बच्चों को निमोनिया से बचाने के 12 उपाय

बच्चों को निमोनिया से बचाने के 12 उपाय

निमोनिया एक ऐसी बीमारी है जो किसी भी उम्र में किसी को भी हो सकती है परंतु यह छोटे बच्चों में ज्यादा देखने को मिलती है। वैसे तो यह बुखार किसी भी मौसम में हो सकता है परंतु बरसात के दिनों में इस बीमारी का खतरा ज्यादा बढ़ जाता है। निमोनिया होने पर सबसे पहले बच्चे को हल्की सर्दी जुकाम फिर धीरे-धीरे बुखार होने लगता है। बच्चे में बार-बार सर्दी जुकाम होता है और उनकी छाती में कफ जमा हो जाता है जिससे उसे सांस लेने में दिक्कत आती है। बच्चे को इम्युनिटी कमजोर पड़ जाती है जिससे उसे खूब सर्दी लगने लगती है। ऐसे में आप कुछ घरेलू नुस्खे (Home Remedies for Pneumonia) और कुछ सावधानियां बरतकर इस समस्या से अपने बच्चे को छुटकारा दिलवा सकती है।

निमोनिया क्या है? (What is Pneumonia in Hindi?)

निमोनिया एक तरह का छाती या फेफड़ों का संक्रमण होता है जो एक या फिर दोनों फेफड़ों को प्रभावित करता है। इससे फेफड़ों में सूजन आ जाती है और खांसी हो जाती है और बच्चे को सांस लेने में मुश्किल हो जाती है। बच्चों में निमोनिया सर्दी जुकाम या फ्लू के बाद हो सकता है। निमोनिया शिशु और छोटे बच्चों में आर एस वी यानी रेस्पिरेट्री सिन्सिशियल वायरस नामक विषाणु वायरल निमोनिया का सबसे आम कारण है। अगर ऐसे में बच्चों को सही इलाज ना मिले तो यह एक खतरनाक रूप ले लेती है। यदि निमोनिया 3 महीने से छोटे शिशु को होता है तो यह और खतरनाक हो जाता है। यदि 3 माह से छोटे बच्चे मां का दूध नही पी रहे हैं, सुस्त हो और उनका तापमान भी कम हो रहा हो तो समझो कि वह निमोनिया की चपेट में आ गए हैं।

ऐसी परिस्थिति में आप बच्चों का कुछ खास ख्याल रखकर व कुछ घरेलू उपाय (Home Remedies for Pneumonia) अपनाकर इस समस्या से निजात दिलवा सकती है।

 

निमोनिया से बच्चों को बचाने के उपाय (Home Remedies for Pneumonia in Hindi for Babies)

#1. सरसों का तेल (Mustard Oil)

सरसों के तेल में अजवाइन और लहसुन की कली डालकर पहले उसे भिगो ले। फिर थोड़ा ठंडा करके गुनगुना होने पर अपने बच्चे को लगाएं। इससे उसे आराम मिलेगा।

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#2. गर्म कपड़े पहनाए (Wear warm clothes)

एक साल से छोटे बच्चों को आप गर्म कपड़े जैसे ऊनी कपड़े, मोजे और टोपी आदि पहनाकर रखें ताकि उसे ठंडा नही लगे। यदि कमरे का तापमान कम हो तो कमरे को भी गर्म रखने का प्रयास करें। सुबह व शाम बच्चों को ठंडी हवा में बाहर ना निकलने दें जिससे उसे हवा ना लगे और वह ज्यादा बीमार ना पड़े।

 

#3. हल्दी (Turmeric)

हल्दी में एंटीबायोटिक गुण होने के कारण यह शरीर को कई बीमारियों से रक्षा करती है। इसलिए बच्चों में निमोनिया होने पर आप थोड़ी सी हल्दी को गुनगुने पानी में मिलाकर उसकी छाती पर लगाएं। इससे उसको बहुत आराम व राहत मिलेगी।

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#4. तुलसी (Tulsi)

तुलसी की पत्तियां लेकर उसे पीस लें और फिर उसका रस निकाल लें। अब इसमें आप थोड़ा सा काली मिर्च पाउडर मिलाकर दिन में दो बार अपने बच्चे को पिलाएं। इससे भी आपके बच्चे को निमोनिया की समस्या से बहुत आराम मिलेगा।

 

#5. स्तनपान करवाएं (Do Breastfeeding)

अगर आपका बच्चा छोटा है और वह सिर्फ दूध ही पीता हो तो आप उसे ज्यादा बार स्तनपान करवाएं या बोतल से दूध पिलाएं क्योंकि निमोनिया होने पर बच्चों में खांसी की समस्या हो जाती है। वह कुछ भी नहीं पी रहे हो तो उनके शरीर में पानी की कमी हो सकती है। इसलिए ऐसी स्थिति में मां का दूध शिशु के लिए बहुत आवश्यक हो जाता है।

#6. लौंग (Cloves)

इसके लिए आप एक गिलास पानी में पांच से छह लौंग, काली मिर्च पावडर, 1 ग्राम सोडा डालकर उबाल लें। फिर इस मिश्रण को दिन में एक से दो बार अपने बच्चे को पीने को दें। इससे भी उसे बहुत आराम मिलेगा।

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#7. लहसुन का पेस्ट (Garlic Paste)

इसके लिए आप सबसे पहले लहसुन की कुछ कलियां ले और फिर पीसकर अच्छे से मैश कर ले। इसे रात को सोने से पहले बच्चे की छाती पर लगा दे। लहसुन की तासीर गर्म होती है जिससे बच्चे को गर्माहट मिलेगी और उसका कफ बाहर निकल जाएगा।

 

#8. साफ सफाई का ध्यान रखें (Proper cleaning)

आप घर पर स्वच्छता का पूरा-पूरा ध्यान रखें। इसके लिए आप शिशु को दूध पिलाने से पहले या खुद खिलाने से पहले या खाने के बाद अपने हाथ अच्छे से धो ले। अपने बच्चों को प्रदूषित वातावरण या भीड़-भाड़ वाली जगह पर ना जाने दें। यदि आपके घर में कामवाली या कोई आया शिशु की देखभाल करती है तो यह सुनिश्चित कर लें कि वह साफ रहती है या नहीं।

 

#9. पुदीना और शहद (Peppermint and Honey)

इसके लिए आप पुदीने की पत्तियों का रस निकालकर उसमें एक चम्मच शहद मिला लें और इसको अपने बच्चे को पीने को दें। इससे भी उसे निमोनिया की समस्या से आराम मिलेगा।

 

#10. ब्लैक टी और मैथी (Black Tea and Fenugreek)

इसके लिए आप दो चम्मच मैथी पाउडर में एक कप ब्लैक की मिलाएं और इसे उबालकर काढ़ा बना ले। इस काढ़े को दिन में एक बार ही अपने बच्चे को पिलाएं। इससे भी उसे निमोनिया से राहत मिलेगी।

 

#11. खिलौने साफ रखें (Clean Toys)

अगर आपका बच्चा छोटा है और वह खिलौने व अन्य चीजों को मुंह में लेता है तो इस बात का भी पूरा-पूरा ख्याल रखें कि उसके आसपास की सब चीजें साफ हो। उसको खाना खिलाने पर दूध पिलाने के बर्तन को भी अच्छे से पानी में उबालकर साफ करें जिससे उसे किसी और तरह के संक्रमण ना होने पाए।

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#12. टीकाकरण समय पर करवाएं (Vaccination)

सबसे जरूरी है कि आप अपने बच्चों का संपूर्ण टीकाकरण करवाएं। न्युमोकोकोल टीका (पीसीवी) निमोनिया में मेनेजॉइंटस और सेप्टीसीमिया रक्त विषाक्तता के कुछ मामलों के प्रति सुरक्षा प्रदान करता है। एच आई बी डिप्थीरिया और काली खांसी के टीके निमोनिया पैदा करने वाली सभी बीमारियों से बचाव के लिए बहुत जरूरी है।

 

कुछ जरूरी बातें (Other Points to Remember During Pneumonia Fever)

  • जन्म के बाद 6 माह तक जो शिशु सिर्फ मां के दूध पर ही बच्चे निर्भर करते हैं उन बच्चों में निमोनिया कम होने का खतरा रहता है लेकिन जो बच्चे फार्मूला मिल्क या कुछ अन्य लेते हैं तो उनमें निमोनिया होने का खतरा ज्यादा होता है।
  • गर्भवती महिला की अच्छी देखभाल करने से भी बच्चों को निमोनिया होने का खतरा कम होता है। जन्म के समय बच्चों का वजन ढाई किलो से ऊपर होना चाहिए ऐसे बच्चों को निमोनिया होने का खतरा कम रहता है।
  • यदि घर में कोई धूम्रपान करता है तो बच्चे को उससे दूर रखें।
  • कुपोषित और प्रीमेच्योर बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने की वजह से उनका खास ख्याल रखना चाहिए।
  • बच्चों को तेज मसालों और मैदे से बनी चीज़े नहीं देनी चाहिए या बहुत कम देनी चाहिए।
  • बच्चों को पौष्टिक व स्वास्थ्यवर्धक आहार जो उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हो ऐसे आहार की मात्रा बढ़ानी चाहिए।
  • बच्चों को तरल पदार्थ अधिक मात्रा में देने चाहिए।

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