स्तनपान करवाते समय ना करें यह 9 गलतियां

स्तनपान करवाते समय ना करें यह 9 गलतियां

शिशु को गर्भ में पालने से लेकर उसके जन्म तक माँ कई परिस्थितियों से गुजरती है। इस दौरान उसके मन में उत्साह, खुशी, दर्द जैसी कई भावनाएं भी जन्म लेती हैं लेकिन माँ बनने के बाद अपने शिशु का चेहरा देखकर स्त्री सब कुछ भूल जाती है। शिशु अपने मासूम चेहरे और मुस्कराहट से सबका दिल लुभा लेता है लेकिन शिशु के साथ आती हैं बहुत सारी जिम्मेदारियां। बच्चे को नहलाना, दूध पिलाना, उसकी त्वचा, सेहत का ख्याल रखना इत्यादि कुछ ऐसे काम है जिन्हें करते समय माँ को बेहद सावधानी बरतनी पड़ती है। छोटे से शिशु को लेकर हुई जरा सी लापरवाही भी घातक सिद्ध हो सकती है। शिशु बेहद संवेदनशील और नाजुक होता है ऐसे में अगर शिशु का ध्यान ठीक से न रखा जाए तो पूरी उम्र उसके दुष्प्रभाव देखने को मिल सकते हैं। शिशु के लिए सबसे जरूरी है माँ का दूध जिससे शिशु की इम्युनिटी बढ़ती है और उसे पूरा पोषण प्राप्त होता है। स्तनपान जितना जरूरी है उतना ही आवश्यक है शिशु को दूध पिलाते हुए माँ का कोई भी गलती न करना। ऐसी कौन सी गलतियाँ (Common Breastfeeding Mistakes) हैं जो एक माँ को अपने शिशु को स्तनपान कराते हुए नहीं करानी चाहिए, आइये इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।

स्तनपान करवाते समय ना करें यह गलतियां (Common Breastfeeding Mistakes in Hindi)

#1. गंदे स्तन (Clean Breasts)
शिशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने के कारण शिशु बहुत जल्दी बीमार पड़ते हैं खासतौर पर जो बच्चे समय से पहले जन्म लेते हैं। शिशु स्तनपान करते समय माँ के स्तनों को अपने मुँह में डालता है इसलिए अपने स्तनों को शिशु को दूध पिलाने से पहले धो लेना चाहिए ताकि शिशु के मुँह में गंदगी न जाए। आप चाहे तो स्तनों को बेबी वाइप्स से भी साफ कर सकती हैं। गंदे स्तनों से शिशु को दूध पिलाने की गलती न करें। स्तनों के फटने से दूध पीते समय शिशु के मुँह में घाव हो सकता है इसलिए स्तनों पर नारियल के तेल से मालिश भी करें।

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#2. निप्पल का रखें ध्यान (Pay attention to Nipple)
कई नवजात शिशुओं का मुँह इतना छोटा होता है कि स्तन का निप्पल उनके मुँह में भी नहीं आता ऐसे में शिशु को दूध पीने में परेशानी होती है। इस परेशानी से बचने के लिए जब भी शिशु को दूध पिलायें तो यह कोशिश करें कि आप खुद निप्पल को पकड़ कर शिशु के मुँह में डालें ताकि शिशु आराम से दूध पी सके। अगर शिशु के मुँह में अच्छे से निप्पल न जाए तो दूध के साथ-साथ शिशु के मुँह में वायु भी प्रवेश कर सकती है जिसके कारण शिशु को गैस जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

#3. सही तरीका (Right way of Breastfeeding)
शिशु को दूध पिलाते समय माँ को इसके सही तरीके की जानकारी होना बेहद जरूरी है। शिशु को दूध पिलाने की अवधि पांच मिनट से लेकर तीस मिनट की भी हो सकती हैं। बच्चे को दूध पिलाने के लिए ऐसी पोजीशन का चुनाव करें जिससे अगर आप अधिक समय तक भी शिशु को दूध पिलायें तो आपको या आपके शिशु को परेशानी न हो। गलत पोजीशन से न केवल बच्चा आराम से दूध नहीं पी पायेगा बल्कि आपको भी स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। लेट के दूध पिलाने की जगह बैठ के दूध पिलाने की स्थिति को प्राथमिकता दें।

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#4. सोना (Sleep Away)
प्रसव के बाद माँ को भी आराम की आवश्यकता होती है ऐसे में जल्दी नींद आना स्वभाविक है लेकिन शिशु को स्तनपान कराते समय सोने की गलती ना करें। शिशु को दूध पिलाते समय चौकस और एक्टिव रहें। स्तनपान करवाते समय अचानक माँ का सो जाना शिशु के लिए भी घातक सिद्ध हो सकता है जैसे स्तन शिशु के नाक के ऊपर आ सकते हैं जिसके कारण शिशु को साँस लेने में समस्या हो सकती है।

#5. एक ही स्तन से दूध पिलाना (Feeding with the Same Breast)
अधिकतर माताएं बच्चे को दूध पिलाते समय यह गलती करती हैं कि वो एक बार में एक ही स्तन से दूध पिलाती हैं। ऐसा करने से ना केवल शिशु भूखा रह जाता है बल्कि माँ के लिए भी यह हानिकारक हो सकता है इसलिए शिशु को दूध पिलाते समय उसे दोनों स्तनों से दूध पिलायें। एक स्तन से शिशु को तब तक दूध पिलायें जब तक आपको स्तन के हलके होने का अनुभव हो। जब आपको दूध पिलाते हुए स्तन के कोमल होने का अहसास हो तो उसे दूसरी और से पिलायें।

#6. टाइट ब्रा पहनना (Wearing Tight Bra)
शिशु के जन्म में बाद माँ के स्तन भारी हो जाते हैं और अगर माँ टाइट ब्रा पहनने की गलती करती है तो इससे न केवल शिशु को दूध पिलाने में मुश्किल हो सकती हैं बल्कि ऐसा करने से माँ के स्तनों में दूध जमने की संभावना भी बढ़ जाती है जो बाद में किसी अन्य शारीरिक समस्या का रूप ले सकती है। आप टाइट ब्रा की जगह ढीली ब्रा का चुनाव करें ताकि बच्चा भी आराम से दूध पी सके।

#7. स्थान का चुनाव (Choice of Place)
शिशु को स्तनपान करवाते समय कभी भी ऐसी जगह का चुनाव न करें जहाँ अधिक रोशनी या शोर हो। अधिक रोशनी या शोर वाली जगह शिशु का ध्यान भटक सकता है जिसके कारण वो दूध पीना बीच में ही छोड़ सकता है। इसके कारण उसका पेट नहीं भरेगा और उसे थोड़ी देर के बाद फिर भूख लग जाएगी। इसके स्थान पर किसी शांत स्थान को चुनें ताकि बच्चा आराम से दूध पीकर सो जाए।

#8. सीधा लेटाना (Lying down Baby Straight)
दूध पिलाते समय माताएं जो सबसे सामान्य गलती करती हैं वो है शिशु को सीधा करके गोद में लेटाकर दूध पिलाना। ऐसा करने से बच्चे को दूध अच्छे से हज़म नहीं होता और वो दूध बाहर निकाल सकता है, इसके साथ ही दूध आराम से पीने में भी उसे समस्या होती है। इसलिए इसकी जगह शिशु के सिर के नीचे हाथ रखकर शिशु के सिर को थोड़ा ऊपर उठा लें और शांति से शिशु को दूध पीने दें।

#9. खाने पीने में गलती (Mistake in Eating Habits)
याद रखें जो आप खाती-पीती हैं वही सब शिशु के शरीर में दूध के रूप में प्रवेश करता है। अगर आप अधिक मिर्च-मसाले युक्त आहार खाती हैं तो बच्चा जो दूध पियेगा उसमे भी उसे वही स्वाद आएगा। इसके अलावा अगर आप भारी या अधिक वसा युक्त आहार का सेवन करती हैं तो शिशु को पेट की समस्याएं हो सकती हैं। इसीलिए जब भी आप कुछ खाए तो याद रखें कि छोटा बच्चा आपके दूध पर निर्भर है इसलिए कुछ ऐसा खाने की गलती न करें जो शिशु के लिए हानिकारक हो।

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