गर्मियों में प्रसव के समय इन 20 बातों का अवश्य ध्यान रखें

गर्मियों में प्रसव के समय इन 20 बातों का अवश्य ध्यान रखें

ऐसा माना जाता है कि गर्मी के मौसम में अगर प्रसव हो तो मुश्किलें और भी बढ़ जाती हैं। गर्मी के मौसम में धूप और कठोर गर्मी का प्रभाव प्रसव के समय और इसके बाद भी पड़ सकता है। गर्मी के मौसम में अगर ध्यान न दिया जाए तो जल्दी बीमार पड़ने की संभावना बनी रहती है वहीं लगातार पसीने की वजह से शरीर में पानी की कमी भी हो सकती है। जानिए गर्मियों में डिलीवरी (Garmiyon Mein Delivery ke Liye Tips) के समय किन बातों का खास ख्याल रखना चाहिए।

 

गर्मियों में डिलीवरी के समय किन बातों का ध्यान रखें (Health Tips for Delivery During Summer in Hindi)

#1. गर्मियों में डिलीवरी के बाद खानपान

  • प्रसव के समय और बाद में महिला का शरीर बेहद कमजोर होता है। ऐसे में गर्मियों में क्या खाएं और क्या न खाएं, इस बात पर खास ध्यान देना चाहिए। प्रसव के समय महिला को कुछ खाने को नहीं दिया जाता किंतु प्रसव के बाद महिला को क्या खाना है इस बात का पूरा ख्याल रखा जाता है।
  • गर्मी के मौसम में शरीर में आई कमज़ोरी को देखते हुए महिला को हल्का और पौष्टिक आहार खाने की सलाह दी जाती है। प्रसव के बाद महिला को ओटमील, मेथी, सौंफ, अनाज, दालें, मेवे आदि खाने को दिए जाते हैं। यही नहीं प्रसव के बाद महिला को घी भी खाने की सलाह दी जाती है।
  • हमारे घरों में प्रसव के बाद प्रसूता को ठंडी चीज़ें नहीं खाने को दी जाती हालाँकि डॉक्टर ऐसा नहीं कहते। गर्मी के मौसम में प्रसव के बाद भी आप दही, केले और खीरे जैसी ठंडी चीज़ों का सेवन कर सकती हैं।
  • नींबू पानी, नारियल पानी भी आपको गर्मी में राहत प्रदान करेगा। गर्मी में प्रसव के बाद जितना हो सके सलाद खाएं और पानी पीएं। इससे आपके शरीर में पानी की मात्रा कम नहीं होगी जिससे आपका स्वास्थ्य सही रहेगा और आपको प्रसव के बाद की अन्य समस्याओं से मुक्ति मिलेगी।

 

#2. कपड़े

  • गर्मी के मौसम में ऐसे कपड़े पहनने जिनसे न आपको गर्मी लगे और जिनमें आप आराम भी महसूस करें।
  • प्रसव के बाद भी कॉटन की मैक्सी ड्रेसेस आपके लिए उपयुक्त रहेंगी। प्रसव के बाद शिशु को दूध पिलाना भी आपके लिए आवश्यक है। इसके साथ ही हल्के टॉप, कुर्ते, गाउन या लेग्गिंग्स भी आप पहन सकती है।
  • पैरों में पहनने के लिए भी आगे से खुले जूते खरीदें। ऐसे ही अपने शिशु के लिए भी कॉटन के कपड़ों का ही चुनाव करें। नर्सिंग ब्रा भी आपके लिए आरामदायक रहेंगी।

 

#3. आराम करें

प्रसव के बाद महिला को यही सलाह दी जाती है कि वो जितना हो सके उतना अधिक आराम करे। हालाँकि गर्मी के मौसम में रात छोटी होती है और दिन बड़े, ऐसे में महिला को पूरा आराम नहीं मिल पाता। गर्मी के कारण भी आराम करने में मुश्किल होती है और शिशु की पूरी ज़िम्मेदारी भी आपके ऊपर होने के कारण भी आप आराम नहीं कर पाती हैं। ऐसे में परिवार के किसी अन्य सदस्य के साथ जिम्मेदारियों को बाँट लें ताकि आपको पूरा आराम मिले।

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#4. मूत्र सम्बन्धी समस्याएं

चाहे आपका प्रसव सामान्य हुआ हो या सिजेरियन, आपको कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। जिनमें से एक है मूत्र सम्बन्धी समस्याएं। प्रसव के बाद आपको मूत्र त्याग करते समय जलन महसूस हो सकती है। गर्मियों के मौसम में अधिक गर्मी होने के कारण यह समस्या और भी बढ़ जाती है। इससे बचने के लिए अधिक से अधिक पानी पीएं, कसरत करें और अगर समस्या बढ़ जाए तो डॉक्टर की राय लें।

 

#5. कसरत और योगा

प्रसव चाहे गर्मियों में हो या सर्दियों में, डॉक्टर की सलाह के बाद आपको कसरत या योगा अवश्य करना चाहिए। ऐसा करने से न केवल आप फिट रहेंगी बल्कि आप में नयी ऊर्जा का संचार भी होगा। यही नहीं प्रसव के बाद होने वाले तनाव से भी आपको छुटकारा मिलेगा। गर्मी के मौसम में सुबह और शाम के समय सैर करना न भूले।

 

#6. चेकअप

गर्मियों के कारण प्रसव के बाद शारीरिक समस्याएं और भी अधिक बढ़ जाती है। ऐसे में प्रसव के बाद आपको हेल्थ टिप्स पता होने चाहिए। अगर आपका प्रसव सामान्य तरीके से हुआ है तब भी आपको अपने डॉक्टर के पास पोस्ट पार्टम चेकअप के लिए जाना चाहिए। ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि आप सही से रिकवर कर पा रही हैं या नहीं। शिशु का भी नियमित चेकअप करवाएं।

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#7. संक्रमण से बचाव

प्रसव के बाद महिलाओं को संक्रमण होने की भी संभावना रहती है खासतौर पर अगर गर्मियों में बच्चा पैदा (garmiyon mein bachha paida) हो तो आपको इन्फेक्शन का खतरा अधिक हो सकता है। इससे बचने के लिए आपको विटामिन सी युक्त आहार का सेवन करना चाहिए जैसे कि ब्रोकली, आलू साइट्रस युक्त फल, टमाटर आदि। इससे संक्रमण से छुटकारा मिलता है।

 

#8. मालिश

गर्मियों में आराम पाने के लिए अपनी और अपने शिशु की मालिश करवाना न भूले। इससे न केवल आपके और आपके शिशु की त्वचा को आराम मिलेगा, नींद अच्छी आएगी बल्कि शिशु को विकास में भी मदद मिलेगी। इसके साथ ही गर्मियों में भी आपकी त्वचा हाइड्रेटेड और कूल रहेगी।

 

#9. कीड़े मकोड़ों और मच्छरों से बचाव

प्रसव के बाद महिला और शिशु दोनों का शरीर कमजोर होता है और उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है। गर्मियों में मच्छर या अन्य कीड़े के काटने से कई गंभीर रोग होने की भी संभावना रहती है। ऐसे में अपने शिशु को और खुद को मच्छरों और कीड़ों के काटने से बचाने की पूरी व्यवस्था करे।

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#10. अन्य सावधानियां

  • गर्मियों में अपने बच्चे और खुद को सीधी पड़ने वाली सूर्य की किरणों से भी बचाएं। अगर बाहर जाना हो तो अपनी त्वचा के खुले हिस्सों को भी पूरी तरह से ढक कर जाएँ।
  • गर्मियों में पसीना अधिक आता है ऐसे में त्वचा में सूजन, लालपन और अन्य संक्रमण होने की पूरी संभावना रहती है खासतौर पर बच्चे को। इसलिए बच्चे को पूरा दिन डायपर में न रखें और खुद भी इलास्टिक आदि वाले कपड़े न पहने।
  • गर्मियों में बालों में अधिक पसीना आता है। इसलिए बालों की सफाई पर खास ध्यान दें। खुद और बच्चे को दो से तीन बार नहलाएं। इससे आपको और आपके बच्चे दोनों को राहत मिलेगी और कड़ी गर्मी से भी बचाव होगा।

 

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