गर्भावस्था के दौरान सफेद पानी क्यों गिरता हैं?

गर्भावस्था के दौरान सफेद पानी क्यों गिरता हैं?

गर्भवती होना हर महिला के लिए एक उपहार से कम नहीं होता। और ये एक ऐसा अनुभव है जिसमे कई प्रकार के बदलाव होते है जैसे की हारमोन का बदलाव होना, वजन बढ़ना, मानसिक प्रभाव पड़ना, डिहाइड्रेसन इत्यादि। ऐसे ही बदलावों में से एक है गर्भावस्था में सफ़ेद पानी आना (pregnancy me safed pani aana)। गर्भवती महिला के लिए सफ़ेद पानी निकालना अच्छा होता है क्योंकि इस पानी में मृत कोशिकाएं होती है और ये आपकी योनि को साफ सुथरा और इससे होने वाली समस्याओं जैसे की बैक्टीरिया से मुक्त करने में मदद करती है। आइयें जानें गर्भावस्था में सफेद पानी आने के कारण (Reason of White Water During Pregnancy) और यह कब आना सुरक्षित है।

 

गर्भावस्था में सफ़ेद पानी गिरने के कारण (Reason for White Water During Pregnancy in Hindi)

योनि से सफ़ेद पानी (Safed Pani) का आना गर्भावस्था के हर तिमाही में दिखाई देता है, किसी को कम और किसी को ज्यादा, जिसे लिकोरिया (Leukorrhea) या व्हाइट डिस्चार्ज (White Discharge) भी कहते है। ये पानी सर्विकल मुकुस होता है जो की एक गंधहीन पानी है, जो महिला के जनन तंत्र को सही रखने में मदद करता है। ये गर्भावस्था के समय गर्भाशय ग्रीवा में बनता है जो सफ़ेद पानी के रूप में योनि से बाहर निकलते रहता है। जो समय के साथ बदलता रहता है कभी गाढ़ा कभी गुलाबी। इससे डरने या परेशान होने की कोई जरूरत नहीं होती क्योंकि ये मृत कोशिकाओ के कारण हो सकती है। इसका कारण होता है शरीर में ईस्ट्रोजन की मात्रा अधिक होना।

गर्भावस्था में सफ़ेद पानी आने के परिवर्तन

#१. पहले के १ से १३ सप्ताह में 

इस समय पानी पतला और रंगहीन होता है पर जैसे-जैसे समय आगे बढ़ता है ये कुछ गाढ़ा जैसे होने लगता है। अगर आपको लगता है की इसके लक्षण भिन्न या असामान्य दिखाई दे रहे है तो आप अपने डॉक्टर से राय ले।

#२. दूसरी १४ से २६ सप्ताह में

दूसरी तिमाही में गर्भावस्था में सफेद स्राव का पानी थोड़ा गाढ़ा और गंधहीन एवं सामान्य रंग का है तो चिंता करने की कोई बात नहीं। लेकिन अगर इसमे किसी प्रकार का खून आए तो आप तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करे।

#३. तीसरी २७ से ४० सप्ताह

इस सप्ताह के दौरान पहले से पानी का रंग और गाढ़ापन थोड़ा ज्यादा रहेगा। हो सकता है कि गर्भावस्था के आखरी हफ़्तों में पानी के साथ खून आए जो की सामान्य है। इसमे कभी स्त्राव के साथ खून के थक्के भी आ सकते है।

#४. प्रसव से पहले

गर्भावस्था के आखिरी में पानी आना ये संकेत देता है की आपका शरीर बच्चे को जन्म देने के लिए खुद को तैयार कर रहा। यदि प्रसव से कुछ दिन पहले या समय से पहले आपको पेशाब जैसा पतला पढ़ार्थ निकलता है तो डरने की बात नहीं होती, ये amniotic fluid का लीकेज होता है जिससे पता चलता है कि अब आप अस्पताल जाने के लिए तैयार है।

इसके अलावा बहुत जरूरी हैं कि आपको अपनी योनि से गिरने वाले सफ़ेद पानी के रंग और गंध का पूरा ध्यान रखे। अगर आपके मन में किसी भी प्रकार की शंका या सवाल हो या फिर शरीर में कुछ असामान्य परेशानी है तो डॉक्टर से मिले। यदि पानी पतला या कुछ गाढ़ा या फिर गंधहीन हो तो कोई दिक्कत की बात नहीं ,पर अगर कुछ और परेशानी हो जिससे आपको लगे की इसका रंग और गंध अलग है तो आप अपने डॉक्टर से बिना किसी देरी के तुरंत मिले। प्रेगनेंसी के दौरान सफेद पानी आना अगर ज्यादा हो तो डॉक्टर के पास जाने से परहेज ना करें।

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आइये जाने ऐसे कुछ लक्षण जिस पर चिंता और ध्यान देने की आवश्यकता है –

  • अगर योनि से पानी सफ़ेद निकल रहा हो पर पेशाब करते वक्त दर्द और जलन महसूस हो तो तुरंत राय लेने की आवश्यकता है।
  • सफ़ेद पानी गाढ़ा और पीला हो पर उसमे बहुत अधिक बदबू हो।
  • जब पानी हरे रंग का हो और उसकी गंध मछ्ली के जैसी हो।
  • अगर योनि से पानी झाग जैसा हरा और बदबूदार हो|
  • स्त्राव भारी मात्रा में हो रहा हो।
  • योनि का डिस्चार्ज असामान्य, बदबूदार के साथ-साथ पेशाब करने में भी तकलीफ हो और बुखार आए तो।

NOTE: इसके अलावा यदि ३७ सप्ताह से पहले यदि आपको अधिक मात्रा में पानी जैसा स्त्राव (White Discharge) दिखे तो डॉक्टर से मिले क्योंकि यह amniotic sac में छेद या फटने का लक्षण भी हो सकता है इसका अर्थ है की आपका बच्चा गर्भाशय में सुरक्षित नहीं है।

कुछ जरूरी टिप्स जो हर महिलाओ को गर्भावस्था के दौरान अपनानी चाहिए जिससे आप ये परेशानियो से दूर रह सकती है-

#१. सार्वजनिक शोचालय का कभी भी इस्तेमाल न करे क्योंकि इससे संक्रमण होने का खतरा होता है।

#२. अपने गुप्त अंगो की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखे। डॉक्टर की बताइ गई दवाई से अपने निचले हिस्से को हमेशा धोये और धोने के बाद साफ कपड़े से सुखाकर रखे।

#३. साफ सूथरे और हल्के सूती अंडरवियर का प्रयोग करे और उन्हे समय-समय पर बदलते रहे।

#४. कोई भी प्रकार के खुशबू दार या आर्टिफ़िश्यल क्रीम, पाउडर, स्प्रे या लोशन का प्रयोग अपने गुप्त अंगो पर न करे।

#५. पेड्स का उपयोग भी कर सकती है अगर आपको इससे परेशानी हो और आप सामान्य नहीं हो पा रही।

#६. सिल्क और नाइलोन के कपड़े पहनना छोड़े और रात को हल्के कपड़े पहन कर सोये।

#७. अपनी डाइट का विशेष ध्यान रखे, साथ ही समय पर डॉक्टर द्वारा दिये गए दवाइयो को ले।

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