बच्चों के लिए टाइफाइड के 10 घरेलू उपाय

बच्चों के लिए टाइफाइड के 10 घरेलू उपाय

बच्चों को होने वाली आम बीमारियों में से एक है टायफाइड (Typhoid) अगर समय पर इसका इलाज ना किया जाए तो यह बीमारी जानलेवा साबित हो सकती है टाइफाइड बुखार होने का मुख्य कारण साल्मोनेला टाइफी (salmonella typhi) नामक जीवाणु है इसके अलावा यह बुखार बाहर का दूषित भोजन और शरीर में संक्रमण की वजह से भी हो सकता है टायफाइड का बुखार सामान्य नहीं रहता है बल्कि यह घटता या फिर बढ़ता रहता है शरीर में संक्रमण होने पर इस बुखार के 1 सप्ताह बाद लक्षण दिखाई देने लगते हैं इस बुखार के होने पर खानपान और कुछ चीजों के परहेज पर खास ध्यान रखना पड़ता है इन सब बातों के साथ-साथ आप कुछ घरेलू उपचार अपनाकर घर पर भी अपने बच्चों को इस समस्या से छुटकारा दिलवा सकती हैं

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बच्चों में टाइफाइड के लक्षण (Symptoms of Typhoid in Hindi)

  • भूख कम लगना
  • उच्च स्तर का ताप या ज्वार चढ़ना (High Grade Fever)
  • पेट में दर्द होना
  • सिर दर्द होना
  • थकान महसूस होना
  • घबराहट होना
  • दस्त और कब्ज का होना इत्यादि

अगर बच्चे को चार या पांच दिन से अधिक समय तम बुखार बना हुआ है और यह कभी तेज कभी कम हो रहा है तो आपको डॉक्टर से टाइफाइड के विषय में बात करनी चाहिए। टाइफाइड का पता खून की जांच के द्वारा आसानी से लगाया जा सकता है।

 

बच्चों के लिए टाइफाइड के घरेलू उपाय (Home Remedies for Typhoid in Hindi)

बच्चों के टायफाइड होने पर घरेलू उपचार अपना कर आप इस समस्या से उन्हें निजात दिलवा सकती हैं। टाइफाइड को मियादी बुखार (Miyadi Bukhaar) या मोतीझरा भी कहा जाता है। आइये जानते हैं कुछ असरदार घरेलू उपायों (Home Remedies for Typhiod) के बारें में:

#1. सेब का सिरका (Apple Vinegar)

सेब का सिरका टायफाइड के लिए बहुत ही लाभकारी उपाय है यह स्फूर्तिदायक भी होता है क्योंकि इसमें अमूल्य गुण होने से त्वचा में से गर्मी निकलने में मदद मिलती है यह शरीर का तापमान कम करने के साथ-साथ दस्त की वजह से शरीर में आई कमजोरी को भी दूर करता है इसके लिए आप एक गिलास पानी में आधा चम्मच सेब का सिरका और थोड़ा सा शहद मिलाएं खाना खाने से पहले इसे अपने बच्चे को पिला दे 5 से 7 दिन तक इसका सेवन करने से बहुत आराम मिलता है। साथ ही ध्यान रखें कि आप इसकी मात्रा को ज्यादा ना दे।

 

#2. तुलसी (Tulsi)

तुलसी टायफाइड बुखार के लिए एक और प्रभावी उपचार है तुलसी में एंटीबायोटिक गुण होते हैं जो टायफाइड बुखार के कारण बैक्टीरिया से छुटकारा पाने में बहुत मदद करते हैं इसके अलावा यह बुखार को कम करने में भी मदद करती है इसके लिए आप तुलसी की चाय का इस्तेमाल कर सकते हैं इसमें आप 10 तुलसी के पत्ते, काली मिर्च, थोड़ा सा अदरक और दालचीनी डालकर उबालें फिर इसे छान कर अपने बच्चे को पिलाये आप तुलसी, मुलेठी, गाजवा, शहद, मिश्री आदि डालकर इसका काढ़ा बनाकर अपने बच्चे को पिलाएँगी तो उसका जुकाम व बुखार भी ठीक हो जाएगा

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#3. लौंग (Cloves)

टायफाइड का बुखार होने पर लौंग भी काफी लाभदायक होती है टायफाइड के कारण बनने वाले बैक्टीरिया के लिए यह बहुत प्रभावी होती है इसके अलावा यह उल्टी और दस्त को दूर करने में भी मदद करती है इसके लिए आप पांच से सात लौंग लेकर उसे 4 कप पानी में उबाल लें और जब पानी आधा रह जाए तब इसे छानकर नरम करके अपने बच्चे को पिलाएं

 

#4. खूब तरल पदार्थ दें (Give more liquid)

टायफाइड के कारण बच्चे में तेज बुखार और दस्त के कारण कमजोरी हो सकती है इसलिए निर्जलीकरण को रोकने के लिए तरल पदार्थ का ज्यादा सेवन करवाना चाहिए इसके लिए आप उबला हुआ व साफ पानी, नारियल पानी, ताजे फलों का रस, ग्लूकोज का पानी इत्यादि का अपने बच्चे को सेवन अवश्य करवाएं आप अपने बच्चे को ओ.आर.एस (ORS) का घोल भी दे सकते हैं। यह टायफाइड के लक्षणों को तीव्रता से कम करने और वापस रिकवरी करने में सहायता करता है

 

#5. छाछ (Buttermilk)

टायफाइड बुखार में ताजा छाछ पीना फायदेमंद व हर्बल उपचार माना जाता है यह पाचन प्रक्रिया और टायफाइड को ठीक करने में बहुत मदद करता है यह निर्जलीकरण से भी बचाता है इसके लिए आप एक कप छाछ में दो चम्मच धनिया के ताजे रस को मिलाकर अपने बच्चे को रोजाना पिलाएं। छाछ की तासीर सर्द होती है इसलिए इसे केवल तीन साल से बड़े बच्चों को ही देना चाहिए। 

#6. केला (Banana)

केले में मौजूद कीटन एक घुलनशील फाइबर है जो आंतों में तरल पदार्थ को अवशोषित करने में मदद करता है टायफाइड होने पर बच्चे को दस्त हो सकते हैं ऐसे में केले का सेवन करने से बच्चों को काफी आराम मिलता है केले में मौजूद पोटेशियम के गुण भी बच्चे के लिए बहुत फायदेमंद रहते हैं। हालांकि केला कई बार कफ भी बनाता है इसलिए पहले डॉक्टर से सलाह ले लें। 

 

#7. स्तनपान (Breastfeeding)

आप अपने बच्चों को स्तनपान करवाना बंद ना करें और यदि आपका बच्चा 6 महीने से बड़ा है तो अब स्तनपान के साथ-साथ उसे अलग-अलग तरह के पोष्टिक आहार भी खाने को दें आप उसे प्रोटीन दूध से बनी चीजें, फल और सब्जियां ज्यादा से ज्यादा दे और बाहरी खाने से दूर रखें

 

#8. साफ-सफाई का ध्यान रखें (Take care of cleanliness)

टायफाइड होने पर घर के सभी सदस्यों को साफ-सफाई का पूरा-पूरा ध्यान रखना चाहिए टायफाइड या कोई अन्य रोग होने पर घर के सभी सदस्यों को खाना खाने से पहले व बाद में, पालतू जानवरों को छूने के बाद, बच्चों का डायपर बदलने के बाद आदि में अपने हाथों को अच्छे से धो लें आप रसोई को भी पूरी तरह से साफ रखें बच्चों को कीटाणु रहित रखने के लिए आप उन्हें रोजाना नहलाए नहीं बल्कि उसे दिन में कम से कम एक बार स्पंज बाथ अवश्य दें बच्चों के कपड़े भी रोजाना बदले जिससे वह रोजाना तरोताजा महसूस कर सकें

 

#9. बच्चे को आराम करने दे (Give full rest to your kid)

बच्चे को पूरा आराम करने दें जब तक कि वह पूरी तरह से ठीक ना हो जाए इससे बच्चे को टायफाइड कम होने में सहायता मिलती है

 

#10. टायफाइड का टीका (Typhoid Vaccination)

बच्चे को टायफाइड से सुरक्षित रखने के लिए 9 से 12 महीने तक के बच्चों को टीके की पहली खुराक अवश्य दिलवाए इसके बाद 2 साल की आयु में बच्चे को दूसरी, 4 से 6 साल के बीच में बच्चे को तीसरी खुराक दिलाए इससे आपके बच्चे को टायफाइड से सुरक्षित रखने में बहुत सहायता मिलती है

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यहां यह अवश्य जान लें कि टायफाइड का बुखार शरीर को काफी कमजोर बना देता है। इसलिए जरूरी है कि आप टाइफाइड होने के बाद बच्चे के आहार पर ध्यान दें। मियादी बुखार यानि टाइफाइड के बाद कुछ समय तक बच्चे को केवल लिक्विड डाइट ही दें। एक और आवश्यक बात, यहां दिए गए घरेलू उपायों के अलावा बच्चे को दवाई देना कभी ना छोड़े। यह उपाय आप दवा के साथ जारी रखें तो बच्चे को ज्यादा फायदा मिलेगा। जानें बच्चों को टाइफाइड होने पर क्या खिलाना चाहिएः Typhiod Diet

 

 

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