क्या आपने अपनाया कब्ज के लिए यह घरेलू उपाय

क्या आपने अपनाया कब्ज के लिए यह घरेलू उपाय

आधुनिक समय में लाइफ स्टाइल से जुड़ी बीमारियां सामान्य हो गई हैं। मोटापा, डायबिटीज, कब्ज़ आदि कुछ ऐसी ही समस्या हैं। इनमे से एक है कब्ज़ जिसके कारण आज अधिकतर लोग परेशान है। कब्ज़ ना केवल हमें शारीरिक स्तर पर कष्ट देता है बल्कि यह हमें मानसिक स्तर पर भी हमें परेशान कर देती है। कब्ज़ के कारण रोगी का पेट हमेशा भारी महसूस होता है। अगर आप या आपके घर में कोई इससे परेशान है तो आइये आज जानें कुछ ऐसे घरेलू उपाय (Home Remedies for Constipation) जिनसे आप कब्ज़ से घर बैठे ही आसानी से आराम पा सकेंगे।

क्या होता है कब्ज़
कब्ज़ की स्थिति में मल बहुत कड़ा हो जाता है और मल त्याग में काफी परेशानी होती है। इसके कारण पेट में गैस और और दर्द की समस्या भी होने लगती है। अत्यधिक शराब, चाय या कॉफी पीने, रेशायुक्त भोजन ना करने या आंतों की किसी समस्या के कारण कब्ज़ होना आम बात है। अब जानते हैं कब्ज़ के घरेलू उपाय (Home Remedies for Constipation)।

कब्ज के लिए घरेलू उपाय (Home Remedies for Constipation in Hindi)
अधिक से अधिक रेशायुक्त भोजन करें
कब्ज़ को दूर करना है तो खाने में पानी और रेशायुक्त भोजन का अधिक से अधिक प्रयोग करना चाहिए। इसके लिए आप पपीता, दलिया, साबूत अनाज, सब्जियों और टमाटर का सूप आदि खाने में लें सकते हैं।

ईसबगोल से मिले तुरंत आराम
पेट साफ नहीं हो या फिर कब्ज़ की समस्या हो तो इसका सबसे अच्छा उपाय है ईसबगोल की भूसी को मार्केट में आसानी से उपलब्ध होती है। दो चमच्च ईसबगोल को कुछ घंटे के लिए पानी में भिगोकर रख दें, फिर सुबह चीनी और पानी के साथ इसे पी जाएं। यही नहीं आप ईसबागोल को दही के साथ भी खा सकते हैं।

चना से इलाज
कब्ज़ होने पर चना काफी लाभकारी होता है। इसे भिगों कर या उबालकर खाना अधिक लाभदायक होता है। आप गेंहू की रोटी में भी चने का आटा मिलाकर यह रोटी खा सकते हैं। एक और उपाय जो कब्ज़ से आराम दिलाने में सहायक होता है। आप जीरा और सौंठ पीसकर चनों पर डालकर खायें। घण्‍टे भर बाद चने भि‍गोये गये पानी को भी पी लें। इससे कब्‍ज दूर होगी।

फाइबर से भरपूर बेल
बेल को गर्मियों का तोहफा माना जाता है। पके हुए बेल का गुदा पानी में मसलकर उसका शरबत बना लें। यह शरबत नियमित रूप से पीने से काफी लाभ होता है। इस शरबत को आप बोतल में भरकर भी रख सकते है।

केले से पेट साफ
कब्ज़ को दूर करने में केला भी बहुत सहायक होता है। लेकिन ध्यान रखें कि कब्ज से आराम पाने के लिए हमेशा पका हुआ केला खाना चाहिए क्योंकि कच्चा या कम पका हुआ केला दस्त की समस्या में काम करता है।
एक पका हुआ केला लें और इसे दूध के साथ खा लें। केले को अच्छी तरह से चबाकर खाना चाहिए जिससे फाइबर आराम से पेट को मिल सकें।

नींबू से पेट साफ
नींबू पेट के कई रोगों में लाभदायक होता है। सुबह-सुबह हल्के गुनगुने पानी में नींबू का रस पीने से पेट होता है। इसके अलावा रात को सोने से पहले इसे पीकर सोने से सुबह पेट अच्छी तरफ साफ होता है।
एक और देसी नुस्खा, नींबू का रस और शक्‍कर प्रत्‍येक 12 ग्राम एक गि‍लास पानी में मि‍लाकर रात को पीने से कब्‍ज काफी जल्दी दूर हो जाती है। नींबू के स्थान पर आप संतरे भी खा सकते हैं जो विटामिन सी का अच्छा स्त्रोत होते हैं।

 

मुनक्का और किशमिश
बड़ी मुनक्का और किशमिश पेट के लिए काफी लाभप्रद होती है। इसमें नेचुरल फाइबर और ग्लूकोज होता है जि कब्ज़ को खत्म करता है। इसके लिए मुनक्का को दूध में उबालें जब तक कि वह आधा रह जाए। यह गुनगुना दूध सोने के आधे घंटे पहले पीना चाहिए।

 

तांबे के बर्तन में पानी
आयूर्वेद में तांबे के बर्तन को पानी स्टोर करने के लिए काफी सुरक्षित और लाभदायक माना जाता है। कब्ज़ के रोगियों को रात के समय में तांबे के बर्तन में पानी को रखकर सुबह के समय में पीने से शौच खुलकर आती है और कब्ज़ नहीं बनती है।

पानी ना पीने की वजह से भी कब्ज़ होता है इसलिए कोशिश करनी चाहिए कि कम से कम तीन लीटर तो दिन में अवश्य पानी पी लिया जाए। ठंडे पानी के स्थान पर नॉर्मल या हल्का गुनगुना पानी पाचन तंत्र को सही बनाए रखता है।

 

त्रिफला पावडर या चूर्ण
त्रिफला चूर्ण जो आंवला, हरितकी, विभित्तकी से मिलकर बनता है कब्ज़ से आराम दिलाने में सहायक होता है। यह पेट को साफ करता है और पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है।

 

अरंडी का तेल
एक चमच्च अरंडी के तेल को दूध में मिलाकर रात को पीने से सुबह पेट अच्छी तरह से साफ हो जाता है।

 

योगा से दूर करें कब्ज़
कई योग आसान भी कब्ज़ से आराम दिलाते हैं। इन योगासनों में शीर्षसन, व्रजासन या सर्वागासन काफी प्रचलित हैं। इन्हें करने से सुबह शौच के समय पेट आराम से साफ हो जाता है।

लेकिन कब्ज़ अधिक दिनों तक सही ना हो तो बिना देर किए डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। इसके साथ ही प्रोसेसड, फास्ट फूड, मैदा आदि से भी दूर रहना चाहिए।

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