जानें कैसे माँ और बच्चे के लिए लाभकारी हैं नीम

जानें कैसे माँ और बच्चे के लिए लाभकारी हैं नीम

नीम भारत में काफी लंबे समय से औषधी के रूप में प्रयोग होता आ रहा है। नीम एक ऐसी चीज है जिसका प्रयोग आप शरीर के लगभग हर अंग के लिए कर सकती हैं। बैक्टीरिया नाशक, कीटाणुनाशक और अन्य कई गुणों से भरपूर नीम त्वचा, दांत या बालों से संबंधित बीमारियों से इलाज के लिए किया जाता है। आपको जानकर यह हैरानी होगी कि इसका प्रयोग आप अपने बच्चों की छोटी-मोटी बिमारियों और स्किन इंफेक्शन के लिए कर सकती हैं। आइयें जानें किस प्रकार नीम आपके बच्चे के लिए लाभदायक (Benefits of Neem) होता है।

नीम के विभिन्न फायदें (Benefits of Neem in Hindi)

स्किन इन्फेक्शन के लिए नीम का प्रयोग (Benefits of Neem for Skin Infection)

अगर बच्चे को कोई स्किन इन्फेक्शन या फोड़े-फुंसी हो तो नीम की छाल से काफी फायदा मिलता है। इसमें ऐंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं जिस कारण से चर्म रोग या घाव आदि होने पर इसका लेप लगाने से काफी फायदा होता है। यह थोड़ा जलता है इसलिए बच्चों को इसकी छाल का लेप लगाते समय थोड़ा ध्यान अवश्य रखें।

इसके अलावा आप नीम के पत्तों को उबालकर उसके पानी से भी बच्चों को नहला सकती हैं। गर्मियों में होने वाली घमौरियों का इससे बेहतर कोई घरेलू उपाय नहीं होता। अगर आपके चेहरे पर पिंपल्स होते हैं तो आप इसकी पत्तियों के पेस्ट को चेहरे पर लगा सकती हैं।

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डैंड्रफ को दूर करे नीम (Uses of Neem for Dandruff)

नीम की पत्तियों को गर्म पानी में उबालकर नहाने से बालों से डैंड्रफ खत्म होता है। अगर आपके बच्चे के बालों में जुएं हो तो आप नीम की पत्तियों का पेस्ट या पावडर प्रयोग कर सकते हैं। आजकल कई स्टोर्स में आपको नीम पावडर या पेस्ट आसानी से मिल सकता है। हालांकि नीम की पत्तियों को घर पर लाकर बनाया जाने वाला पेस्ट या पावडर बाकि सबसे बेहतर होता है। नीम के पत्तों से आप हेयर पैक भी बना सकती हैं।

बालों की समस्या को दूर करने के लिए आप नीम के तेल का भी प्रयोग कर सकते हैं हालांकि नीम का तेल बच्चों की स्कैल्प को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए इसका प्रयोग डॉक्टर की सलाह पर ही करें। आप चाहे तो नीम के पत्तों के पानी को शैंपू के बाद कंडिशनर के रूप में भी प्रयोग कर सकती हैं।

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नीम का दातुन (Neem Datun)

नीम के दातुन का प्रयोग भारत में काफी पुराने समय होता आ रहा है। नीम का दातुन ना केवल दांतों और मसूडों को साफ करता है बल्कि यह मुंह में मौजुद कीटाणुओं को भी मार कर मुंह के दुर्गंध से राहत देता है। नीम का दातुन मसूडों को भी मजबूत बनाता है। नीम के दातुन से निकलने वाले रस से पेट के कीटाणु भी समाप्त होते हैं। नीम का दातुन पायरिया की समस्या को भी दूर करता है।

हालांकि बच्चों को सप्ताह में एक से दो बार से ज्यादा नीम का दातुन नहीं प्रयोग करवाना चाहिए। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि आज नीम का दातुन ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट्स पर भी मिलता है।

कीटनाशक के रूप में नीम का प्रयोग (Neem use as a Pesticide)

नीम की पत्तियों में कीटाणुनाशक गुण होते हैं, इसलिए अगर आपके घर में मच्छर या अन्य कीटाणु अधिक हो तो आप नीम की पत्तियों को जलाकर उसका धुआं प्रयोग कर सकते हैं। नीम की पत्तियों को दरवाजे पर लटकाने से भी कई कीटाणु घर में नहीं आते। आप नीम के तेल को फिनाइल के रूप में भी प्रयोग कर सकते हैं। अगर मच्छर के द्वारा काटी गई जगह पर जलन हो तो वहां आप नीम के पत्तों को लगा सकती हैं।

नीम को चबाना भी है लाभकारी (Chewing Benefits of Neem)

नीम की पत्तियों को चबाने से पेट की समस्याएं दूर होती हैं और इम्यूनिटी मजबूत होती है। नीम के पत्तों में लियोम्नोइड्स नामक तत्व होता है जो कैंसर के खतरे को भी कम करने में सक्षम होता है। यह मुंह में पनप रहे बैक्टीरिया को भी समाप्त करता है।

लेकिन याद रखें कि नीम का सेवन गर्भवती महिलाओं को नहीं करना चाहिए क्योंकि इसकी तासीर काफी गर्म होती है और यह अत्यधिक उल्टी का कारण बन सकता है।

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