बच्चों के बाल झड़ने के कारण और घरेलू उपाय

बच्चों के बाल झड़ने के कारण और घरेलू उपाय

हर माता-पिता हमेशा अपने बच्चे को और उनकी सेहत को लेकर काफी सचेत रहते हैं वे अपने बच्चों की सिर्फ स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं ही नहीं बल्कि अन्य कोई भी छोटी से बड़ी समस्या को लेकर चिंतित हो उठते हैंउन्ही चिंताओं में से एक चिंता है बच्चे या नवजात शिशु के बालों का झड़ना (bachho ke baal jhadna) कई बार गर्भावस्था के दौरान गलत खानपान की वजह से भी शिशु के जन्म लेते ही बाल कम होते हैं या बाल झड़ने लगते हैंतो आइए जानते हैं यहां इस लेख में कि शिशु के बाल क्यों झड़ते हैं और उनके झड़ने से रोकने (Hair Loss in Children) के क्या उपाय हैं

 

शिशु के बाल झड़ना एक आम बात है क्योंकि जन्म के पहले 6 से 12 महीने तक अक्सर नवजात शिशु के बाल गिरते हैं। इसलिये यह कोई चिंता का विषय नहीं है क्योंकि जितनी जल्दी बाल गिरते हैं उतनी ही जल्दी बाल उगने भी लगते हैं परंतु चिंता का विषय तब बनने लगता है जब शिशु के बाल लगातार झड़ने लगते हैं बच्चों के बाल झड़ने के कई मेडिकल कारण भी होते हैं।

 

किस उम्र में बच्चों के बाल झड़ना बनता है प्रोब्लम (3 साल से ऊपर)

तीन साल से कम बच्चों के बाल झड़ना बेहद आम होता है। इस समय बच्चों के बाल कई बार फंगल इंफेक्शन या प्राकृतिक कारणों से ही झड़ते हैं। लेकिन इस उम्र के बाद भी बच्चों के बाल झड़ें तो आपको सतर्क रहना चाहिए। तीन साल से अधिक बच्चों के बाल आगर तेजी से गिरे तो इसके पीछे मेडिकल और नॉन मेडिकल दोनों वजहें हो सकती हैं। डेंड्रफ, सिर पर फंगल इन्फेक्शन, आयरन कैल्शियम, बी. कॉम्प्लेक्स, विटामिन सी की कमी या फिर बार-बार शैंपू लगाने के कारण भी बच्चों के बाल झड़ते हैं।

बच्चों के बाल झड़ने के कारण (Causes of Kid’s Hair Loss in Hindi)

बालों की झड़ने की समस्या से जिस प्रकार बड़े परेशान रहते हैं उसी तरह आजकल छोटे बच्चे भी इस समस्या से जूझते नजर आ रहे हैं बच्चों के बाल झड़ने (Bachho ke Baal Jhadne ke Karan) के कारण इस प्रकार हैं:

 

#1. फंगल इंफेक्शन (Fungal Infection)

बच्चों में बाल झड़ने का एक प्रमुख कारण फंगल इन्फेक्शन होता है। कई बार बच्चों की स्काल्प पर सफेद पपड़ी जम जाती है जिसपर खुजली करने से बाल निकलने लगते हैं। यह इंफेक्शन स्काल्प में आई खुश्की की वजह से होती है।

इसे भी पढ़ेंः कैसे दें बादाम ताकि तेज हो बच्चे का दिमाग

#2. आनुवांशिक (Genetically)

बालों के झड़ने का कारण आनुवांशिक भी माना जाता है जिसे एंड्रोजेनेटिक एलोपेसिया कहा जाता है इसमें अगर आपके परिवार में किसी को यह समस्या रह चुकी है तो यह समस्या आपके और आपके बच्चे को भी हो सकती हैं

 

#3. संक्रमण (Infection)

कई बच्चों के सिर पर आपने खाज या दाद जैसे निशान देखे होगें। यह एक प्रकार का संक्रमण होता है जिसका इलाज ना किया जाए तो बाल झड़ने का प्रमुख कारण बन जाता है। यह संक्रमण कई बार इतना भयावह होता है कि सर पर दाद वाले स्थान पर आपको खून जैसा लाल गोलाकार निशान भी बन जाता है।

 

#4. पौष्टिक आहार में कमी (Lack in nutrients)

बच्चों के शरीर में पौष्टिक तत्वों की कमी से बाल झड़ने की समस्या हो सकती है विटामिन सी या बी कॉम्पलेक्स की कमी भी बच्चों के बाल झड़ने का प्रमुख कारण होता है। बादाम के तेल से मालिश और बच्चे को माह में एक से दो बार खट्टे फल देने से यह समस्या आसानी से समाप्त हो जाती है। अपने बच्चों को पौष्टिक सब्जियों का सूप और ताजे फलों का सेवन अवश्य करवाना चाहिए ताकि उसे पूरा पोषण और सही आहार मिले

 

#5. गलत खानपान (Wrong eating)

बाल झड़ने का प्रमुख कारण गलत खानपान भी हो सकता है इसमें बच्चे ज्यादातर जंक फूड जैसे कि पिज़्ज़ा, बर्गर, चॉकलेट, बिस्किट या फिर ज्यादा आलू का सेवन करते हैं व संपूर्ण आहार जैसे कि दाल, चावल, रोटी और सभी सब्जियों से दूर भागते हैं इसका एक कारण माता-पिता के पास समय का अभाव भी हैं जिसके कारण बच्चे बाहर के खाने पर ज्यादा निर्भर करते हैं इससे बाल कमजोर होकर टूटने लगते हैं इसके अलावा यह समस्या उन बच्चों में भी पाई जाती है जो खानपान में संतुलन नहीं बनाकर रखते यानी भोजन को नियमानुसार नहीं खाते हैं

 

#6. धूप के कारण (Sun rays)

ठंड के दिनों में कई माँ अपने नवजात शिशु को अक्सर कई बार पूरे दिन धूप में रखती हैं परंतु जरूरत से ज्यादा शिशु को धूप में रखने से भी शिशु के बालों पर असर पड़ता है और वे कमजोर होकर झड़ने लगते हैं

इसे भी पढ़ेंः प्रेगनेंसी के बाद झड़ते बालों के लिए 15 घरेलू उपाय

#7. दवाइयां भी है एक वजह (Medicines)

नवजात शिशु का इम्यून सिस्टम काफी कमजोर होता है जिससे वह बहुत जल्दी बीमार पड़ जाते हैं ऐसे में उन्हें दवाइयां दी जाती है परंतु कभी-कभी दवाई ज्यादा गर्म होने से वह शिशु के बालों पर असर छोड़ जाती है जिससे उनके बाल कमजोर होकर टूटने लगते हैं। इसके अलावा कई बार गर्भावस्था के दौरान किसी बीमारी की वजह से हार्मोन बदलने लगते हैं तो यह भी बाल झड़ने या बाल कम होने का कारण हो सकता है

 

#8. कैमिकल युक्त उत्पादों का प्रयोग (Using chemical products)

आजकल छोटे बच्चों और शिशुओं के बाल शैंपू में धोने का एक चलन सा हो गया है और माता-पिता बार-बार इसका इस्तेमाल भी करते हैं यदि वह शैंपू हानिकारक केमिकल से बना है तो यह भी एक बाल झड़ने का कारण बन सकता है इसलिए जब भी आप बच्चे के लिए शैंपू का चयन करें एक बात का विशेष ध्यान रखें कि वह शैंपू हानिकारक केमिकल रहित हो और पूर्णतया आयुर्वेदिक हो। इसके अलावा जब आप बच्चे के बाल धोए तो आप सीधा शैंपू बालों में ना लगाए बल्कि शैंपू को पानी में मिला कर फिर बालों में लगाएं

 

#9. कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता (Weak immune system)

कई बार बच्चों में पोषक तत्वों की कमी के कारण रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है बच्चों में आयरन, कैल्शियम, बी कांप्लेक्स और विटामिन सी की कमी होना भी इसका कारण हैं बालों के लिए जो प्रोटीन चाहिए उसे प्रोटीन केरोटिन कहा जाता है अगर हमारे बच्चे के शरीर में प्रोटीन की कमी होती है तो बाल झड़ने की समस्या उत्पन्न होती है इससे बाल रूखे और बेजान होकर टूटने लगते हैं

 

#10. खून की कमी (Anemia)

अगर आप के बच्चे में खून की कमी है तो यह भी बाल झड़ने का कारण बनता है अगर शरीर में आयरन की कमी हो तो इससे शरीर में पर्याप्त मात्रा में लाल रक्त कोशिकाएं नहीं बन पाती हैं यह लाल रक्त कोशिकाएं ही पूरे शरीर में ऑक्सीजन की सप्लाई कर ऊर्जा प्रदान करने में सहायता करती है और ऑक्सीजन की कमी होने के कारण बालों को विकसित होने के लिए जरूरी पोषक तत्व नहीं मिल पाते हैं और वे टूट कर गिरने लगते हैं

बच्चों के बाल झड़ने के प्रमुख निशान (Symptoms of Hair Fall in Kids in Hindi)

अगर नहलाने के दौरान बच्चों के बाल अधिक गिरे या फिर बच्चों की स्काल्प में आपको दाद या फंगस दिखे तो यह बाल झड़ने की निशानी हो सकती है। कई बार सिर से बालों का एक पूरा गुच्छा ही गायब हो जाता है, इस स्थिति में आपको अधिक सतर्क रहना चाहिए। इस प्रकार गुच्छों में अगर बाल गिरे तो जल्द से जल्द डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

बच्चों के बाल झड़ने से रोकने के घरेलू उपाय (Home Remedies for Hair Loss in Children in Hindi)

अगर आपके बच्चों के भी बाल झड़ते है तो आप चिंता ना करें बल्कि आप उनके सिर की पूरी सफाई रखें अच्छे से मसाज करें और कुछ घरेलू उपाय (bachho ke baal jhadne ke gharelu upay) अपनाकर आप इस समस्या से अपने बच्चे को छुटकारा दिलवा सकती हैं जो कि इस प्रकार है:

#1. सिर की सफाई का पूरा ध्यान रखें (Clean Hairs)

ज्यादातर शिशु के सिर पर जन्म के बाद पपड़ी सीजने लगती है जिसके कारण उनका सिर साफ नहीं रहता हैं। इसकी वजह से शिशुओं के बालों की ग्रोथ रुक जाती है ऐसे में इस समस्या से बचने के लिए और शिशु के बालों की अच्छी ग्रोथ के लिए आप उसके सिर और बालों की अच्छे से सफाई रखें

 

#2. सिर की मसाज करें (Head Massage)

बच्चों के सिर में मसाज करने से उनके मस्तिष्क में रक्त संचार अच्छे से होने लगता है जिससे बालों के साथ-साथ खोपड़ी को भी पोषण मिलता है जब सर को पोषण मिलने लगता है तो आपके शिशु के सिर पर धीरे-धीरे बाल भी उगने लगते हैं बच्चों के बालों की ग्रोथ बढ़ाने और उन्हें झड़ने से बचाने के लिए आप उनके सिर में तेल की मसाज करें इसके लिए आप सरसो, नारियल, जैतून या बादाम के तेल का चयन करें बादाम के तेल की मसाज करने से बालों को मजबूती मिलने के साथ-साथ नए बाल भी आने लगते हैं और इसके साथ ही इससे सर में खून का प्रवाह भी अच्छे से होने लगता है तेल के अलावा आप बच्चों के सिर में देसी घी का भी इस्तेमाल कर सकती हैं देसी घी से मसाज करने से बच्चों को मानसिक रूप से मजबूत और बुद्धिमान होने में मदद मिलती है

इसे भी पढ़ेंः प्रेगनेंसी के बाद झड़ते बालों के लिए 15 घरेलू उपाय

#3. पौष्टिक आहार दें (Give Nutritious Food)

6 महीने तक के शिशु अपने आहार के लिए अपनी मां के दूध पर ही निर्भर करते हैं और उसे सारे जरूरी पोषक तत्व मां के दूध से ही मिलते हैं इसलिए ऐसे में महिला को ऐसे आहार का सेवन करना चाहिए जिनमें भरपूर मात्रा में पोषक तत्व हो जिससे शिशु के बालों की ग्रोथ भी अच्छी हो यदि बच्चा थोड़ा बड़ा हो तो आप उनके बालों को झड़ने से बचाने के लिए हेल्दी डाइट दें आप उन्हें हरी सब्जियों का सूप, फलों का रस और दही दें आप बच्चों को सूखे मेवे जैसे भिगोए हुए बादाम और सर्दी में बादाम वाला गर्म दूध दे इससे बालों को भरपूर पोषण मिलेगा और वे झड़ना भी बंद हो जाएंगे

 

#4. केमिकल रहित शैंपू इस्तेमाल करें (Use Chemical Free Shampoo)

बड़ों के और छोटे बच्चों के शैंपू में बहुत फर्क होता है इसलिए कभी भी बड़ों के शैंपू से अपने बच्चे के बाल ना धोए और हमेशा केमिकल रहित शैंपू का इस्तेमाल करें आप नियमित रूप से भी अपने बच्चे के सिर में शैंपू का इस्तेमाल ना करें आप कभी-कभी या यूं कहे कि जब आप अपने बच्चे के बालों पर तेल की मालिश करती है तब उनके बालों को शैंपू करे। इसके साथ ही साफ पानी का इस्तेमाल करके बच्चों के सिर को साफ रखें इससे आपके बच्चे के बालों की ग्रोथ अच्छी होगी

 

#5. जिलेटिन (Gelatin)

जिलेटिन बच्चों के बालों के लिए बहुत फायदेमंद होता है इसके लिए आप जिलेटिन को ठंडे पानी में भिगोकर इसमें एक चम्मच शहद और सेब का सिरका मिला दे इस मिश्रण से बच्चे के सिर की मालिश करें और कुछ देर बाद शैंपू से बाल धो दें

इसे भी पढ़ेंः 3 से 5 साल के बच्चों को कैसे सिखाएं अच्छी आदतें

#6. नीम (Neem)

नीम में एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं जो डैंड्रफ से लड़ने में मदद करते हैं नीम रक्त प्रवाह को संतुलित करता है जिसके कारण बालों की जड़ों को पर्याप्त पोषण मिलता है और इसके कारण बाल मजबूत होते हैं यह सिर को साफ करके उस पर बालों को उगाने में मदद करता हैं और यह बालो संबंधी अन्य समस्याएं भी दूर करता हैं इसके लिए आप नीम की 10 से 12 सूखी पत्तियों को पानी में तब तक उबालें जब तक कि पानी आधा ना रह जाए फिर पानी को ठंडा करके बालों को अच्छे से धो लें जब भी आप शैंपू करें इस नीम के पानी से बालों को धो लें यह आपकी बालों संबंधी सब परेशानियां दूर कर देगा

 

#7. आंवला और नारियल तेल (Gooseberry and Coconut Oil)

अगर आपका बच्चा थोड़ा बड़ा है तो आप अपने बच्चे के सिर पर आंवले के साथ बनाया नारियल तेल की मालिश करें यह बहुत ही गुणकारी उपाय है क्योंकि आंवला विटामिन सी का एक प्रमुख स्रोत माना गया है जो कॉलेजन का निर्माण करने में मदद करता है विटामिन सी (Vitamin C) से ना केवल सिर्फ बालों की अच्छी तरह से वृद्धि होती है अपितु बालों को मजबूती भी मिलती है इससे बाल स्वस्थ रहते हैं और आंवले का नियमित उपयोग करने से बालों के रोग दूर भागते हैं

नारियल तेल में भरपूर मात्रा में विटामिन ई और फैट होता है जो बालों को नमी देता है इसके लिए आप एक कप नारियल तेल में चार से पांच आंवले को तब तक उबालें जब तक तेल काला ना हो जाए और फिर तेल को ठंडा करके रख दे जब भी बच्चे के सर में मालिश करनी हो आप इस तेल से सिर की मालिश करें और आधे घंटे बाद बालों को शैंपू कर लें आप सिर्फ नारियल तेल को भी हल्का गर्म करके मालिश कर सकती हैं इसमें एंटी ऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं जो बालों को मजबूती प्रदान करते हैं और उन्हें झड़ने से रोकते हैं

 

#8. एलोवेरा (Aloe Vera)

एलोवेरा बच्चों के बालों को काफी फायदा पहुंचाते हैं क्योंकि इसमें विटामिन ए, सी, ई आदि पर्याप्त मात्रा में होते हैं साथ ही यह स्कैलप के पीएच को बैलेंस करता है और बालों को झड़ने से रोकता है एलोवेरा जेल को बच्चों की स्केल पर लगा कर कुछ देर बाद बालों को शैंपू कर लें

 

#9. एप्पल साइडर विनेगर (Apple Cider Vinegar)

बालों और स्कैल्प में हर प्रकार के संक्रमण को खत्म करने के लिए एप्पल साइडर विनेगर का इस्तेमाल करना फायदेमंद होता है इसके लिए आप पानी में एप्पल साइडर विनेगर की दो चम्मच मिलाकर बच्चों के सिर पर लगाएं और फिर 5 या 7 मिनट बाद बालों को शैंपू से धो लें ऐसा करने से बालों से संक्रमण खत्म हो जाता है और बाल झड़ना बंद हो जाते हैं

 

#10. कुछ अन्य टिप्स (Some Other Tips for Kid’s Hair Fall)

  • इन सब उपायों के अलावा आप शिशु की नींद में उसकी पोजीशन बदलते रहे क्योंकि एक ही दिशा में लेटे रहने से भी बच्चे के बाल झड़ने (Bachhe ke Baal Jhadne) लगते हैं
  • यदि आप शिशु के लिए किसी विशेष प्रकार के तकिए का इस्तेमाल करती है तो उसका उपयोग करने से पहले बाल रोग विशेषज्ञ से जरूर परामर्श कर ले
  • बच्चों के बाल झड़ने की समस्या से घबराएं नहीं क्योंकि यह एक प्राकृतिक बदलाव है जो शिशु में 6 महीने तक होता हैअगर उसके बाद भी शिशु के बाल झड़ते हैं तो आप बाल रोग विशेषज्ञ को जरूर दिखाएं क्योंकि यह कोई अन्य समस्या हो सकती है
  • बच्चों के बालों की बनावट बड़ों के बालों से अलग होती है और उनके बाल नाजुक भी होते हैं इसलिए आप अपने बच्चों के बाल में कंघी हल्के हाथों से ही करें ताकि उनके बाल ना टूटे
  • अपने छोटे बच्चों के सिर पर प्याज का रस या फिर हल्दी जैसे घरेलू उपचार ना अपनाएं क्योंकि बच्चों की त्वचा बड़ों के अपेक्षा काफी नाजुक होती है

इसे भी पढ़ेंः बच्चों की नजर तेज करने के लिए 10 मुख्य आहार

क्या आप एक माँ के रूप में अन्य माताओं से शब्दों या तस्वीरों के माध्यम से अपने अनुभव बांटना चाहती हैं? अगर हाँ, तो माताओं के संयुक्त संगठन का हिस्सा बने। यहाँ क्लिक करें और हम आपसे संपर्क करेंगे।

null

null