बच्चो को स्कूल भेजते समय माँ को इन 5 बातो का जरुर ध्यान रखना चाहिए

बच्चो को स्कूल भेजते समय माँ को इन 5 बातो का जरुर ध्यान रखना चाहिए

हमारे बच्चे का स्कूल शुरू होना एक अहम् बात है क्योंकि स्कूल जाने के साथ ही वह बाहर की दुनिया से रूबरू होता हैं| दिन के कुछ घंटे वे अपनी मां से दूर रहेंगे और उन्हें वह आराम व सुरक्षा नहीं मिलेगी जो मां के पास मिलती थी| जिससे वे लोगों के साथ व्यवहार करना सीखते हैं और उसी के आधार पर उनके नए दोस्त बनते हैं| खास है ना यह सब, एक मां के लिए भी और बच्चे के लिए भी| लेकिन आजकल के बच्चे स्कूल से पहले प्लेस्कूल जाते हैं जहां ज्यादातर अभिभावकों को संक्रमण होने का डर सताता हैं| वहीं कुछ और भी चीजें हैं जिनके बारे में आपको स्कूल भेजने से पहले चिंता रहती होगी या हो सकता हैं कि स्कूल में कोई आपके बच्चे को परेशान करता हो| इसलिये अपने बच्चे को स्कूल भेजने से पहले आपको इन बातों का खासकर ध्यान रखना चाहिए|

इन 5 बातो का जरुर ध्यान रखे

#1. साफ-सफाई

आप अपने बच्चों की पानी की बोतल, सिपर और यहां तक कि बच्चा जिन खिलौनों से खेलता हैं या मुंह में डालता हैं, उसे भी उबालकर साफ करती हैं और इस बात का भी ध्यान रखती हैं कि उन्हे छूने से पहले आपने अपने हाथो को अच्छे से धोया हैं या नहीं|
लेकिन उसके स्कूल में क्या सभी बच्चे व अध्यापक इसी तरह साफ-सफाई का ध्यान रखते हैं? इसलिये बच्चों को स्कूल में दाखिला दिलाने से पहले इस बात पर ध्यान दें कि वहां साफ-सफाई का कितना ख्याल रखा जाता हैं| इसे भी पढ़ें: बच्चों में दिमागी शक्ति को बढ़ाने के लिए 10 मुख्य आहार

#2. शिष्टाचार

आपने अभी तक अपने बच्चे को नमस्ते, प्लीज, थैंक यू और सॉरी कहना सिखा दिया होगा लेकिन इस बात का भी ध्यान रखना जरूरी है कि आपका बच्चा सही शिष्टाचार रखें| विशेषकर स्कूल में जहां बच्चे अलग-अलग तरह के परिवारों से आते हैं और उनका व्यवहार अलग-अलग होता हैं| उनके व्यवहार का असर आपके बच्चे पर भी पड़ सकता हैं| आपका बच्चा शांत और अच्छा व्यवहार करने वाला हो सकता हैं लेकिन स्कूल में गलत संगत में पड़कर कुछ गलत शब्द भी सीख सकता हैं| इस कारण बच्चे के लिए आपको ज्यादा सतर्क रहना होगा| आप स्वयं तो उसके साथ शिष्टाचार बनाए रखें और साथ ही बच्चे के साथ स्वस्थ तरीके से बात भी करते रहने होगी कि उसे अपने नए दोस्तों के साथ कैसा लगता हैं और उनके साथ कैसा व्यवहार करता हैं|

#3. भाषा

बच्चों को स्कूल भेजते समय हर मां की सबसे बड़ी चिंता यही रहती है कि कहीं उसके बच्चे की जबान खराब ना हो जाए| आजकल ज्यादातर बच्चे बहुत सी भाषाओं को अच्छी तरह से बोल लेते हैं| वहीं अगर उन्हें ऐसे अध्यापकों का साथ मिले जो चीजें स्पष्ट नहीं कर पाते हो या उन्हें अच्छी ट्रेनिंग ना मिली हो तो उनकी भाषा पर पकड़ और जानकारी कमजोर पड़ जाएगी| इसलिये आप इस बात का जरुर ध्यान रखे कि अध्यापक उन्हें बोलने की एक दम सही ट्रेनिंग दे| इसे भी पढ़ें: बच्चों को गाय का दूध देने के 10 फायदे

#4. डराना धमकाना

खेलते हुए बच्चे अक्सर एक दूसरे से झगड़ा और छोटी-मोटी लड़ाईयां तो करते ही रहते हैं लेकिन कहीं ऐसा तो नहीं है कि कोई दूसरा बच्चा आपके बच्चे को परेशान करता हो| अक्सर स्कूल जाने वाले कुछ बच्चे दब्बू किस्म के बन जाते हैं जिनका पढ़ाई में या स्कूल जाने का मन नहीं करता हैं| हो सकता हैं कि आपका बच्चा भी इसका शिकार हो, दूसरे बच्चे उसे डराने धमकाने का काम करते हो या यह भी हो सकता हैं कि आपका बच्चा ऐसे बच्चों के साथ हो जो खुद से कमजोर या शांत रहने वाले बच्चों को तंग करते हो| इसलिये अपने बच्चे के व्यवहार पर ध्यान दें और किसी भी प्रकार का अंतर देखने पर स्कूल के स्टाफ, अध्यापकों से इस बारे में बात करें|

#5. सुरक्षा

जिस स्कूल में आपका बच्चा पढ़ने जाता हैं वह कितना सुरक्षित हैं? क्या वहां सीसीटीवी कैमरे लगे हैं? क्या वहां आवश्यक संख्या में सुरक्षा गार्ड तैनात हैं? विशेषकर इस बात का ध्यान दे कि वहां का स्टाफ कैसा हैं? आप के बच्चों की सुरक्षा आप की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए| आजकल के समाज में हम आसानी से किसी पर भी भरोसा नहीं कर सकते हैं और खासकर तब जब आप अपने बच्चों को पहली बार अपने से दूर किसी स्कूल में भेजती हैं तो आपको वहां का स्टाफ, अध्यापकों, सुरक्षा की तैयारियों आदि का अच्छे से जायजा लेना चाहिए और इसके बाद ही अपने बच्चों को स्कूल में भेजना चाहिए| इसे भी पढ़ें: बच्चो में खून की कमी को दूर करने के 10 आहार इसलिए अपने बच्चों को स्कूल भेजते समय आप इन सब बातों का ध्यान रखिए और बच्चों से समय-समय पर पूछते रहिए और सब जानकारी लेते रहिए| अपने बच्चों के साथ अच्छे संबंध होने से व उसके स्कूल की रोजाना की दिनचर्या जानने से आपको सब कुछ समझने में व निर्णय लेने में आसानी होगी| क्या आप एक माँ के रूप में अन्य माताओं से शब्दों या तस्वीरों के माध्यम से अपने अनुभव बांटना चाहती हैं? अगर हाँ, तो माताओं के संयुक्त संगठन का हिस्सा बने| यहाँ क्लिक करें और हम आपसे संपर्क करेंगे|

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