प्रसव के बाद गोंद के लड्डू के 5 मुख्य फायदे

प्रसव के बाद गोंद के लड्डू के 5 मुख्य फायदे

गर्भावस्था के दौरान महिला का खास ध्यान रखा जाता है। उसके खाने पीने का, स्वास्थ्य का आदि सब बातों का पूरा-पूरा ध्यान रखा जाता है जिससे गर्भ में शिशु का विकास भी अच्छे से हो सके लेकिन जब महिला मां बन जाती है यानी प्रसव के बाद भी महिला का विशेष ध्यान रखना और जरूरी हो जाता है क्योंकि मां बनना कोई आसान काम नहीं होता हैं। प्रसव के बाद महिला के शरीर में कमजोरी आ जाती है और महिला को इस समय में अच्छी देखभाल के साथ-साथ पोष्टिक आहार की भी बहुत जरूरत होती है। भारतीय घरों में गोंद के लड्डू इस कमजोरी को दूर करने का सबसे अच्छा माध्यम माना जाता है। चलिए आज गोंद के लड्डू के फायदे (Benefits of Gond ke Ladoo) जानने की कोशिश करें।   हमारे देश में प्रसव के बाद उन महिलाओं को कुछ खास और पारंपरिक आहार खिलाया जाता है ताकि शिशु को जन्म देने वाली मां प्रसव के बाद जल्द से जल्द यानी 35 से 40 दिन के अंदर उसके शरीर में ताकत आ जाए और उसकी कमजोरी दूर हो कर उसे पोषण मिल सके। प्रसव के बाद महिला को अजवाइन के लड्डू, खसखस के लड्डू, कांगनी के लड्डू और गोंद के लड्डू आदि यह सभी लड्डू खिलाये जाते हैं। यह एक नई मां में ताकत और स्फूर्ति भरकर उसे रोगमुक्त भी करते हैं।   गोंद के लड्डू में पड़ने वाली सामग्री जैसे देसी घी, कई तरह के मेवे और गोंद में बहुत सारी कैलोरीज होती हैं और यह लड्डू में इसलिये मिलाई जाती है ताकि मां के जरिए शिशु को भी पौष्टिकता मिल सके। यह लड्डू मां और बच्चे दोनों को जल्द से जल्द स्वस्थ भी करते हैं क्योंकि मां के द्वारा लड्डू खाने पर मां के स्तनों का दूध बढ़ाने में भी सहायता करता है। प्रसव के बाद एक मां को जो आहार दिए जाते हैं उनमे गोंद के लड्डू को सुपर फूड माना जाता है।   भारत में यह गोंद के लड्डू सर्दियों में भी बड़े चाव से बनाए और खाए जाते हैं। गोंद के लड्डू की तासीर गर्म होने के कारण यह गर्भवती महिलाओं को नहीं खिलाए जाते हैं लेकिन स्तनपान कराने वाली महिला के लिए यह बहुत फायदेमंद होते हैं। गोंद के लड्डू को महाराष्ट्र में डिंक और गुजरात में गुंडर लड्डू के नाम से जाना जाता है। तो आइए आज जानते हैं प्रसव के बाद गोंद के लड्डू के फायदे (Benefits of Gond ke Ladoo)। इसे भी पढ़ेंः प्रेगनेंसी के दौरान यह जरूर खाएं    प्रसव के बाद गोंद के लड्डू के फायदे (Benefits of Gond ke Ladoo in Hindi) #1. कमजोरी दूर होती है (Help in Weaknees) प्रसव के बाद महिला का शरीर बहुत कमजोर हो जाता है जिसके कारण महिला को अपने आप उठने व बैठने में भी दिक्कत आती है। महिला की यह कमजोरी एक दिन में ठीक होने की बजाय धीरे-धीरे पूरी होती है। ऐसे में महिला की कमजोरी को जल्दी रिकवर करने के लिए उसे गोंद के लड्डू खिलाए जाते हैं ताकि महिला को भरपूर मात्रा में पोषक तत्व मिल सके और उसकी कमजोरी दूर हो कर उसमें एनर्जी बनी रहे। इसे भी पढ़ेंः  पांच गर्भनिरोधक उपाय 

#2. दर्द से छुटकारा (Relief from Pain) प्रसव के बाद महिला को कई प्रकार के दर्दों से गुजरना पड़ता है जैसे कि कमर दर्द, सर दर्द, जोड़ों का दर्द आदि। इन सब दर्द से राहत पाने के लिए गोंद के लड्डू आयुर्वेदिक दवाओं की तरह काम करते हैं। गोंद के लड्डू जोड़ों के लुब्रिकेंट करने में मदद करते हैं और कमर के दर्द के साथ-साथ अन्य दर्दों को भी कम करते हैं क्योंकि गोंद बहुत पौष्टिक होता है और यह कैल्शियम और प्रोटीन से भरपूर होने के कारण हड्डियों को मजबूत बनाने और कमर दर्द को दूर करने में बहुत सहायक होता है और इस गोंद के लड्डू में बहुत ऊर्जा भी होती है।   #3. मां का दूध बढ़ाए (Increase Breast milk) गोंद के लड्डू वसा और रेशे से भरपूर होते हैं और इसमें मिलने वाली अन्य सामग्री भी पोष्टिक होती है। यह स्तनपान कराने वाली मां को प्रतिरक्षा के लिए दिया जाता है क्योंकि यह प्रतिरक्षा तंत्र को मजबूत बनाने में मदद करती है। इसके अलावा इसका सेवन करने से मां के स्तनों में दूध की मात्रा भी बढ़ने लगती है जिससे शिशु को प्राप्त मात्रा में दूध मिल जाता है। इससे उसका पेट पूरा भरा होने से वह कम रोता है और उसका शारीरिक विकास भी बेहतर तरीके से होता है।   #4. रीड की हड्डी का मजबूत होना (Strong Back Bone) प्रसव के बाद महिला की सबसे बड़ी और आम समस्या होती है उसकी रीड की हड्डी में दर्द महसूस होना। गोंद के लड्डू में कैल्शियम होने से रीड की हड्डी को मजबूत करने में मदद मिलती है जिससे इसका सेवन करने से महिला की हड्डियां मजबूत होती है और उसे इस समस्या से छुटकारा मिलता है।  

#5. अन्य पोषक तत्व (Other Nutrients) गोंद के लड्डू में पढ़ने वाले सूखे मेवे और देसी घी भी पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। इसलिए गोंद के लड्डू में सूखे मेवे भी भरपूर डालने चाहिए ताकि इससे इनमें पोषक तत्वों की मात्रा दुगनी हो जाए ताकि महिला को भी प्रसव के बाद रिकवर होने में ज्यादा समय ना लगे। पोषक तत्वों से भरपूर आहार का सेवन यदि प्रसव के बाद महिला करती है तो इसका फायदा जच्चा और बच्चा दोनों को मिलता है। इसलिए महिला को प्रसव के बाद रोजाना दूध के साथ गोंद के लड्डू जरूर जरूर खिलाए जाने चाहिए। इसे भी पढ़ेंः वजन बढ़ाने वाले आहार    क्या आप एक माँ के रूप में अन्य माताओं से शब्दों या तस्वीरों के माध्यम से अपने अनुभव बांटना चाहती हैं? अगर हाँ, तो माताओं के संयुक्त संगठन का हिस्सा बने। यहाँ क्लिक करें और हम आपसे संपर्क करेंगे।

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