माँ के दूध का खट्टा होने के 10 मुख्य कारण

माँ के दूध का खट्टा होने के 10 मुख्य कारण

एक स्त्री का जीवन तभी पूर्ण होता हैं जब वो माँ बनती है। माँ बनने के लिए एक स्त्री कई पीड़ाओं से गुजरती है लेकिन अपने शिशु को अपने गोद में पा कर वो हर दुःख भूल जाती है। शिशु के लिए माँ के दूध से ज्यादा पौष्टिक और स्वास्थ्यवर्धक और कुछ भी नहीं होता हैं| इसलिए जन्म से लेकर अगले 6 महीनों तक शिशु को केवल स्तनपान कराने की ही सलाह दी जाती है। माँ का दूध शिशु के लिए अमृत समान होता है जिससे उसकी रोग प्रतिरोधक शक्ति भी बढ़ती है। माँ के दूध के महत्व को हर स्त्री तक पहुंचाने के लिए सरकार द्वारा भी कई अभियान चलाये जा रहे हैं ताकि हर स्त्री अपने शिशु को स्तनपान करा कर उसे हृष्ट पुष्ट बनाएं।

लेकिन क्या आप जानते हैं कि माँ का दूध भी खट्टा हो सकता है?

सुनने में आपको भी कुछ अजीब लगेगा किंतु यह बिल्कुल सच है। आइये आज माँ के दूध के खट्टा होने के विभिन्न कारणों को जानते हैं|।

माँ के दूध के खट्टा होने के 10 कारण

#1. भोजन

माँ जो भी खाती है उसका सीधा असर उसके दूध पर पड़ता है| ऐसे ही माँ का आहार का असर उसके स्वाद पर भी पड़ता है| उसके खानपान के अनुसार ही उसके दूध का स्वाद हो जाता है| यह भी एक कारण है कि स्तनपान कराने वाली महिला को कुछ चीज़े खाने से परहेज करने के लिए कहा जाता है| इसलिये अगर आप किसी ऐसी चीज़ का सेवन करती है जिससे दूध का स्वाद बदल सकता है तो वो इसमें खटास का भी कारण बन सकता है| इसलिये इन चीजों का सेवन करने से बचे|

#2. दवाइयाँ

माँ के खाने की तरह दवाइयों का भी माँ के दूध पर प्रभाव पड़ता है| अगर आप कोई दवाइयाँ ले रही हैं तो आपका दूध खट्टा हो सकता है और साथ ही दूध पर इसका अन्य प्रभाव भी पड़ सकता है| अगर आप दवाइयाँ ले रही है तो आपको अपने बच्चे को दूध पिलाना बंद कर देना चाहिए क्योंकि वो दूध विषाक्त हो सकता है या फिर अपने डॉक्टर की राय लेनी चाहिए|

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#3. शराब का सेवन और धूम्रपान

शराब का सेवन और धूम्रपान करना हर व्यक्ति के लिए हानिकारक है लेकिन गर्भवती स्त्रियों और एक माँ के लिए यह कई गुना अधिक हानिकारक है क्योंकि इसका सीधा प्रभाव शिशु पर पड़ता है। अगर स्तनपान कराने वाली महिला शराब पीती है या धूम्रपान करती है तो इसका भी असर माँ के दूध पर पड़ेगा जिससे उसका स्वाद शिशु के पीने लायक नहीं रहेगा और साथ ही शिशु के स्वास्थ्य पर भी इसका प्रभाव पड़ता है।

#4. दूध को स्टोर करने का तरीका

आजकल असुविधाजनक परिस्थितियों से बचने के लिए माँ अपने दूध को स्टोर कर सकती है| इसके लिए आजकल बाजार में अलग-अलग कंटेनर भी मौजूद हैं। घर से बाहर रहने, ऑफिस जाने या किसी खास काम पर जाने की स्थिति में बच्चे के लिए माँ अपना दूध स्टोर कर सकती हैं ताकि बच्चे को उचित पोषण भी मिले और किसी को असुविधा न हो। माँ के दूध का खट्टा होना इस बात पर निर्भर करता है कि आपने इसे कैसे स्टोर किया है। अगर आप इस दूध को कमरे के तापमान पर ऐसे ही रखती हैं तो जल्दी ही यह अलग-अलग परतों में बंट जाता है और स्वाद में खट्टा हो सकता है।

#5. फ्रीजर में रखना

कई माताएं अपने दूध को निकाल कर उसे फ्रीजर में रख देती हैं ताकि वो अधिक समय तक सुरक्षित रहे। इसका भी दूध के स्वाद और गंध पर भयानक प्रभाव पड़ता है। इस दूध को फ्रीजर में नहीं रखना चाहिए बल्कि रेफ्रिजरेटर में ही रखें। यह भी पाया गया है कि रेफ्रिजरेटर के दरवाज़े के पास अगर इस दूध को स्टोर किया जाता है तो बार-बार उसके दरवाजे खुलने व बंद होने से तापमान में फर्क पड़ जाता है जिससे दूध के स्वाद में परिवर्तन हो सकता है या वो खट्टा हो सकता है।

#6. अधिक समय तक स्टोर करना

कमरे के तापमान पर स्टोर किये गए माँ के दूध का स्वाद जल्दी ही खराब हो जाता है और वो खट्टा हो जाता है इसलिए माँ के दूध को चार या पांच घंटे से अधिक स्टोर न करें और बच्चे को दूध पिलाने से पहले चेक कर लें कि कहीं वो ख़राब तो नहीं हो गया है। मौसम का भी दूध के स्वाद के परिवर्तन में बहुत अधिक प्रभाव पड़ता है। रेफ्रिजरेटर में इसे कुछ अधिक देर तक सुरक्षित रखा जा सकता है।

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#7. गर्म करना

माँ के दूध को गर्म करने की आवश्यकता नहीं होती इसलिए अगर इसे गर्म किया जाता है तो इसके स्वाद में बदलाव आ सकता है। अगर आपने इस दूध को रेफ्रिजरेटर में रखा है और यह बहुत ठंडा है ऐसे में भी इस दूध को सीधे गैस पर रख कर गर्म न करें बल्कि किसी गर्म पानी के बर्तन में इस दूध की बोतल को कुछ देर रखकर आप इसे गर्म कर सकते हैं। ऐसा करने से भी आप इस दूध को खट्टा होने से बचा सकते हैं।

#8. कंटेनर

माँ के दूध का खट्टा होना या स्वाद में परिवर्तन इस बात पर निर्भर करता है कि आपने किस कंटेनर में इसे स्टोर किया है। सामान्यतया दूध को स्टोर करने वाली थैली या प्लास्टिक की बोतल में स्टोर किया जाता है जो अस्थायी उपाय हैं। आजकल बाजार में इसके लिए खास बोतलें और कंटेनर भी मिलते हैं जिनमें स्टोर कर के माँ के दूध को अधिक समय तक खट्टा होने से बचाया जा सकता है।

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#9. गंदगी

अगर माँ के दूध को स्टोर किया जाता है तो साफ-सफाई का खास ध्यान रखें। जिस कंटेनर में इसे स्टोर किया जाता है वो साफ होना चाहिए, जिस बोतल के साथ शिशु को दूध पिलाया जाता है वो भी अच्छे से साफ होनी चाहिए| अगर ऐसा न हो तो माँ का दूध दूषित हो सकता है या इसके स्वाद में बदलाव आने से यह खट्टा हो सकता है।

#10. कच्चे खाद्य पदार्थों से

जो माताएं अपने बच्चे के लिए दूध स्टोर करती हैं उनके अनुसार अगर आप इस दूध को कच्चे खाद्य पदार्थों के पास स्टोर करते हैं या रखते हैं तो इसके स्वाद में खटास आने लगती है जिससे जल्द ही यह खराब हो जाता है| इसलिए इस खटास से दूध को बचाने के लिए हो सके तो इसे कच्चे खाद्य पदार्थों से अलग रखें।

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