प्रेगनेंसी में दिल से जुड़ी इन 10 बातों को ना करें नजरअंदाज

प्रेगनेंसी में दिल से जुड़ी इन 10 बातों को ना करें नजरअंदाज

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में दिल की बीमारियों इतनी अधिक बढ़ चुकी है कि यह कब किसको हो जाए यह कहा नही जा सकता है। आज के समय में दिल का ध्यान रखना इसलिए भी जरूरी क्योंकि दिनों दिन बढ़ते प्रदूषण के कारण लगातार हमारे दिल पर दबाव बढ़ता जा रहा है। प्रेगनेंसी यानि गर्भावस्था के दौरान तो दिल का ध्यान रखना और भी ज्यादा जरूरी हो जाता है।

प्रेगनेंसी में दिल का ध्यान रखना इसलिए जरूरी होता है क्योंकि इस दौरान शरीर अत्यधिक ऑक्सीजन और ब्लड सप्लाई पाने के लिए हार्टबीट्स को वैसे ही बढ़ा देती हैं। आइयें विश्व हृदय दिवस (World Heart Day) के अवसर पर जानें कि गर्भावस्था के दौरान दिल का कैसे ख्याल रखना चाहिए।

गनेंसी के दौरान दिल का ख्याल रखने के टिप्स (Heartcare Tips During Pregnancy in Hindi)

#1. दिल पर ना डालें ज्यादा बोझ

प्रेगनेंसी में दिल पहले से ही अधिक काम करता है। इसलिए कोशिश करें कि ऐसे कामों से दूर रहा जाएं जिनके कारण हृदय की धड़कने (Heart Beat) बढ़ें। सीढ़ियां चढ़ना, दौड़ना, हद से ज्यादा गुस्सा करना आदि से बचना चाहिए। इसके साथ ही ऐसे सीरियल्स या फिल्में देखने से भी बचें जिनके कारण दिल की गति बढ़े।

#2. हाई बीपी और हायपरटेंशन दिल

कई बार घर और ऑफिस के बीच काम करते-करते महिलाएं दिल का ध्यान रखना भूल जाती हैं जो सही नहीं है। कोशिश करनी चाहिए कि प्रेगनेंसी के समय ऑफिस और घर में संतुलन बैठा रहे। कभी भी ज्यादा तनाव ना लें।

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#3. वजन का नियमित ध्यान रखें

प्रेगनेंसी में वजन एक नियमित सीमा तक बढ़ना सही रहता है। प्रेगनेंसी के दौरान लगातार वजन और यूरिन टेस्ट कराते रहना चाहिए। अगर लगातार अधिक वजन बढ़ रहा हो तो इससे बचने की कोशिश करनी चाहिए।

#4. ध्रूमपान और शराब के सेवन से दूरी

प्रगनेंसी में जितना हो सके शराब, सिगरेट से दूर ही रहना चाहिए। यहां तक कि सेकेंड हेंड स्मोक यानि ऐसे शख्स या स्थान से भी दूर रहना चाहिए जहां कोई ध्रूमपान कर रहा हो। शराब का सेवन ना सिर्फ दिल की धड़कनों को तेज कर देता है बल्कि यह कई मामलों में गर्भ में पल रहे बच्चे के लिए भी खतरनाक है।

#5. क्यों ना लेटे पीठ के बल

गर्भावस्था के दौरान हमेशा करवट लेकर सोने की कोशिश करें। लगातार या देर तक पीठ के बल सोने से बच्चा उन नसों पर दबाव डालने लगता है जिनसे होकर हृदय तक रक्त पहुंचता है।

#6. इस समय रखें खास ख्याल

न्यूयॉर्क विश्वविद्यालय में हुए सर्वे के अनुसार गर्भावस्था के पहले दो महीने, प्रसव के दौरान और प्रसव के दो महीने के बाद महिलाओं को सबसे ज्यादा हार्ट अटैक का खतरा रहता है। इस दौरान जितना हो सके अपने वजन, डर और दिल की धड़कनों को काबू में रखना चाहिए। उम्र बढ़ने के साथ प्रेगनेंसी और भी जटिल हो जाती है। इसलिए उम्र बढ़ने पर गर्भावस्था के समय डॉक्टर की पूरी सलाह लेनी चाहिए और जितना हो सके खुद को रिलेक्स रखना चाहिए।

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#7. इन चीजों से करें दोस्ती

प्रेगनेंसी में दिल (Heartcare During Pregnancy) से दोस्ती करनी है तो अपने खाने-पीने की चीजों में ओमेगा 3, ड्राई फ्रूट्स आदि को अवश्य शामिल करें। साथ ही ऐसी चीजें अधिक से अधिक खानी चाहिए जिनमें अधिक फाइबर हो। नमक का प्रयोग कम से कम करने की कोशिश करें।

#8. प्रेगनेंसी के दौरान व्यायाम

प्रेगनेंसी के दौरान व्यायाम बहुत महत्वपूर्ण है। यह वजन संतुलित रखने और मानसिक शांति के लिए जरूरी है। सिर्फ प्रेगनेंसी के दौरान ही नहीं बल्कि प्रसव के बाद भी व्यायाम करना ना छोड़ें। इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं रखें।

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#9. दिल की बीमारियों के दौरान गर्भधारण

अगर आपको पहले से कोई दिल की समस्या है जैसे हार्ट अटैक का कोई खतरा हो, आर्टिफिशियल वॉल्व या बाई पास सर्जरी हुई हो तो प्रेगनेंसी से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें। यह बहुत ही जरूरी है।

#10. दवाइयों का रखें ख्याल

कुछ दवाइयों को खाने से ना सिर्फ आपके दिल की धड़कने बढ़ जाती हैं बल्कि यह बच्चे के दिल को भी प्रभावित करती हैं। इसलिए कोशिश करें कि प्रेगनेंसी में कोई भी दवाई खाने से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।

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