सरसों का तेल कैसे है बच्चों के लिए लाभदायक

सरसों का तेल कैसे है बच्चों के लिए लाभदायक

सरसों का तेल एक औषधि के रूप में काम करता हैं वैसे ही सरसों का तेल बच्चों के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है। हमारे देश में शिशु को नहलाने से पहले मालिश करने की परंपरा है। डॉक्टर भी शिशु को मालिश करने की सलाह देते हैं। सरसों का तेल मालिश में कई तरह से फायदेमंद होता है। यह शिशु के सिस्टम को ठीक करके हड्डियों को मजबूत करता है और बच्चे की त्वचा को मुलायम करने के साथ-साथ उसमें नमी बनाए रखता है। तो आइए जानते हैं सरसों के तेल से शिशु को होने वाले फायदे (Benefits of Mustard Oil) के बारे में।

भारत में सरसों के तेल का महत्व

भारत देश में सरसों के तेल का बहुत महत्व है खासकर उत्तर और पूर्वी भारत में। भारत में सरसों के तेल को कई नामों से जाना जाता है जैसे कि हिंदी में सरसों का तेल, बंगाली में सरसे तेल, गुजराती में रेनू तेल, मराठी में मोहरिच तेल और उड़िया में सॉरीसा तेल। सरसों का तेल (Sarson ka Tail) सरसों के बीज से निकाला जाता है। यह सरसों के बीच लाल, भूरे और पीले रंग के होते हैं। सरसों का तेल स्वास्थ्य की नजर से बहुत लाभदायक होता है। हम सभी के घरों में सब्जी बनाने के लिए ज्यादातर सरसों के तेल का उपयोग किया जाता है। इस तेल की तासीर गर्म होती है इसलिए सर्दियों में इसका उपयोग ज्यादा किया जाता है। कुछ जगहों पर इसे कड़वा तेल के नाम से भी जाना जाता है। सरसों का तेल रसोई में काम आने के साथ-साथ सेहत और सुंदरता दोनों के लिए बहुत फायदेमंद होता है। सरसों के तेल में कई ऐसे पोषक तत्व पाए जाते हैं जो दर्द नाशक का काम करते हैं चाहे वह जोड़ों का दर्द हो या कान का दर्द।

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शिशु के लिए सरसों के तेल के फायदे (Benefits of Mustard Oil in Hindi)

वैसे तो बाजार में शिशु के लिए कई प्रकार के तेल उपलब्ध है परंतु यहां हम आपको सरसों के तेल के फायदे (Benefits of Mustard Oil) के बारे में बताने जा रहे हैं, जो इस प्रकार है:

#1. बच्चों की मालिश (Baby Massage)

हमारे देश भारत में सरसों के तेल की मालिश उपयोगी मानी जाती है। सरसों का तेल बच्चों के शरीर को गर्म रखने में मददगार होता है परंतु यह तेल शिशु की त्वचा के लिहाज से ज्यादा भारी और गर्म हो सकता है। इसलिए इसे किसी दूसरे हल्के तेल के साथ मिलाकर लगाना फायदेमंद होता है। शिशु की सरसों के तेल से मालिश करने से उसकी हड्डियां मजबूत होती है और उसकी त्वचा की समस्याए भी दूर होती है। यह शिशु की त्वचा में नमी बनाए रखता है। शिशु की सरसों के तेल से मालिश सर्दियों के मौसम में करना सबसे बेहतर है। गर्मियों के मौसम में मालिश करने से शिशु की त्वचा में खुजलाहट हो सकती है।

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#2. शिशु के अनचाहे बाल समाप्त करना (Remove extra hairs from baby body)

अगर आपके शिशु के शरीर पर अनचाहे बाल है तो आप घबराएं नहीं बल्कि आप अपने शिशु के शरीर पर सरसों के तेल की मालिश करें। इस तेल से मालिश करने से उसके शरीर पर अवांछित बाल समाप्त होते हैं या झड़ जाते हैं।

#3. सर्दी जुकाम से रक्षा (Save from cold and cough)

सरसों का तेल मालिश की दृष्टि से सबसे उपयुक्त माना गया है। इसलिए अगर आप अपने बच्चों के शरीर पर सरसों के तेल की मालिश करती है यह उन बच्चों को सर्दी जुकाम से राहत दिलाता है। यह शरीर के सभी अंगों को लाभ पहुंचाने के साथ-साथ शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाकर उसे मजबूती प्रदान करता है। इस तेल से बच्चों के शरीर की मालिश करने पर उनका इम्यून सिस्टम मजबूत बनता है।

#4. मच्छरों से बचाव (Save from mosquitos)

यदि आपका बच्चा मच्छरों से परेशान है या उसे मच्छर ज्यादा खाते हैं तो आप सरसों के तेल से अपने बच्चे की त्वचा पर मालिश करें। सरसों के तेल से बच्चों के शरीर की मालिश करने पर मच्छर आपके बच्चे से दूर रहेंगे। सरसों का तेल एक प्रभावी मच्छरों से बचाने वाली क्रीम के रूप में काम करता है। इस तेल की तेज सुगंध कीड़े मच्छरों को पास आने से रोकती है। इस तरह मच्छरों और कीटों से होने वाले बुखार जैसे कि मलेरिया आदि से बच्चों की रक्षा होती है। इस तेल से मालिश करने से बच्चों को एलर्जी होने पर भी सुरक्षा मिलती है।

#5. अन्य फायदे (Other Natural Benefits of Mustard Oil in Hindi)

  • सरसों का तेल भूख बढ़ाने का भी काम करता है। यह बच्चों के पाचन तंत्र को ठीक रखता है। पाचन संबंधी समस्याओं के लिए यह एक शक्तिशाली उत्तेजक के रूप में काम करता है।
  • सरसों का तेल सूखे फटे होठों के लिए एक बहुत अच्छा उपाय है। इसलिए अपने बच्चों के होठों पर भी इसे लगाएं। इससे उसके सर्दियों में होंठ नहीं फटेंगे।
  • इस तेल की एक या दो बुंदे रात को सोने से पहले बच्चों की नाभि पर लगाएं। इससे बच्चे के पूरे शरीर में नमी बनी रहेगी।
  • सरसों के तेल में सूजन को कम करने वाले गुण भी होते हैं जो पेट के अंदरूनी हिस्से में सूजन को कम करने में प्रभावी होते हैं।
  • यह निमोनिया जैसी बीमारी में भी छाती की सूजन को कम करता है।
  • इसके अलावा यह बच्चों की लंबाई और वजन भी बढ़ाने में कामगार होता है। सरसों का तेल बच्चों की याददाश्त बढ़ाने में भी उपयोगी है।

अंत में आप इस बात का ध्यान रखें कि सरसों के तेल की तासीर गर्म होती है। इसलिए इसका ज्यादा उपयोग बच्चों पर करने से पहले अपने डॉक्टर से अवश्य सलाह लें ताकि यह पता चल सके कि तेल का कब और कितना इस्तेमाल करना चाहिए।

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