बच्चों को बुखार होने पर आजमाएं यह 7 घरेलू उपाय

बच्चों को बुखार होने पर आजमाएं यह 7 घरेलू उपाय

बच्चे घर की रौनक होते हैं और जब उन्हें बुखार होता है तो पूरा घर सुना-सुना लगने लगता है क्योंकि उनकी शैतानी की माता-पिता को भी आदत सी पड़ जाती है। अगर बच्चों को बुखार हो जाता है तो मानो पूरा घर काटने को दौड़ता है। वैसे तो बुखार आना किसी बीमारी के शुरुआती लक्षण हो सकते हैं परंतु हमेशा शिशु को बुखार (Fever in Kids) होना मतलब कोई रोग होना भी नहीं है। बच्चों को बुखार होने पर वायरल इनफेक्शन की संभावना अधिक होती है। छोटे बच्चों को या नवजात शिशु को बुखार आने पर बिना डॉक्टर की सलाह के बुखार या सर्दी खांसी की दवा नहीं देनी चाहिए और अगर शिशु को बार-बार बुखार आता है और तेज बुखार आता है तो डॉक्टर से तुरंत मिलना चाहिए।

बच्चों के बुखार हो तो उसका हम घर पर भी इलाज कर सकते हैं। तो आइए जानते हैं बच्चों के बुखार को दूर करने के घरेलू उपाय (Hindi Home Remedies for Fever in Kids)।

 

बच्चों में बुखार आने का कारण (Reasons of Fever in Kids)

#1. ज्यादातर बच्चे पूरे दिन खेलते रहते हैं जिससे उन्हें थकान हो जाती है और थकान की वजह से उन्हें रात में बुखार आ जाता है।

#2. जब बच्चों के दांत निकलते हैं तो भी उन्हें बुखार जरूर आता है।

#3. छोटे बच्चे जब पानी में खेलते हैं या फिर ठंडे पानी से नहा लेते हैं तो भी उन्हें बुखार हो जाता है।

बच्चों में बुखार होने के लक्षण (Symptoms of Fever in Kids)

#1. बच्चों को जब बुखार होता है तब कभी तो उन्हें बहुत ज्यादा ठंड लगती है या कभी गर्मी। इस वजह से उनको शरीर में बेचैनी होने लगती है।

#2. इससे उनका पूरा शरीर टूटने सा लगता है और वह बहुत थकावट महसूस करता है और सुस्ती सी छा जाती है।

#3. बुखार (Fever) आने पर भूख बंद हो जाती है और प्यास ज्यादा लगने लगती है।

#4. बच्चों के सिर में दर्द होना, सांसे तेज होना और आंखे लाल होना भी बुखार होने के संकेत हैं।

#5. कब्ज होना, जी मिचलाना, थकावट होना, चक्कर आना, उल्टी होना भी बच्चों में बुखार के संकेत हैं।

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बच्चों में बुखार को ठीक करने के घरेलू उपाय (Hindi Home Remedies for Fever in Kids)

#1. तुलसी

तुलसी एक बहुत ही उपयोगी पौधा है और यह कई बीमारियों में काम आता है। यह एक प्राकृतिक एंटीबैक्टीरियल है जो शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाने का काम करता है। यह 1 साल से कम उम्र के बच्चे के लिए बहुत फायदेमंद होता है। इसके लिए आप 5 से 6 तुलसी के पत्ते एक कप पानी में उबाल लें और जब पानी आधे से कम रह जाए तो इसमें थोड़ी सी चीनी डालकर बच्चे को दिन में 2 बार पिलाएं।

 

#2. जायफल

जायफल पीसकर नाक, छाती और माथे पर इसका लेप करने पर भी बुखार में आराम मिल सकता है।

 

#3. गिलोय

बुखार के लिए गिलोय एक रामबाण इलाज है। बच्चों को बुखार होने पर गिलोय का रस 120 मिलीलीटर शहद में मिलाकर दिन में तीन बार बच्चे को चटाने से भी बच्चों का बुखार ठीक होता है।

 

#4. हरड़

एक छोटी हरड़, दो चुटकी आंवले का चूर्ण, दो चुटकी हल्दी और नीम की एक पत्ती को एक साथ मिलाकर काढ़ा बना ले और बच्चे को पिलाएं। इससे भी बुखार में आराम मिलेगा।

 

#5. कालीमिर्च

लगभग दो कालीमिर्च और दो तुलसी के पत्तों को पीसकर शहद के साथ मिलाकर दिन में 3 या 4 बार बच्चों को चटाने से बुखार दूर हो जाता है।

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#6. मुलेठी

मुलेठी, हल्दी और जौ को एक साथ मिलाकर काढ़ा बना ले और फिर यह काढा बच्चों को पिला दें। यह पीने से बच्चे को बुखार में राहत मिलेगी।

 

#7. अतीस

अतीस बुखार में एक बहुत ही लाभकारी उपाय हैं। इससे तो मलेरिया भी ठीक हो जाता है। तेज बुखार होने पर 10 ग्राम अतीस पिसा हुआ, 10 ग्राम चीनी में शहद मिलाकर आधा-आधा ग्राम बच्चे को सुबह व शाम चटाए। जब बुखार हल्का हो तो अतीस, नीम की छाल और गिलोय का काढ़ा उचित मात्रा में पिलाने से बुखार छूमंतर हो जाता है और शरीर में ताकत भी आती है और बच्चों में भूख भी बढ़ती है।

बुखार आने पर बच्चे का ध्यान रखें। जब आपके शिशु को बुखार होता है तो आप इन घरेलू उपायों के साथ बच्चों की ज्यादा देखभाल करनी पड़ेगी जो इस प्रकार हैं:

 

#1. यदि आपका बच्चा 6 महीने से भी कम उम्र का है तो उसका बुखार ठीक करने के लिए माँ का दूध पिलाना बेहद जरूरी है। इससे आपके शिशु को जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं जिससे बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।

#2. माँ अगर बच्चे को दूध पिलाती है तो उसे भी इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि वह कोई दर्द निवारक दवा से बचें।

#3. शिशु के बुखार होने पर एक साफ कपड़ा ठंडे पानी में भिगोकर शिशु के सिर पर ठंडी पट्टी रखें। ध्यान रहे पानी ठंडा हो परंतु बर्फ वाला ज्यादा ठंडा ना हो। आप शिशु के हाथ, पैर और कमर पर भी कपड़ा रखें ताकि उसका बुखार कम हो।

#4. बुखार होने पर बच्चों के शरीर में पानी की कमी हो जाती है। इस कमी को पूरा करने के लिए बच्चों को दिन भर थोड़ी-थोड़ी देर में पानी या कुछ अन्य तरल पदार्थ दें।

#5. बुखार में शिशु को आराम करना और अच्छी नींद आनी बहुत जरूरी है। इसके लिए आप शिशु के पैरों के निचले भाग पर गुनगुने जैतून या बादाम तेल से हल्के हाथ से मालिश करें। इससे बच्चे को अच्छी नींद आएगी जो बुखार में राहत पाने में मदद करेगा।

#6. बच्चे को आरामदायक और मुलायम कपड़े पहनाए और उसका बिस्तर और कमरा भी आरामदायक हो।

#7. बच्चे को यदि बार-बार बुखार आता है और इन उपायों से भी आराम नहीं आ रहा है या फिर बुखार के साथ-साथ कुछ दूसरे लक्षण भी नजर आए तो तुरंत अपने डॉक्टर से मिले और उसे बच्चे के बारे में सारी बातें बताएं।

 

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