बच्चों को मोबाइल से दूर रखने के लिए ये 5 तरीके आजमाए

बच्चों को मोबाइल से दूर रखने के लिए ये 5 तरीके आजमाए

इस तकनीकी दुनिया में फोन और टीवी गैजेट्स गुरु बन गए हैं। यह केवल वयस्कों को ही नहीं बल्कि बच्चों को भी बहुत कम उम्र में प्रभावित करने लगा है। हम खुद हमेशा एक ही बात कहते रहते हैं कि बच्चे तकनीकी दिमाग से जन्म ले रहे हैं। लेकिन हम में से कोई नहीं समझ पाया है कि उन्हें इस तरह से बनाने के लिए कौन जिम्मेदार है। जी हां, हम खुद ही (माता-पिता) ही जिम्मेदार हैं। हमारा परिवेश और हमारी जीवनशैली ही ऐसी हो गई हैं।   रंग बिरंगे चित्र, आकर्षक वीडियो, रोचक गेम और इस तरह की अन्य सुविधाओं की एक विशाल श्रंखला ने इसे बच्चों के लिए एक अनूठा मनोरंजक गेम बना दिया है। अफसोस इस बात का है कि आपके बच्चे की गुणवत्ता को इससे नहीं मापा जा सकता हैं कि वो मोबाइल गेम कितनी अच्छी तरह से खेलता हैं या रिमोटस व मोबाइल के संचालन में कितना तेज है। इसलिये सोचिये कैसे हम अपने बच्चों को संस्कृति और प्रकृति से अलग कर रहे हैं।  

इसे भी पढ़ें: 1 से 3 साल के बच्चों को खुद खाने की आदत कैसे डालें?

बच्चों को मोबाइल  से दूर रखने के 5 आसान तरीके (5 Ways To Keep Kids Away From Mobile in Hindi)

कई माता-पिता के लिए आजकल अपने बच्चों को इन उपकरणों से दूर रखना एक चुनौती बन गई है। आइए हम आपको बच्चों को मोबाइल से दूर रखने के उपाय (Ways To Keep Kids Away From Mobile) बताते हैं।

#1. दादा-दादी से जुड़े

दादी-दादा अपने पोता-पोती को अपना अनमोल समय मुहैया करा सकते हैं। वे उनके साथ अच्छे से खेल सकते हैं या उन्हें पुरानी धार्मिक व पौराणिक कहानियाँ सुना सकते हैं। इस तरह से दादा-दादी व आपके बच्चे दोनों का मन भी लगा रहेगा व दोनों खुश भी रहेंगे। इसे भी पढ़ें: छुट्टियों में बच्चो को घर पर ही कैसे व्यस्त रखे?

#2. खुद से शुरुआत करे

हम सभी यह जानते हैं कि बच्चे सर्वश्रेष्ठ अनुकरणकर्ता होते हैं। वे वही करने की कोशिश करते हैं जो वे चारों ओर देखते हैं। इसलिए ऐसे माँ-बाप जो खुद अपना बहुत समय मोबाइल पर बिताते हैं, तो उनका ऐसे मामलों में बच्चों को निर्देश देना बहुत अधिक उपयोग नहीं हो सकता। इससे वे आपको गलत ही समझेंगे| इसलिए फोन का सीमित उपयोग करके आप अपने बच्चों के लिए एक अच्छी आदर्श बनें। यदि आपका पेशा फोन का उपयोग करने की मांग करता हैं तो इसे अपने बच्चों की आंखों से दूर रखे।

#3. बच्चों को प्रकृति से जोड़ें

प्रकृति बच्चों के लिए एक प्राकृतिक औषधि होती हैं। उन्हें हर दिन अपने घर के पास वाले पार्क में खेलने के लिए लेकर जाए| वहां पर बच्चे हरियाली का आनंद लेंगे और ताजा भी महसूस करेंगे। पार्क में बच्चे के ओर दोस्त भी बनेंगे जिससे वो उनसे घुलेगा मिलेगा| आप सभी बच्चो को कुछ शारीरिक खेल भी खिला सकती हैं|

#4. संतुलन बिठाये

टीवी और फोन अपने घर पर ना रखें, यह संभव नहीं है। तो बेहतर यही हैं कि टीवी को अपने बेडरुम की बजाए अपने दूसरे कमरे में लगाएं और बच्चों के सामने फोन का कम उपयोग करें। साथ ही हर समय "नहीं" कहने से बचें क्योंकि बच्चे आमतौर पर उन चीजों को ज्यादा करते हैं जिनकी उन्हें करने की अनुमति नहीं होती। इसलिये अपने बच्चों की दिनचर्या को अपने पसंदीदा कार्टून या किसी भी अन्य चैनल को देखने की योजना बनाएं जो उपयोगी जानकारी देता हो। इस तरह से बच्चे ना तो इनके आदि होंगे और ना ही इन गैजेटस से पूरी तरह से प्रतिबंधित होंगे। सब को संतुलित तरीके से करना चाहिए।

इसे भी पढ़ें: सयुंक्त व एकल परिवार में बच्चों के रहने के फायदे व नुकसान

#5. रचनात्मकता

जैसा कि हम सब जानते हैं खाली दिमाग शैतान का घर होता हैं। इसलिये हमेशा अपने बच्चों को कुछ नई चीजों में संलग्न करें। जैसे कि कुछ रचनात्मक सामान बनाने के लिए उन्हें घर पर पड़ा बेकार सामान जैसे अखबार इत्यादि का उपयोग कर सकती हैं। इसके अलावा आप अपने बच्चों को खाना बनाने या बागबानी के साथ भी जोड़कर इन गैजेट्स से दूर कर सकती हैं। संगीत सुनने, पढ़ने या पेंटिंग करने में भी आप अपने बच्चों के साथ जुड़ सकती है। क्या आप एक माँ के रूप में अन्य माताओं से शब्दों या तस्वीरों के माध्यम से अपने अनुभव बांटना चाहती हैं? अगर हाँ, तो माताओं के संयुक्त संगठन का हिस्सा बने| यहाँ क्लिक करें और हम आपसे संपर्क करेंगे|

null