बच्चों के गुस्से से निपटने के 10 आसान उपाय

बच्चों के गुस्से से निपटने के 10 आसान उपाय

कुछ बच्चे बहुत नटखट, चंचल और शरारती होते हैं। अपनी हर बात मनवाना उन्हें अच्छे से आता है। कई बार माता-पिता बच्चों की बातों को अनसुना कर देते हैं जिससे बच्चे रूठ जाते हैं और उल्टी-सीधी हरकतें करने लगते हैं जिससे वे उनके ऊपर हाथ उठा देते हैं। वैसे भी हमारे देश भारत में तो माँ-बाप बच्चों पर हाथ उठाना अपना हक समझते हैं, कई बार छोटी से छोटी बातों के लिए जैसे किसी सामान को तोड़ने, कभी किसी के साथ गलत व्यवहार करने या होमवर्क पूरा नहीं करने पर सीधा उनकी पिटाई कर देते हैं|

कई ऐसे देश भी हैं जहां बच्चों पर हाथ उठाना गैरकानूनी माना जाता है जैसे फिनलैंड, इटली, आयरलैंड इत्यादि परंतु हमारे देश में ऐसा कोई कानून नहीं है। हमें यह समझने की जरूरत है कि मां-बाप की मार से बच्चे और अधिक शरारती, जिद्दी और नकारात्मकता के शिकार हो जाते हैं। अभिभावक होने के नाते बच्चों पर हाथ उठाने से पहले हमें इन बातों का ध्यान रखना चाहिए|

बच्चों के गुस्से से निपटने के 10 आसान उपाय (10 Tips to manage child’s anger in Hindi)

#1. अपने आप को शांत रखे

जब भी आपका बच्चा दूसरे के सामने आप पर गुस्सा करता है या फिर मारता है तो उस समय माँ बाप को बहुत शर्मिंदगी महसूस होती है परंतु उस समय उन्हें बच्चों पर गुस्सा करने की बजाय, समझदारी से उनके साथ बर्ताव करना चाहिए| अपके गुस्से को थोड़ी देर शांत रखें तो कुछ देर बाद बच्चों को भी अपनी गलती का एहसास होगा और वह दोबारा ऐसी गलती करने से बचेंगे।

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#2. दूसरों की गलती पर ना डांटे

कई बार माँ-बाप किसी और की वजह से गुस्सा होते हैं और उनके गुस्से का शिकार बनते है बच्चे। बच्चों को डांटने से पहले उनकी गलती की वजह को सही से समझें और कोई भी कदम उठाने से पहले सोचें कि इसका आपके बच्चे पर क्या प्रभाव पडेगा।

#3. व्यवहार बदले

कुछ बच्चों को छोटी-छोटी बातों पर बहुत गुस्सा आता है। ऐसे बच्चे बहुत ज़िद्द करते हैं और समय के साथ झगड़ालू हो जाते हैं। ऐसे बच्चों के साथ हमें और प्यार से पेश आना चाहिए। उनके व्यवहार को बदलने के लिए उन्हें अकेलेपन से दूर रखें।

#4. अकेले में समझाएं

जब बच्चे बड़े होने लगते हैं तो वह हर रोज कुछ न कुछ नया सीखते हैं। एक कहावत है कि इंसान गलतियों का पुतला है इसलिए जब वह कुछ सीखते हैं तो जाहिर सी बात है गलतियां भी होगी। ऐसे में अगर बच्चों से गलती हो भी जाती है तो उन्हें सबके सामने डांटने या मारने की बजाय आप खुद उस बात को हैंडल करके हल्का कर दें और बच्चों की कमजोरी बनने की बजाय उनकी ताकत बने, फिर बाद में अकेले में बच्चे को यह समझाएं उसकी गलती क्या थी।

#5. व्यवहार को सराहे

बच्चों की हर बात पर गलतियां निकालने से बचे। इससे बच्चों के मन में यह भावना घर कर लेती है कि हम कुछ भी कर लें मम्मी पापा को तो वह बात गलत ही लगती है। इसके परिणामस्वरूप बच्चे जिद्दी और गुस्सैल हो जाते हैं। जब भी बच्चे छोटी-छोटी गलती करते हैं तो उन पर गुस्सा होने की बजाय उनकी तारीफ करें और उन्हें प्यार से समझाएं कि गुस्सा करना गलत बात है।

#6. ध्यान बांटे

कई बार बच्चे ज्यादा गुस्से की वजह से अशांत हो जाते हैं और सब से लड़ने-झगड़ने लगते हैं। इस माहौल में अगर आप भी गुस्सा करके उन्हें मारने-पीटने लगेंगे तो हालात बद से बदतर हो जायेंगे| इसलिए स्थिति को सुधारने के लिए आप बच्चों को मारने की बजाय उनका ध्यान बांटने की कोशिश करें। जब बच्चे का ध्यान इधर-उधर हो जाएगा तो वह अपने आप शांत हो जाएगा।

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#7. गुस्से का कारण जाने

जब भी आपका बच्चा ज्यादा गुस्सा करे तो आप उस पर भड़कने की बजाय पहले यह जानने की कोशिश करें कि बच्चा आखिर गुस्सा क्यों है। उन्हें अपने पास बैठा कर बड़े ही प्यार से समझाएं कि गुस्सा करने वाले बच्चों से कोई भी प्यार नहीं करता।

#8. बच्चे बड़ों से ही सीखते हैं

बच्चों के सामने कभी भी गुस्सा या लड़ाई ना करें क्योंकि बच्चों की सीखने की क्षमता काफी अधिक होती है और यह मानव व्यवहार का एक पहलू है कि हम गलत चीजें जल्दी सीखते हैं। इसलिये उनके सामने हमेशा दुसरो से प्यार से बात करे और गलत बाते या झगड़ने से बचे|

#9. मारपीट से जुड़ती है बुरी यादें

मारपीट का बच्चों के दिमाग पर सबसे बुरा प्रभाव पडता है। यह बुरी यादें उनके दिमाग में काफी लंबे समय तक रहती हैं। अगर उनकी बचपन की यादों में अगर केवल मारपीट और डांट के अलावा कुछ नहीं होता हैं तो वह इसे चाहकर भी भूल नहीं पाते हैं और उनका बचपन खो-सा जाता है| इसलिए हाथ उठाने से पहले यह जरूर सोच लें कि कहीं आपका बच्चा बड़ा होकर बचपन से घृणा न करने लगे और वह भी अपने बच्चों के साथ मारपीट न करने लगे।

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#10. योग करवाए

योग मन को शांत और एकाग्र करने में बहुत सहायक होता हैं| इसलिये अगर आपका बच्चा ज्यादा गुस्से वाला स्वभाव का हैं तो उसको योग शुरू करवाए| इससे काफी फर्क पड़ेगा और उसका मन भी साफ़ रहेगा|

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