पदार्थों से दूर रहें जो आपके शिशु की परेशानी की वजह बने।

#6. स्तनपान कराने का तरीका (Way of Breastfeeding)

कई बार शिशु को माँ के स्तनपान (Stanpaan) कराने के तरीका पसंद नहीं आता जिसके कारण वो दूध नहीं पीता। शिशु को दूध पिलाते समय माँ को अपनी पोजीशन और जिस जगह वो दूध पिलाती है, उसका खास ध्यान रखना चाहिए। माँ को ऐसी पोजीशन में दूध पिलाना चाहिए जिसमें शिशु बेहद आरामदायक महसूस करे और अच्छे से दूध पी सके। इसके साथ ही स्थान ऐसा होना चाहिए जहां न तो अधिक शोर हो न ही रोशनी। शोर और रोशनी दोनों चीज़ें शिशु का ध्यान भटका सकती है जिसके कारण शिशु की दूध पीने में दिलचस्पी कम हो सकती है।

#7. दांत निकलना (Teething)

जब बच्चों के दाँत निकलता हैं तो शिशु को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है जैसे दस्त, बुखार, दर्द आदि। इस दौरान भी शिशु दूध पीना छोड़ देते हैं क्योंकि निकल रहे दांत दूध पीते समय शिशु को चुभते हैं जिससे शिशु को दूध पीने में समस्या होती है। हालाँकि यह अस्थायी समस्या है लेकिन आप चाहे तो शिशु को गिलास या चम्मच-कटोरी से दूध पिलाने की कोशिश करें या आप उसे कोई अन्य आहार भी दे सकती हैं।   इसके अलावा अन्य कुछ कारण (Reasons of Babies Refues to Breastfeed) भी हो सकते हैं जिसके कारण शिशु को दूध पीने में दिलचस्पी नहीं रहती जैसे किशिशु को भूख न होना या दूध से बदबू आना आदि। सबसे पहले कारण का पता लगाएँ और अगर आप किसी निष्कर्ष पर न पहुंचे या आपका हर प्रयास असफल हो रहा हो तो किसी डॉक्टर या विशेषज्ञ की सलाह ले लें। इसे भी पढ़ेंः Public Breastfeeding Guide in Hindi ध्यान रखेंः माँ के दूध का शिशु के लिए क्या महत्व है इसके बारे में सभी जानते है। माँ के दूध की अहमियत के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए आजकल सरकार भी कई अभियान चला रही है ताकि कोई भी शिशु अपने माँ के दूध से वंचित न रह जाए। यही नहीं माँ के दूध की तुलना अमृत से की जाती है क्योंकि यह बच्चों को कई बीमारियों से बचाने में मदद करता है। छह माह तक को शिशु को मां के दूध के अलावा कुछ अन्य नहीं देना चाहिए। क्या आप एक माँ के रूप में अन्य माताओं से शब्दों या तस्वीरों के माध्यम से अपने अनुभव बांटना चाहती हैं? अगर हाँ, तो माताओं के संयुक्त संगठन का हिस्सा बने। यहाँ क्लिक करें और हम आपसे संपर्क करेंगे।

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