सर्दी जुकाम में क्या है बेहतर वेपोराजर या नेबूलाइजर

सर्दी जुकाम में क्या है बेहतर वेपोराजर या नेबूलाइजर

सर्दी के मौसम में बढ़ने वाले वायु प्रदूषण का सबसे बड़ा असर छोटे बच्चों पर पड़ता है। ऐसा ही कुछ हुआ रीना की बेटी के साथ। छोटे से कस्बे से जब रीना ने बड़े शहर में शिफ्ट किया तो सबसे पहले बीमारी ने उसके घर में कदम रखा। रीना की पांच साल की बेटी अक्सर सर्दी जुकाम, बहती नाक, गले में दर्द और खराश के कारण पीड़ित रहने लगी। इन समस्याओं से बचने के लिए कुछ लोगों ने उसे वेपोराइजर की सलाह दी तो कुछ ने नेबूलाइजर की, जिससे रीना की परेशानी और बढ़ गयी कि दोनों में से किस का प्रयोग करना बेहतर है। सिर्फ रीना ही नहीं बल्कि कई लोग इन दोनों के बीच के अंतर (Difference of Nebulizer Vs Vaporizer) के बारे में नहीं समझ पाते।

 

वेपोराइजर या नेबूलाइजर आजकल हर घर में पाए जाने वाले उपकरण हैं। वायु प्रदूषण के कारण होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं,सांस संबंधी परेशानियों, सर्दी, जुकाम या एलर्जी को दूर करने के लिए यह दोनों एक वरदान की तरह हैं। वेपोराइजर को ह्यूमिडिफाइर्स (Humidifier) भी कहा जाता है। नेबूलाइजर एक आधुनिक उपकरण है जिसकी सिफारिश आजकल डॉक्टर करते हैं। दोनों के अपने-अपने फायदे हैं लेकिन जानिए कि सर्दी-जुकाम में इन दोनों में से क्या बेहतर है।

 

वेपोराइजर या नेबूलाइजर के बीच का अंतर (Difference of Nebulizer Vs Vaporizer in Hindi)

#1) कार्यप्रणाली (Work Procedure)
वेपोराइजर घर या ऑफ़िस की हवा में नमी की मात्रा को बढ़ाने में मदद करता है जबकि नेबूलाइजर रोगी के फेफड़ों या प्रभावित अंगों तक दवाई को पहुंचाने का आसान तरीका है। ठंड के दिनों में कमरों के अंदर नमी का स्तर बहुत घट जाता है जिसके कारण हमें खासकर बच्चे को सर्दी और जुकाम में सांस लेने में बहुत तकलीफ़ होती है। इसके साथ ही उसके बार बार ख़ासी और बंद नाक का सामना भी करना पड़ता है लेकिन वेपोराइजर की मदद से इस नमी का स्तर बढ़ाया जा सकता है।
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वेपोराइजर का प्रयोग सुखी हवा को दूर करने के लिए होता है जबकि नेबूलाइजर का प्रयोग शरीर तक दवाईयों को पहुंचाने के लिए किया जाता है। नेबूलाइजर में एक वायु कंप्रेसर, दवा के लिए एक छोटा कंटेनर और एक ट्यूब होती है और साथ में एक फेसमास्क दिया जाता है। इसमें दवाई भाप के रूप में बदल जाती है और ट्यूब के माध्यम से फेसमास्क तक पहुँचती है जिससे रोगी आसानी से अपनी साँस के द्वारा इसे अपने शरीर के अंदर पहुंचा सकता है।

नेबूलाइजर ऑक्सीजन, कोम्प्रेस हवा और अल्ट्रासोनिक ऊर्जा का प्रयोग करके तरल मिश्रण को एयरोसोल में परिवर्तित करता है। एयरोसोल गैस और ठोस और तरल कणों का मिश्रण होता है जिसे आसानी से साँस द्वारा शरीर के अंदर ले जाया जा सकता है। वेपोराइजर में बिजली और गर्म कोइल का प्रयोग होता है ताकि एयरोसोल बूंदों को प्राप्त किया जा सके।

 

#2. उपचार (Treatment)
वेपोराइजर कई लोगों का इलाज कर सकता है, हालाँकि यह इस बात पर निर्भर करता है कि वेपोराइजर का आकार कितना बड़ा है जबकि नेबूलाइजर की सहायता से एक समय में केवल एक ही व्यक्ति का इलाज हो सकता है।

 

#3. दवाई (Medicine)
नेबूलाइजर में हमेशा दवाई का प्रयोग होता है और हमेशा डॉक्टर की राय लेने के बाद ही इसमें दवाई का प्रयोग करें। नेबूलाइजर में उन दवाइयों का प्रयोग किया जाता है तो कमरे के तापमान में तरल हो। अगर रोगी की अवस्था गंभीर हो तो इसका प्रयोग दिन में कई बार किया जा सकता है। जबकि वेपोराइजर में ज्यादातर दवाई का प्रयोग नहीं होता। इसमें पानी का प्रयोग किया जाता है। वेपोराइजर का प्रयोग लिक्विड्स को गर्म करने के लिए किया जाता है। हां यह जरूर है कि आप पानी में विक्स, कपूर या किसी इसेंशियल ऑयल को डालकर इस्तेमाल कर सकते हैं।

 

#4. असरदार (Effective)
नेबूलाइजर का प्रयोग करना बेहद आसान होता है। अस्थमा के मरीज़ आसानी से इसका प्रयोग कर सकते हैं। इसका प्रयोग दवाई को वाष्प में परिवर्तित करने के लिए किया जाता है ताकि इसे वाष्पों की सहायता से आसानी से साँस द्वारा इसे शरीर के अंदर पहुंचाया जा सके। गंभीर स्थिति में इसका प्रयोग करना फायदेमंद है। वेपोराइजर का प्रयोग सर्दी,जुकाम आदि में किया जाता है और इसका प्रयोग करते समय सावधान रहने की आवश्यकता है खासतौर पर बच्चों के साथ।

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#5. सहूलियत (Comfort)
नेबूलाइजर कई आकारों और साइज में उपलब्ध है यह जैसे बैटरी से चलने वाले और बिजली से चलने वाले दोनों में उपलब्ध हैं। बैटरी से चलने वाले नेबूलाइजर को कहीं भी आसानी से ले जाया जा सकता है यहाँ तक की कई यात्रा पर जाते हुए भी आप इन्हें अपने साथ रख सकते हैं। इनका प्रयोग करना पाकेट साइज इनहेलर (Pocket Size Inhaler) से भी आसान है जबकि वेपोराइजर भी आकार में छोटे ही होते हैं लेकिन यह अधिकांश बिजली से चलते हैं।

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यह तो हुई वेपोराइजर और नेबूलाइजर के बीच का अंतर (Difference of Nebulizer Vs Vaporizer) आइयें अब इसके बारें में थोड़ा संक्षेप में जान लें। अगर सामान्य सर्दी-जुकाम है तो वेपोराइजर के प्रयोग से रोगी को राहत मिल सकती है और वो बेहतर महसूस करेगा जबकि अगर रोगी की स्थिति गंभीर हो जैसे साँस लेने में अधिक समस्या हो रही हो या गले में कफ जमा हो गयी हो इस स्थिति में नेबूलाइजर एक बेहतरीन उपकरण है क्योंकि इसकी सहायता से दवाई आसानी से फेफड़ों तक पहुँच जाती है। आजकल अधिकतर नेबूलाइजर का प्रयोग किया जाता है बस नेबूलाइजर का प्रयोग करने से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य ले लें। बच्चों को सीधे वेपोराइजर की गर्म हवा के संपर्क में ना लाएं। दोनों का ही प्रयोग करते समय कुछेक सावधानियां अवश्य ध्यान में रखनी चाहिए।

 

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