2019 में बच्चों का मुंडन कब करवाएं?

2019 में बच्चों का मुंडन कब करवाएं?

जब बच्चे का जन्म होता है तो वह पल मां-बाप पिता के लिए खुशी के पल होते हैं और साथ लाते हैं उनके पालन पोषण की जिम्मेदारियां। हर माता पिता चाहते हैं कि उनके बच्चे को बेहतर आहार और पोषण मिले। हमारे हिंदू धर्म में बच्चों के जन्म के बाद कई तरह के रीति-रिवाज और संस्कार किए जाते हैं। उन्ही संस्कारों में से एक संस्कार है मुंडन का संस्कार। आइए जानते हैं इस साल आप कब-कब मुंडन करा सकते हैं यानि मुंडन मुहूर्त (Mundan Muhurat 2019) ।

मुंडन का संस्कार क्या है? (What is Mundan Sanskar?)

हिंदू धर्म में मनुष्य के जन्म से लेकर मृत्यु तक सोलह संस्कार निभाये जाते हैं। इनमें मुंडन का संस्कार आठवां संस्कार होता है जिसमें शिशु के जन्म काल के बालों को काटा जाता है। मान्यता यह होती है कि बच्चे के सिर पर गर्भ के समय के बाल रहते हैं जो अशुद्ध माने जाते हैं। इसलिए हिंदू धर्म में व कुछ अन्य धर्मों के लोग भी इसके मुताबिक बच्चों का मुंडन (Bachho Ka Mundan) करवाते हैं। इस मुंडन को कई नामों से जाना जाता है जैसे कि चौल मुंडन, चौल कर्म, चूड़ाकर्म संस्कार इत्यादि। बच्चों का मुंडन ज्यादातर विषम तिथि यानी 3, 5 या 7 वर्ष की उम्र में होता है। बच्चों का मुंडन किसी धार्मिक स्थान जैसे कि मंदिर या घर को शुद्ध करके किया जाता है। मुंडन करने के लिए शुभ नक्षत्र, तिथि, शुभ वार और शुभ लग्न का होना जरूरी है। आप नीचे दी गई टेबल के अनुसार बच्चे का मुंडन करवा सकते हैं।

इसे भी पढ़ेंः मुंडन कराने के फायदे और मुंडन संस्कार की पूर्ण जानकारी

मुंडन के लिए शुभ नक्षत्र: ज्येष्ठ, मृगाशीरा, रेवती, चित्रा, हस्त, अश्विनी, पुष्य, स्वाति, अभिजीत, पुनर्वसु, श्रवण, घनिष्ठा, रातभिषा।

मुंडन के लिए शुभ वार: सोमवार, बुधवार, वीरवार, शुक्रवार।

मुंडन के लिए शुभ तिथि: द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, त्रयोदशी।

मुंडन के लिए शुभ लग्न: द्वितीया, तृतीया, चतुर्थी, षष्ठी, नवमी, द्वादशी।

मुंडन के लिए लग्न शुद्धि: शुभ ग्रह प्रतिपदा, तृतीया, चतुर्थी, पंचमी, सप्तमी, नवमी, दशमी स्थानों में शुभ होते हैं।

 

2019 में मुंडन मुहूर्त (Mundan Muhurat in 2019)

हिंदू धर्म में मुंडन बेहद धार्मिक कार्य है। इसे आप साल के किसी भी समय अपने अनुसार करा सकते हैं लेकिन यदि आप इसे धार्मिक दृष्टिकोण से देखें तो कई लोग केवल शुभ मुहूर्त में ही मुंडन कराना शुभ मानते हैं। अन्य संस्कारों की तरह ही मुंडन के लिए शुभ मुहूर्त निकलवाया जाता है। आइयें जानें कि साल 2019 में मुंडन के कौन से शुभ मुहूर्त है और किन दिन आप मुंडन करा सकते हैं।   

जनवरी 2019 में मुंडन मुहूर्त (Mundan Muhurat in January 2019)

25 जनवरी 2019, शुक्रवार, माघ कृष्ण 5, हस्त नक्षत्र

26 जनवरी 2019, शनिवार, माघ कृष्ण 6, हस्त नक्षत्र

31 जनवरी 2019, गुरुवार, माघ कृष्ण 11, ज्येष्ठा नक्षत्र

 

फरवरी 2019 में मुंडन मुहूर्त (Mundan Muhurat in Feburary 2019)

6 फरवरी 2019, बुधवार, माघ शुक्ल 2, धनिष्ठा-शतभिषा नक्षत्र

7 फरवरी 2019, गुरुवार, माघ शुक्ल 2-3, शतभिषा नक्षत्र

10 फरवरी 2019, रविवार, माघ शुक्ल 5, रेवती नक्षत्र

17 फरवरी 2019, रविवार, माघ शुक्ल 12-13, पुनर्वसु, तिथि दोष

 

मार्च 2019 में मुंडन मुहूर्त (Mundan Muhurat in March 2019)

4 मार्च 2019, सोमवार, फाल्गुन कृष्ण 13, श्रवण नक्षत्र

9 मार्च 2019, शनिवार, फाल्गुन शुक्ल 3, रेवती नक्षत्र

13 मार्च 2019, बुधवार, फाल्गुन शुक्ल 7, रोहिणी नक्षत्र

25 मार्च 2019, सोमवार, पंचमी, विशाखा

इसे भी पढ़ेंः गर्भ संस्कार क्या है

अप्रैल 2019 में मुंडन मुहूर्त (April Mundan Muhurat)

10 अप्रैल 2019, बुधवार, पंचमी, रोहिणी

29 अप्रैल 2019, सोमवार, वैशाख कृष्ण 10, शतभिषा, महापात दोष

मई 2019 में मुंडन मुहूर्त (May 2019 Mundan Muhurat)

6 मई 2019, सोमवार, वैशाख शुक्ल 2, रोहिणी नक्षत्र

7 मई 2019, मंगलवार, वैशाख शुक्ल 3, रोहिणी नक्षत्र

16 मई 2019, गुरुवार, वैशाख शुक्ल 12-13, चित्रा नक्षत्र

20 मई 2019, सोमवार, ज्येष्ठ कृष्ण 2, ज्येष्ठा नक्षत्र

26 मई 2019, रविवार, ज्येष्ठ कृष्ण 7, धनिष्ठा नक्षत्र

30 मई 2019, गुरुवार, ज्येष्ठ कृष्ण 11, रेवती नक्षत्र

 

जून 2019 में मुंडन मुहूर्त (Mundan Muhurat in June 2019)

7 जून 2019, शुक्रवार, ज्येष्ठ शुक्ल 4-5, पुष्य नक्षत्र, तिथि दोष

12 जून 2019, बुधवार, ज्येष्ठ शुक्ल 10, हस्त-चित्रा नक्षत्र

22 जून 2019, शनिवार, पंचमी, घनिष्ठ नक्षत्र

 

जुलाई 2019 में मुंडन मुहूर्त (Mundan Muhurat in July 2019)

11 जुलाई 2019, गुरुवार, आषाढ़ शुक्ल 10, स्वाति नक्षत्र

19 जुलाई 2019, शुक्रवार, घनिष्ठ नक्षत्र

 

यहां यह भी ध्यान रखें कि मुंडन को आप अपने अनुसार वर्ष के किसी भी मौके पर करा सकते हैं। उपरोक्त जानकारी हिंदू धर्म और पंचांग द्वारा दी गई है जो भिन्न-भिन्न स्थानों पर अलग-अलग हो सकती है। हिंदू धर्म में अक्सर लोग शुभ कार्यों को मुहूर्त देखकर करते हैं इसलिए हम अपने पाठकों के लिए यह जानकारी लेकर आए हैं।

इसे भी पढ़ेंः बच्चों के लिए बादाम के फायदे

क्या आप एक माँ के रूप में अन्य माताओं से शब्दों या तस्वीरों के माध्यम से अपने अनुभव बांटना चाहती हैं? अगर हाँ, तो माताओं के संयुक्त संगठन का हिस्सा बने। यहाँ क्लिक करें और हम आपसे संपर्क करेंगे।

null

null