बच्चों को हिचकी आने के कारण व दूर करने के 7 असरदार उपाय

बच्चों को हिचकी आने के कारण व दूर करने के 7 असरदार उपाय

आपने सुना ही होगा हमारे बड़े हमसे कहते थे अगर हिचकी आए तो शायद किसी ने याद किया हैं या बच्चे के पेट में गैस बन रही हैं या फिर अपच हो गया हैं। कुछ लोग कहते हैं कि बच्चे की आंत बढ़ रही हैं। पर बच्चों को हिचकी (bachcho ko hichaki aanaa) आने की कई अन्य वजहें भी हो । क्या आपको पता हैं जब बच्चा गर्भ मे होता हैं तभी से हिचकी लेना शुरू कर देता हैं। आमतौर पर छोटे बच्चे को हिचकी आना काफी आम बात मानी जाती हैं क्योंकि ये अक्सर बच्चे को दूध पिलाने के बाद देखने को मिल जाती हैं। इसके पीछे बस ये कारण नहीं होता कि कोई याद कर रहा हैं या फिर कुछ मनगढ़ंत बातें, इसके पीछे कुछ और कारण होते हैं जिनका आपको जानने की आवश्यकता हैं। तो चलिए जानते हैं बच्चों को हिचकी (Causes of Hiccups in Babies) क्यों आती है और हिचकी रोकने के आसान उपाय।

 

बच्चों को हिचकी आने के कारण (Causes of Hiccups in Hindi)

#1. एसिड रिफ्लक्स

बच्चों  को हिचकी आने की वजह एसिड रिफ्लक्स हो सकता हैं। जब बच्चे दूध पीते है तो उनकी आहार नली पर एक वल्व होता हैं जो छोटे बच्चो में पूरी तरह विकसित नहीं होता हैं, जिसकी वजह से थोड़ा दूध मुंह में वापस आ जाता हैं जिससे बच्चे को एसिड रिफ्लक्स हो जाता हैं जिससे बच्चे को हिचकी और थोड़ी उल्टी भी हो जाती हैं। जब ये वल्व समय के साथ बढ्ने लगते हैं तो उनको हिचकी आनी भी बंद होने लगती हैं।

#2. ज्यादा पेट का भरना

कभी-कभी बच्चे को भूख बहुत ज्यादा लगती हैं जिसकी वजह से वो जल्दी-जल्दी माँ का दूध पीने लगते हैं, इस कारण वे ज्यादा दूध पी लेते हैं। बच्चे का पेट छोटा सा होता हैं और जब बच्चे का पेट भूख से ज्यादा भर जाता हैं तो उनके पेट फ़ैल जाता हैं जिसकी वजह से उन्हे हिचकी आने लगती हैं।

#3. हवा का भरना

जब बच्चे बोतल से दूध पीते हैं तो उसके साथ कुछ हवा भी उनके भीतर जाती हैं। जब बच्चे ज्यादा हवा घोटते हैं तो उनके डायफ्राम पर दबाब पड़ता हैं जिससे डायफ्राम में ऐंठन होने लगती हैं जिसके कारण हिचकी शुरू हो जाती हैं।

#4. एलर्जी होना

जब बच्चे को किसी चीज से एलर्जी होती हैं जैसे कि प्रोटीन युक्त आहार जो कि खासकर बच्चे के फॉर्मूला दूध या जो माँ के स्तनपान में किसी प्रकार के आहार लेने से हो जाती हैं जिससे बच्चे को कभी-कभी हिचकी (hichki) आने लगती हैं।

#5. कमरे के तापमान का बदलना

जब बच्चे दूध पीते हैं या फिर किसी वजह से आपके कमरे का तापमान बदलता हैं या जब कमरा एकाएक ठंडा होने लगता है तो ठंड की वजह से भी बच्चे को हिचकी आने लगती हैं।

बच्चों की हिचकी रोकने के उपाय (Remedies to Stop Hiccups in Hindi)

बच्चों को अगर लगातार हिचका आए तो कभी भी उनकी नाक बंद ना करें। इसके स्थान पर हिचकी रोकने के आसान उपाय आजमाएंः

#1. जब भी आप बच्चे को दूध पिलाये तो उन्हे पूरी तरह लेटा कर न पिलाये। उनके सिर के नीचे या तो अपना हाथ रखे या फिर तकिये की मदद से उनका सिर ऊंचा रखकर उन्हे दूध पिलाएँ।

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#2. जब भी आप बच्चे को दूध पीला ले तो उन्हे डकार जरूर दिलाएँ। डकार दिलाने के लिए बच्चे को अपने कंधे के सहारा गोद में ले और उनकी पीठ पर हल्के-हल्के हाथो से ऊपर-नीचे मालिश करे और धीरे से थपकी भी दे जिससे बच्चे का दूध भी पच जाएगा और उन्हे आराम भी मिल जाएगा। ऐसा करने से हिचकी नहीं आएंगी।

#3. बच्चे को एक साथ ज्यादा दूध न पिलाये बल्कि थोड़ी देर के अंतराल में दूध पिलाएँ| जिससे बच्चे ज्यादा भूखे नहीं होंगे और उन्हे हिचकी नहीं आएंगी।

#4. जब भी आप बच्चे को दूध देने के लिए बोतल खरीदती हैं तो बोतल का निप्पल छोटा देखकर ही खरीदे क्योंकि अगर आप निप्पल बड़ा लेंगी तो बच्चे बड़े निप्पल के साथ ज्यादा हवा अपने मुंह के अंदर खिचेंगे। जिसकी वजह से भी बच्चे को हिचकी आती हैं।

#5. जब बच्चे को हिचकी आ रही हो तो दूध को पिलाना एक बार बंद कर दे और बच्चे की पीठ पर हाथ से थपथपाए जिससे उनकी हिचकी रुक जाएंगी।

#6. जब भी बच्चे को हिचकी आयें तो उन्हे आप शहद भी दे सकती हैं जिससे उनकी हिचकी बंद करने में मदद मिलेंगी लेकिन जो बच्चे 1 साल से कम है उन्हे शहद या चीनी नहीं देनी चाहिए। 1 साल से ज्यादा उम्र के बच्चे को आप इसे देकर हिचकी से आराम दिला सकती हैं।

#7. जब भी बच्चो को हिचकी आयें तो उनका ध्यान किसी और चीज में लगाएँ या फिर बच्चे को उनकी चेयर पर बैठाएँ जिससे उनका ध्यान इधर-उधर होगा और हिचकी रोकने में मदद मिलेंगी। ये उपाय हम बड़ो के साथ अपनाते हैं जैसे कि उन्हे किसी बात से डराना या फिर उनका ध्यान किसी दूसरी तरफ लगाना।

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ऐसे तो हिचकी आना आम बात हैं और बच्चे के विकास के लिए भी अच्छा हैं पर जब बच्चा इससे परेशान हो जाएँ तो आप हिचकी रोकने का प्रयास कर सकती हैं। बच्चे को पानी गलती से भी हिचकी आने के समय न दे। डॉक्टर भी यह सलाह देते हैं कि हिचकी आते समय पानी व दूध नहीं दें। हिचकी को रोकने के लिए आप उपरोक्त उपाय आजमा सकती हैं।  आमतौर पर 6 महीने के बाद हिचकी की परेशानी कम हो जाती हैं।  उपरोक्त हिचकी (Hichaki) रोकने के उपाय विभिन्न माओं द्वारा आजमाएं हुए या जनता के बीच लोकप्रिय हैं। इसका उपयोग स्वविवेक से ही करें।

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