6 से 12 महीने के बच्चों में दस्त दूर करने के उपाय

6 से 12 महीने के बच्चों में दस्त दूर करने के उपाय

शिशु के जन्म के बाद का पहला साल शिशु और माता-पिता दोनों के लिए बेहद कठिन हो सकता है। छोटे बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है इसलिए वो बार-बार बीमार पड़ते हैं। इस समय जो रोग बार-बार शिशु को तंग करते हैं उन मे सर्दी-जुकाम और दस्त शामिल हैं। इस उम्र के शिशु सामान्यतया अधिक दूध पीते हैं इसलिए उनके मल का पतला होना स्वाभाविक है लेकिन अगर शिशु बार बार मल त्यागता है तो यह डायरिया की निशानी हो सकती है। तो आइयें जानते हैं बच्चों के दस्त को दूर करने के आसान उपाय (Home Remedies for Diarrhea)।

बच्चों की इस दस्त (Kids Running Stomach) की समस्या के पीछे कई कारण हो सकते हैं जैसे वायरल इन्फेक्शन,सफाई की कमी ,बैक्टीरियल इनफेक्शन, खाने से एलर्जी, सर्दी-जुकाम, दाँत का निकलना आदि। बार-बार दस्त होने से शिशु के शरीर से सारा पानी निकल जाता है जिससे उसके शरीर में पानी की कमी हो सकती है। इसके कारण बच्चे का शरीर कमजोर हो सकता है। लेकिन ऐसी स्थिति में परेशान होने से अच्छा है यह जानना कि वो कौन से उपाय हैं जिनसे आप अपने शिशु की इस समस्या को दूर कर सकते हैं।

 

6 से 12 महीने के बच्चों में दस्त दूर करने के उपाय (Home Remedies for Diarrhea in Babies in Hindi)

1) माँ का दूध (Milk)
माँ का दूध बच्चे के लिए अमृत से कम नहीं होता इसीलिए छः महीने तक के बच्चे को केवल स्तनपान कराने की सलाह दी जाती है। अगर बच्चा दस्त से पीड़ित है और ठोस आहार भी लेता है तो भी माँ शिशु को अपना दूध पिलाना जारी रखे क्योंकि इससे बच्चे को पर्याप्त पोषक तत्व प्राप्त होते हैं। दस्त होने पर माँ बच्चे को सामान्य से अधिक बार अपना दूध पिला सकती है। अगर बच्चा गाय, भैंस का या फार्मूला दूध पीता है तो भी उसे दस्त की स्थिति में उसे दूध पिलाना न छोड़े बल्कि दूध को उबाल कर और उसे ठंडा कर के बच्चे को पीने को दें।

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2) तरल पदार्थ (Liquid Diet)
दस्त से बच्चे के शरीर में पानी की मात्रा की ज्यादा हानि हो सकती है जो बच्चे के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है ऐसे में बच्चे को पर्याप्त मात्रा में पानी पिलाए। बच्चे को आप अन्य तरल पदार्थ जैसे नींबू पानी, नारियल का पानी, छाछ या उबले चावल का पानी भी दे सकते हैं। नारियल पानी सरल शर्करा, खनिजों और इलेक्ट्रोलाइट से भरपूर होता है जो शरीर में पानी की कमी नहीं होना देता। दस्त में थोड़ी-थोड़ी देर में शिशु को तरल पदार्थ देने चाहिए। घर पर ताज़ा फलो का जूस बना कर भी बच्चों को दिया जा सकता है जैसे अनार का जूस।

 

3) खिचड़ी (Khichadi)
छः महीने से बड़ा बच्चा ठोस आहार ले सकता है ऐसे में अगर उसे दस्त हैं तो उसे पतली खिचड़ी बना कर खिलाएं, इसके साथ ही आप उसे दही भी दे सकती हैं। दही में जीरा पाउडर और नमक मिला सकती हैं। अगर बच्चे को सर्दी-जुकाम है तो उसे दही देने से परहेज करें।

 

4) दाल का पानी (Lentil’s water)
दाल के पानी को पीने से भी शिशु की दस्त की समस्या से राहत मिलेगी। पीले रंग की दाल को उबाले और उबालने के बाद उसके पानी को छान लें। दाल के पानी में नमक मिला कर बच्चे को पिलाएं। यह उपाय दस्त को दूर करने में सहायक है।

 

5) केला (Banana)
केला दस्त को रोकने में लाभदायक है। दस्त में अगर आप केले को मैश करके बच्चे को खिलाएं तब भी उसे लाभ होगा। गाजर को उबाल कर और मसल कर बच्चे को खिलाने से दस्त में बच्चे को एनर्जी मिलती है। ध्यान रहे, दस्त की स्थिति में बच्चे को अधिक से अधिक तरल दें और ठोस आहार देने से बचे क्योंकि हो सकता है कि बच्चे ठोस आहार को पचा न पाए जो भी आहार दें वो पूरी तरह से घुला हुआ और नरम होना चाहिए।

 

6) ओ.आर.एस का घोल (O.R.S)
दस्त के दौरान बच्चे को दिन में कई बार ओ.आर.एस का घोल पिलाना चाहिए ताकि उसके शरीर में डिहाइड्रेशन न हो और उसे उचित पोषक तत्व प्राप्त हों। ओ.आर.एस का पैकेट दवाई की दुकानों में आसानी से मिल जायेगा। पानी को उबाल कर ठंडा करने के बाद यह घोल उसमे मिला कर बच्चे को पिलाया जाता है। घर पर भी आप इसे बना सकती हैं। उबले हुए और ठंडे किये हुए पानी में नमक और चीनी मिला कर बच्चे को पिलाने से बच्चे को दस्त से राहत मिलती है। इसके अलावा ग्लूकोज पाउडर दस्त में बच्चों को दिया जा सकता है।

 

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7) अदरक (Ginger)
अदरक बच्चे की पाचन क्रिया को दुरुस्त करता है और दस्त के स्थिति में एक अनुकूल आहार है। अदरक का रस निकाल कर उसमे शहद मिला कर बच्चे को देने से भी बच्चे को दस्त में बेहतर महसूस होता है। आप इसके साथ जायफल भी दे सकते हैं।

 

8) दूध से बने खाद्य पदार्थ (Milk Product)
दस्त के दौरान कुछ बच्चों को दूध से बने पदार्थ नहीं पच सकते ऐसे में अपने डॉक्टर से सलाह लें और बच्चे को दूध से बने खाद्य पदार्थ न दें।

 

बच्चे को घी,तेल या मक्खन वाला खाना न खाने दें इसके साथ ही मिर्च-मसाले से भरपूर खाना भी बच्चे को देने से बचे। अगर बच्चा माँ का दूध पिता है तो माँ को भी खाने-पीने में एहतियात बरतनी चाहिए। बच्चे को अगर दस्त (Bachche ko Dast) हों तो उन्हें ठीक होने में समय सकता है इसलिए परेशान न हों बस बच्चे के शरीर में पानी की कमी न होने दें। अगर बच्चा एक्टिव है, खाने पीने में रूचि ले रहा है तो ठीक है लेकिन अगर बच्चा बेहोश जैसी स्थिति में हो और कुछ खा-पी न रहा हो तो स्थिति गंभीर हो सकती है, ऐसे में बच्चे के ठीक होने तक उसे डॉक्टर की निगरानी में रखें।

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