बच्चों को दही कब व कितना देना चाहिए? जानिए इसके 10 फायदें

बच्चों को दही कब व कितना देना चाहिए? जानिए इसके 10 फायदें

दही, दूध, घी, मक्खन, छाछ आदि सभी शुद्ध और सात्विक आहार है। शाकाहारी भोजन में इनका उपयोग होना आवश्यक है। कई प्रकार के प्रोटीन व विटामिन सिर्फ इन्हीं से मिलते है। साथ ही भोजन में मौजूद कई प्रकार के पोषक तत्व इनके सहयोग से अवशोषित होते हैं। हम लोग दूध दही का प्रयोग सदियों से करते आ रहे हैं। दूध को जमा कर दही बनाया जाता है। दही में लैक्टोबैसिलस नाम के बैक्टीरिया होते हैं जो दूध में मौजूद लैक्टोस नाम की शक्कर को तेजी से लैक्टिक एसिड में परिवर्तित कर देते हैं। जिससे दही का स्वाद खट्टा होता है। यह एक बहुत ही बढ़िया आहार है।  

दही के पोषक तत्व

दही में उच्च गुणवत्ता के प्रोटीन होते हैं। एक कप दही दैनिक आवश्यकता की लगभग 25% प्रोटीन को पूरी करता है। इसमें कैल्शियम, फास्फोरस, जिंक, पोटेशियम, मैग्नीशियम प्रचुर मात्रा में होता है। इसके अलावा इसमें विटामिन सी, विटामिन बी6, विटामिन बी12, राइबोफ्लेविन, थाइमिन  पाया जाता है। दही में ओमेगा 3 व ओमेगा 6 फैटी एसिड भी होते हैं। एक कप दही में लगभग 120 कैलोरी मिलती है।   इसे भी पढ़ें: बच्चों में दिमागी शक्ति बढ़ाने के 10 मुख्य आहार

दही से बनने वाली और चीज़े

इससे कई प्रकार की स्वादिष्ट चीजें बनाकर खाई जाती है। जैसे कि: #1. दही को मथ कर उसमें पानी मिलाकर छाछ बनाई जाती है। #2. छाछ को मथ कर मक्खन बनाया जाता है। #3. दही से स्वादिष्ट श्रीखंड भी बनता हैं। #4. इससे कई प्रकार के रायते जैसे बूंदी का रायता, ककड़ी का रायता, प्याज का रायता, मिक्स वेजिटेबल रायता, पाइनेपल का रायता आदि सब चीजें भी बनाई जाती हैं। #5. इससे आप कई प्रकार की लस्सी भी बना सकती हैं जैसे कि नमकीन या मीठी।  

दही कब और कैसे खाना चाहिए

#1.  आप को केवल दिन के समय ही दही देनी चाहिए। आठ से नौ माह के बाद अगर मौसम गर्म है तो आप दही दे सकती हैं। लेकिन सर्दी के मौसम में इसे देने से परहेज करें या अगर देना हो तो केवल दोपाहर के समय ही दें। रात को या अगर बच्चे को सर्दी हो तो उसे दही बिलकुल ना दें। #2. दही ताजा ही खाना चाहिए, बासी या खट्टा दही नहीं खाना चाहिए। #3. यदि कब्ज हो तो दही के स्थान पर छाछ का प्रयोग करना चाहिए। #4. सर्दी, जुखाम, खांसी, कफ हो तो दही ना खाएं क्योंकि इसकी तासीर ठंडी होती हैं। #5. दमा या सांस की समस्या हो तो दही सावधानी पूर्वक खाए। #6. दही का सेवन मुख्यतया ग्रीष्म ऋतु में ही करना चाहिए। बसंत ऋतु में इसका सेवन कम करना चाहिए। #7. दही को ठंडी ही खाएं, गर्म करके ना खाएं। #8. शरीर में कहीं भी सूजन हो तो दही ना खाएं, वरना सूजन और बढ़ सकती हैं। #9. त्वचा रोग की स्थिति में दही डॉक्टर से पूछ कर ही खाए। #10. दही का सेवन सुबह नाश्ते में और दोपहर के भोजन में करना चाहिए। हमें रात को खाते समय इसे नहीं लेना चाहिए क्योंकि दिन में अधिकतर शरीर ऊधर्व अवस्था में रहने के कारण आँते अपना कार्य सबसे ज्यादा करती है। जिसके कारण अच्छे बैक्टीरिया का लाभ आँतों को ज्यादा से ज्यादा मिलता है। रात को दही इसलिए नहीं खाना चाहिए क्योंकि दही की प्रकृति गरिष्ठ होती है और दही पेट को भारी पड़ता है। रात को हमें हमेशा हल्का भोजन करना चाहिए। दही की तासीर ठंडी होती है।
इसे भी पढ़ें: १० मुख्य आहार जो आपके बच्चे के शरीर में आयरन की कमी को पूरा करेंगे  

दही खाने के फायदे

#1. दही में कैल्शियम व फास्फोरस प्रचुर मात्रा में होने के कारण यह हड्डियों और दांतों के लिए बहुत फायदेमंद होती हैं। इसलिए नियमित रूप से अपने बच्चों को दही दे। #2. दही खाने से ओस्टेरि ओपोरेसिस तथा अर्थराइटिस जैसी बीमारियो से बचा जा सकता है। इसके अलावा मांसपेशियों के सुचारु रूप से काम करने के लिए भी दही लाभदायक होता हैं। #3. दही खाने से एनर्जी बनी रहती हैं, मन शांत रहता है व तनाव में कमी आती हैं| इसलिए भारत में घर से बाहर जाते वक्त दही खिलाना शुभ माना जाता है। #4. दही में विटामिन ई, जिंक तथा फास्फोरस की मात्रा अच्छी होने के कारण चेहरे को गोरा बनाने के लिए तथा त्वचा में चमक लाने के लिए यह बहुत उपयोगी है। #5. कई बच्चों को दूध पचता नहीं हैं या किसी-किसी को दूध पीना पसंद नहीं होता तो ऐसे में पोषक तत्वों की जैसे कैलोरी और प्रोटीन आदि की कमी हो जाती है। दही खाने से ये सभी तत्व आसानी से मिल जाते हैं और दही आसानी से पच भी जाती हैं| #6. दही दिल के लिए बहुत अच्छा हैं| यह कोलेस्ट्रॉल को कम करता हैं व साथ ही साथ ब्लड प्रेशर और गुर्दों के लिए भी बहुत ही गुणकारी होता है। #7. दस्त लगने पर दही के साथ इसबगोल या चावल खाने से बहुत आराम मिलता हैं। #8. बवासीर होने पर छाछ में अजवाइन और जीरा पाउडर मिलाकर पीने से लाभ होता हैं। #9. त्वचा पर सन टैनिंग हो जाती हैं, इस झुलसी हुई त्वचा के लिए दही जैसा असर किसी दूसरी चीज से नहीं होता। सिर से होने वाली रूसी के लिए भी दही एक कारगर उपाय है। सप्ताह में एक बार सिर में 10 मिनट दही और मीठा सोडा मिलाकर लगा कर रखें और फिर सादे पानी से सिर धो लें। इससे रूसी बिल्कुल ठीक हो जाएगी। #10. दही या छाछ नियमित खाने से नींद ना आने की समस्या से छुटकारा मिलता है। दही में बेसन मिलाकर इसे उबटन की तरह लगाकर नहाने से पसीने की बदबू से मुक्ति मिलती है और एक नई ताजगी का अहसास होता है।

इसे भी पढ़ें: देसी घी से बनने वाले ५ स्वादिष्ठ भारतीय व्यंजन असल मायनों में दही या दही से बनी छाछ अमृत के समान है। बस इसका सेवन सही ढंग व सही समय पर करना चाहिए। क्या आप एक माँ के रूप में अन्य माताओं से शब्दों या तस्वीरों के माध्यम से अपने अनुभव बांटना चाहती हैं? अगर हाँ, तो माताओं के संयुक्त संगठन का हिस्सा बने| यहाँ क्लिक करें और हम आपसे संपर्क करेंगे|  

null