बच्चों के कान का दर्द दूर करने के लिए 10 घरेलू उपाय

बच्चों के कान का दर्द दूर करने के लिए 10 घरेलू उपाय

वैसे तो कान में दर्द होना एक आम बात है परंतु अगर इसका सही समय पर सही तरीके से इलाज ना किया जाए तो यह गंभीर बीमारी का रूप ले लेता है। इससे असहनीय दर्द तो होता ही है इसके साथ ही इससे बहरेपन का खतरा भी बढ़ने की आशंका रहती है। बैक्टीरिया और वायरस के कारण यह समस्या बड़ों से ज्यादा बच्चों में पाई जाती है। इसलिए हर माता-पिता को अपने बच्चों की समस्या को लेकर पूरी तरह से सावधान व सतर्क रहना चाहिए। आज हम आपको कुछ ऐसे घरेलू उपाय (Home Remedies for Ear Pain) बताने जा रहे हैं जिससे आपके बच्चे के कान के दर्द के साथ-साथ कान के संक्रमण से भी छुटकारा मिल जाएगा।  

बच्चों के कान का दर्द दूर करने के घरेलू उपाय (Home Remedies for Ear Pain in Hindi)

#1. स्तनपान ध्यान से करवाएं (Take Care while Breastfeeding) जब एक माँ लेटे-लेटे शिशु को अपना दूध पिलाती है तो संक्रमण का खतरा दोगुना बढ़ जाता है। इसलिए जब भी आप शिशु को अपना दूध पिलाए तो अपने बच्चे का सिर अपनी छाती से ऊंचा या 45 डिग्री के कोण में रखना चाहिए। यदि आप बोतल से दूध पिलाती है तो हमेशा पीने वाले बच्चे का सिर ऊंचा उठाकर ही बोतल देनी चाहिए। इससे बच्चों के कान के दर्द की समस्या नहीं रहेगी। Also Read: कैसे काटें बच्चों के नाखून 

  #2. सिकाई करें (Warm the Ear) अगर कान में संक्रमण की वजह से ज्यादा दर्द हो रहा हो तो बच्चों के कानों की सिकाई करनी चाहिए। इसके लिए आप एक सूती कपड़े को लेकर उसको हल्का सा गर्म करके धीरे-धीरे बच्चों के कानों पर रखें। इससे बच्चों के कान दर्द से थोड़ी राहत मिलेगी।   #3. नहलाने के बाद कान साफ करे (Clean ear after bath) बच्चे के दोनों कानों को नहलाने के बाद उसे हल्के हाथो से पूछकर सूखा रखें। इससे उसमें फंगस होने की संभावना कम हो जाती है। इसे आप नहलाने के तुरंत बाद करिए क्योंकि इससे बच्चों के कान भी आसानी से साफ हो जाएंगे व उनमें दर्द की शिकायत भी नहीं रहेगी।

#4. कान से मैल निकालने के तरीके (Ways to clean ears for kids) यदि कान साफ और सूखे रहने के बाद भी उसमें वैक्स या मैल जमा हो जाता है तो आप किसी बारिक चीज़ से उसे निकालने की कोशिश ना करें। इसके लिए आप नीचे दिए गए इस लेख को पढ़िए। Also Read: बच्चों के कान से मैल निकालने के आसान तरीके   #5. गर्म तेल की मालिश करें (Massage with warm Oil) अगर बच्चे के कान में कोई तरल पदार्थ बाहर नहीं आ रहा है तो आप हल्का गर्म तेल से धीरे-धीरे काम की मसाज कर सकती है। इससे बच्चों को कान के दर्द से कुछ आराम मिलेगा। ध्यान रखें कि बच्चों के कान में ज्यादा तेल भी ना डालें।   #6. तुलसी के पत्ते (Tulsi Leaves for Kaan Dard) तुलसी के पत्ते पीसकर उसके रस की कुछ बूंदों को कान में डाल दे। अगर कान में जख्म हो तो वहां भी यह घरेलू उपाय काम करेगा। तुलसी के रस का प्रयोग दिन में दो से तीन बार करने से कान का दर्द दूर होता है।   #7. लहसुन (Garlic) लहसुन में एंटीबायोटिक व एंटीसेप्टिक गुण होते हैं जो संक्रमण को दूर करने में काफी कारगर होते हैं। लहसुन की दो से तीन कलियों को पीस कर सरसों के तेल में गर्म करके फिर इस तेल को ठंडा होने पर छान ले। अब आप इस तेल की दो से तीन बूंदों को अपने बच्चे के कानों में डाल दें। आप यहां लहसुन को सीधा पीस कर उसका रस भी कान में डाल सकती है। यह देसी नुस्खा ज्यादातर सभी घरों में अपनाए जाने वाला नुस्खा है।   #8. नीम के पत्तों का रस (Neem Leaves) नीम का तेल कान दर्द में एक आयुर्वेदिक दवा के रूप में काम करता है। वैसे तो नीम की हर चीज बहुत सी बीमारियों में काम आती है परंतु यहां इसके पत्तों के रस की दो से तीन बूंदे कान में डालने से उसे राहत मिलती है। इससे कान में होने वाले संक्रमण और दर्द भी गायब हो जाता है। इस घरेलू उपाय को अपने डॉक्टर की सलाह से ही करें।   #9. जैतून का तेल (Olive Oil) जैतून का तेल कान दर्द के उपाय में एक रामबाण उपाय है। अगर कान में थोड़ी सूजन लगती है तो आप जैतून का तेल थोड़ा गुनगुना करके इसकी दो से तीन बूंदे अपने शिशु के कान में डाल दें। आप यहां जैतून के तेल की जगह सरसों के तेल का भी इस्तेमाल कर सकती हैं।   #10. अदरक का रस (Ginger paste) कान के दर्द को दूर करने के लिए यह एक उपयुक्त औषधि है। अदरक को पीसकर जैतून के तेल में डालकर हल्का सा गर्म कर लें और फिर ठंडा करके छान लें। इसकी दो से तीन बूंदे अपने शिशु के कान में डालने से कान में होने वाली खुजली, दर्द और झनझनाहट से राहत मिलती है। इसके अलावा यह भी अवश्य पढ़ेंः बच्चों को सुलाने के आसान तरीके  उपरोक्त सभी उपाय अपने डॉक्टर से परामर्श लेने के बाद ही करें। अगर इन सब घरेलू उपायों (Gharelu Upay) के बाद भी बच्चे को कान के दर्द से राहत नहीं मिलती है तो आप अपने डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें। क्या आप एक माँ के रूप में अन्य माताओं से शब्दों या तस्वीरों के माध्यम से अपने अनुभव बांटना चाहती हैं? अगर हाँ, तो माताओं के संयुक्त संगठन का हिस्सा बने। यहाँ क्लिक करें और हम आपसे संपर्क करेंगे।

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