ये 7 चीज़े आपको सी-सेक्शन के बारे में पता होनी चाहिए

ये 7 चीज़े आपको सी-सेक्शन के बारे में पता होनी चाहिए

गर्भावस्था के नौ महीने हर स्त्री के लिए बेहद उत्साह से भरे होते हैं। जैसे-जैसे प्रसव का समय नजदीक आता है वैसे-वैसे यह भय मन में रहता है कि प्रसव सामान्य होगा या सी-सेक्शन। प्रसव के समय होने वाली समस्या और दर्द से बचने के लिए आजकल महिलाएं सी-सेक्शन प्रसव को प्राथमिकता दे रही हैं। पहली बार माँ बनने वाली महिलाएं सुनी-सुनाई बातों को सच मान लेती हैं। यह सच है कि प्रसव के दौरान सी-सेक्शन में महिला को दर्द नहीं होता क्योंकि उन्हें अनेस्थिसिया दिया जाता है। लेकिन कुछ समय के बाद सी-सेक्शन प्रसव में होने वाली दर्द और समस्याएं बहुत बढ़ जाती हैं। अगर आप सी-सेक्शन प्रसव के बारे में अधिक नहीं जानते हैं तो आज हम आपको कुछ ऐसी बातों के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं जिनके बारे में आपको पता होनी चाहिए।

7 चीजें आपको सी-सेक्शन के बारे में पता होनी चाहिए

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#1. सी-सेक्शन का तरीका (C-Section method)

सी-सेक्शन प्रसव कैसे होता है इसके बारे में लोगों में कई मिथक हैं। सी-सेक्शन एक बड़ी सर्जरी है जिसमें एनेस्थीसिया दिया जाता है ताकि मरीज बेहोश हो जाए। इसके बाद पेट का नीचे वाला हिस्सा सुन्न किया जाता है और उसमे चीरा लगाया जाता है और उसके बाद प्रसव कराया जाता है। इसके बाद कुछ दिनों तक तो महिला का चलना या उठना-बैठना भी मुश्किल हो जाता है। यही नहीं इसके बाद इस बात का भी ध्यान रखा जाता है कि यह टांके गीले न हों। सी-सेक्शन के लगभग बारह घंटों के बाद पीड़ा शुरू होती है जो बहुत असहनीय हो सकती है। सी-सेक्शन के बारे में एक तथ्य यह भी है कि इस दौरान जो खून निकलता है वो सामान्य प्रसव के मुकाबले तीन गुना अधिक होता है।

#2. सी-सेक्शन के एकदम बाद नहाना नहीं चाहिए (Do not take bath after c-section immediately)

सी-सेक्शन के बाद एकदम से नहाना नहीं चाहिए। इसके लिए डॉक्टर की सलाह ले लेनी चाहिए। सी-सेक्शन के बाद कुछ दिनों तक टांके कच्चे होते हैं। इनको ठीक होने में लगभग पंद्रह से बीस दिन लगते हैं। कई महिलाएं अस्पताल से घर आते ही स्नान करने लगती है जो बिलकुल गलत है। इसके साथ ही सी-सेक्शन प्रसव के बाद अधिक देर तक पानी में नहीं रहना चाहिए, नहीं तो टांके खराब हो सकते हैं। बाथटब इत्यादि के प्रयोग से भी बचें और नहाते हुए गुनगुने पानी का प्रयोग करें। जितना हो सके टांकों को पानी के सम्पर्क से बचाएं।

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#3. सी-सेक्शन के बाद कैसा हो माँ का भोजन (Mother’s food after c-section)

सी-सेक्शन के बाद माँ को केवल पौष्टिक भोजन का सेवन करना चाहिए। भारी, तला हुआ या मसालेदार खाने से दूर ही रहें क्योंकि स्तनपान से इसका प्रभाव शिशु पर तो पड़ेगा ही पर इस समय कब्ज की शिकायत भी हो सकती है और साथ ही महिला की सेहत पर भी बुरा प्रभाव पड़ेगा। इसके साथ ही इसके बाद पेय पर्दार्थों का अधिक से अधिक सेवन करें ताकि कब्ज न हो। अगर टांकों में अधिक दर्द हो तो डॉक्टर की सलाह के बाद पेनकिलर भी ली जा सकती है। सी-सेक्शन के बाद अधिक चाय का काफी के सेवन से बचना चाहिए अन्यथा सेहत सम्बन्धी समस्याएं हो सकती हैं।

#4. मूवमेंट (Movement)

सी-सेक्शन के बाद महिला को अपने मूवमेंट में बहुत सावधानी बरतनी चाहिए। इस सर्जरी के बाद बैठना, उठना, चलना फिरना सब मुश्किल हो जाता है। शुरुआती कुछ दिनों तक तो नयी माँ को अपने शिशु को स्तनपान कराने में भी मुश्किल होती है और आपको हर काम के लिए दूसरों की मदद लेनी पड़ सकती है। लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि बिल्कुल ही मूवमेंट नहीं करनी है। इसमें थोड़ा-थोड़ा हिलना-डुलना आवश्यक है इससे शरीर में ब्लड सर्कुलेशन अच्छे से होगा और इससे आप जल्दी ही स्वस्थ हो सकती हैं। कुछ ही दिनों में आप घर के छोटे-छोटे काम कर सकती हैं और अपने शिशु को भी खुद संभाल सकती हैं। सामान्य प्रसव के मुकाबले सी-सेक्शन प्रसव में ठीक होने में अधिक समय लगता है।

#5. इन चीज़ों से करें परहेज (Avoid these things)

सी सेक्शन के बाद सर्जरी के घाव को ठीक होने में समय लगता है। इसलिए लगभग पंद्रह दिन तक कोई भी भारी चीज़ न उठायें। ऐसा करने से आपके टांके और घाव दोनों को नुकसान हो सकता है। शुरुआती दिनों में शिशु को भी खुद न उठायें बल्कि किसी की मदद लें। अपने टांकों को ध्यान में रखते हुए ही कोई काम करें। इसके साथ ही जब तक आप पूरी तरह से ठीक न हो जाएँ सेक्स से परहेज करें। एक शोध के मुताबिक सी-सेक्शन के बाद लगभग एक साल तक महिला को सेक्स के दौरान दर्द होता है इसलिए उन्हें सेक्स से परहेज करना चाहिए या सावधान बरतनी चाहिए।

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#6. सी-सेक्शन के बारे में फैली भ्रांतियों से बचें (Avoid distractions about c-section)

सी-सेक्शन को लेकर लोगों के मन में कई तरह की ग़लतफ़हमियाँ हैं लेकिन इसके बारे में सही जानकारी होना बेहद ज़रूरी है| ऐसा कहा जाता है कि पहला प्रसव अगर सी-सेक्शन से किया गया हो तो उसके बाद होने वाले प्रसव भी सी-सेक्शन से ही किया जाते हैं लेकिन यह बात पूरी तरह से सही नहीं है| यह भी झूठ है कि सी-सेक्शन प्रसव के बाद महिला को दर्द नहीं होता| पहले कुछ समय तक एनस्थीसिया की वजह से दर्द नहीं होता लेकिन उसके बाद दर्द सामान्य प्रसव की तुलना में कई गुना अधिक होता है|

#7. किन कारणों से की जाती है सी-सेक्शन सर्जरी (What are the reasons of C-section surgery)

आजकल महिलाएं सी-सेक्शन सर्जरी में अधिक दिलचस्पी दिखा रही हैं। इसका सबसे बड़ा कारण यह है सामान्य प्रसव में होने वाली असहनीय दर्द से बचना। आजकल डॉक्टर भी अधिक जोखिम या धन के लालच में सी-सेक्शन सर्जरी कर रहें हैं लेकिन यह जानना बेहद जरूरी है कि वो कौन-कौन सी आपातकालीन स्थिति हो सकती हैं जिनके कारण सी-सेक्शन सर्जरी करना आवश्यक हो जाता है। इनमे से कुछ इस प्रकार हैं।

गर्भ में शिशु का उल्टा होना, समय से पहले प्रसव, गर्भनाल में कोई समस्या होना जैसे गर्भनाल का टूटना आदि, गर्भ में जुड़वाँ बच्चों का होना, शिशु का विकास सही से न हो रहा हो, गर्भवती स्त्री को हाई ब्लड प्रेशर जैसी समस्या का होना, शिशु के सिर का आकार बड़ा होना आदि। अगर स्त्री या शिशु स्वस्थ हैं तो उन स्थितियों में सी-सेक्शन प्रसव नहीं किया जाता है। इसलिए प्रसव से पहले अपने डॉक्टर से यह जान लें कि कहीं वो सी-सेक्शन को प्राथमिकता तो नहीं दे रहा। अगर ऐसा है तो किसी और डॉक्टर की राय लेना आवश्यक है।

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