महिलाओं के लिए 7 मुख्य सरकारी योजनाएं

महिलाओं के लिए 7 मुख्य सरकारी योजनाएं

भारतीय सरकार इन दिनों महिलाओं के लिए काफी योजनाएं ला रही है लेकिन जागरूकता की कमी के कारण सभी महिलाएं इन योजनाओं का लाभ उठा पाने में असक्षम रहती हैं। इन योजनाओं (Sarkari Yojana) का हम नाम तो सुन लेते हैं लेकिन लाभ कैसे उठाएं पता नहीं। आइयें इस लेख के माध्यम से जानें महिलाओं के लिए भारत सरकार की योजनाओं (Indian Government Schemes for Women) के बारें में पूर्ण जानकारी।   महिलाओं के लिए सरकारी योजनाएं (Indian Government Schemes for Women in Hindi) महिलाओं के लिए भारत की कुछ प्रमुख योजनाएं निम्न हैंः

  • बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ
  • महिला समृद्धि योजना
  • महिला शक्ति केंद्र योजना
  • इंदिरा गांधी मातृत्व सहयोग योजना
  • प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना
इसे भी पढ़ेंः Laws of Pregnent Women in Hindi #1. बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना   बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का लक्ष्य महिलाओं के प्रति होने वाले भेदभाव को खत्म करना और कन्याओं के लिए कल्याण सेवाओं पर जागरूकता बढ़ाना है। इसकी शुरुआत 22 जनवरी 2015 को हुई थी। यह महिला और बाल विकास मंत्रालय, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय और मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा संयुक्त उपक्रम है।   इस योजना का मुख्य उद्देश्य कन्या भ्रूण हत्या की दर कम करना था। यह एक बेहद सफल अभियान माना जाता है। इस योजना के अंतर्गत अगर महिला को उसके ससुराल वाले गर्भ में पल रहे बच्चे का लिंग जांच करने के लिए दबाव डालते हैं तो इसे एक जुर्म माना जाता है।   #2. वन स्‍टॉप सेंटर स्‍कीम वन स्‍टॉप सेंटर स्‍कीम को 1 अप्रैल 2015 के दिन 'निर्भया' फंड के साथ लागू किया गया था। यह योजना भारत के विभिन्‍न शहरों के अलग-अलग क्षेत्रों में चलाई जा रही है जिसके अंतर्गत यह योजना उन महिलाओं को शरण देती हैं जो किसी प्रकार की हिंसा का शिकार होती है। इसके तहत पुलिस डेस्‍क, कानूनी, चिकित्‍सा और परामर्श सेवाएं देने का काम किया जाता है। इस योजना के लिए टोल फ्री हेल्‍पलाइन नंबर 181 है।   #3. सुकन्या समृद्धि योजना छोटी बच्चियों की लिए यह योजना बेहद सफल है। अगर आपकी बेटी है और आप उसके भविष्य के लिए कुछ पैसे जमा करना चाहते हैं तो यह योजना आपके काफी काम आ सकती है। इस योजना के तहत हर साल कुछ राशि 14 साल तक खाते में जमा करवानी होती है। बेटी के 18 साल के होने पर खाते में से आधा पैसा निकाला जा सकता है। तो वहीं 21 साल होने के बाद खाता बंद कर दिया जाता है और पूरा पैसा दे दिया जाता हैं। यह योजना पीएम मोदी ने लांच की थी। इस योजना के अंतर्गत 8.6% ब्याज मिलता है।   यह योजना उन लोगों के लिए बहुत बेहतरीन है जो छोटी-छोटी बचत के जरिये बच्ची की शादी या उच्च शिक्षा के लिए रकम जमा करना चाहते हैं। सुकन्या समृद्धि योजना की कुछ खास बातें निम्न हैंः
  • सुकन्‍या समृद्धि में केवल जन्म से लेकर 10 वर्ष की उम्र की लड़की के नाम पर ही खाता खुलवाया जा सकता है।
  • 10 वर्ष से ऊपर लड़कियों का अकाउंट नहीं खुलवाया जा सकता है।
  • यह खाता खुलवाने के लिए जन्म प्रमाण पत्र व आवास प्रमाण पत्र होना आवश्यक है।
  • इसे आप 500 रुपए मासिक के साथ भी खोल सकते हैं। एक साल में अधिकतम 1.5 लाख रुपये जमा कराये जा सकते हैं।
  #4. महिला समृद्धि योजना (एमएसवाई) महिला समृद्धि योजना (एमएसवाई) के अंतर्गत महिलाओं को छोटे व्यवसाय शुरु करने के लिए कम ब्याज दर पर लोन उप्लब्ध कराया जाता है। इसमें कुल बजट का 90 प्रतिशत तक ऋण उपलब्ध कराया जाता है। इसका लाभ उठाने के लिए ग्रामीण पोस्ट ऑफिस में खाता खुलवाना अनिवार्य है।    #5. महिला शक्ति केंद्र योजना   महिलाओं के सरंक्षण और सशक्तिकरण के लिए उंब्रेला स्‍कीम मिशन के तहत महिला एवं बाल विकास द्वारा 2017 में महिला शक्ति केंद्र योजना शुरु की गई थी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को सामुदायिक भागीदारी के माध्‍यम से सशक्‍त बनाना और उनकी क्षमता का अनुभव कराना है।   #6. प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना इस योजना का पुराना नाम इंदिरा गांधी मातृत्व सहयोग योजना था जिसका शुभारंभ 28 अक्टूबर, 2010 को किया गया था। इसके अंतर्गत गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं को धनराशि मुहैया कराई जाती थी। अब इसे प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के रूप में केंद्र सरकार द्वारा चलाया जा रहा है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य 19 साल या उससे अधिक उम्र की गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं को पहले दो बच्चों के जन्म तक वित्तीय सहायता प्रदान करना है। इस योजना में सरकार द्वारा नवजात शिशु और स्तनपान कराने वाली माताओं की बेहतर देखभाल के लिए दो किस्तों में 6000 रूपये की वित्तीय सहायता (पहले 4000) प्रदान की जाती है। यह राशि तीन किश्तों में प्रदान की जाती है।   नोटः यह योजना का लाभ उठाने के लिए आपको अपनी आशा या नजदीकी आंगनबाड़ी से अवश्य संपर्क करना चाहिए। हालांकि कामकाजी महिलाएं इस योजना का लाभ नहीं उठा सकती हैं।   #7. प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना गरीबी रेखा से नीचे रहने वाली महिलाओं के लिए प्रधानमंत्री मोदी द्वारा 1 मई 2016 को उज्जवला योजना की शुरुआत की गई थी। इस योजना के अंतर्गत गरीब महिलाओं को मुफ्त एलपीजी गैस कनेक्शन मिलेंगे। जो परिवार बीपीएल (BPL) कैटेगरी में आते हैं, उन्हें PMUY का लाभ मिलेगा। इसका उद्देश्य महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना और सेहत पर ध्यान देना है। इसमें ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली महिलाएं जो गैस के बजाय लकड़ी और कोयला आदि का प्रयोग करती थी को प्राथमिकता दी गई है।   इनके अतिरिक्त भारत सरकार द्वारा स्वाधार घर योजना, महिलाओं के लिए प्रशिक्षण और रोजगार कार्यक्रम (STEP), प्रियदर्शनी योजना (सेल्फ डिफेंस कार्यक्रम), निर्भया आदि योजनाएं भी चलाई जाती हैं। महिलाओं के लिए इन सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए आपको समय-समय पर इनसे जुड़ी जानकारी सरकारी वेबसाइटों से प्राप्त करते रहना चाहिए। हो सकता है इनमें से कुछ योजनाएं आपके काम ना आएं लेकिन आपके घर अगर कोई मेड या घर के काम करने वाली बाई आती हैं तो उनके लिए यह लाभदायक हो सकता है। इस जानकारी को अन्य महिलाओं तक भी पहुंचाएं। इसे भी पढ़ेंः Home remedies for Kids Stomach Infection क्या आप एक माँ के रूप में अन्य माताओं से शब्दों या तस्वीरों के माध्यम से अपने अनुभव बांटना चाहती हैं? अगर हाँ, तो माताओं के संयुक्त संगठन का हिस्सा बने। यहाँ क्लिक करें और हम आपसे संपर्क करेंगे।

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