अपने बच्चों को चलना कैसे सिखाये?

अपने बच्चों को चलना कैसे सिखाये?

चलना सीखना बच्चों की जिंदगी की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक हैं। यह उस की आजादी की तरफ एक बड़ा कदम होता हैं। खड़ा होना सीखने के बाद वह अब बिना किसी सहारे के डगमगाते हुए चलना और फिर पूरे विश्वास से दौड़ना, उछलना, कूदना शुरू करेग। इस तरह धीरे-धीरे अब वह अपनी बाल्यावस्था को पीछे छोड़कर आगे बढ़ रहा हैं और जब तक शिशु चलना (Baby Walking) नहीं सीख लेता तब तक हर माँ को यही चिंता सताती हैं, जैसे कि:

  • मेरा शिशु कब चलना शुरू करेगा?
  • बच्चा कैसे चलना सिखेगा?
  • मैं चलना सीखने में अपने बच्चे की कैसे मदद कर सकती हूं?
  • कही मेरे बच्चे की हड्डियां कमजोर तो नहीं हैं?

ये कुछ सवाल हर माँ के मन में उठते रहते हैं तो आइए जानते हैं इन सब बातों के बारे में।

 

बच्चा कब चलना शुरू करता है? (When Kids Start Walking in Hindi)

अधिकांश शिशु अपने पहले जन्मदिन तक चलना शुरू कर देते हैं। 15 महीने के बच्चे बिना किसी का सहारा लिए चलना शुरू कर देते हैं हालांकि उनके कदम अक्सर असमान ही होते हैं। अगर आपके शिशु ने अभी तक चलना शुरू नहीं किया है तो भी आप चिंतित ना हो क्योंकि कुछ बच्चे 17 या 18 महीने के होने पर भी नहीं चलते हैं। मेरी बड़ी बेटी ने 18 महीने की होने के बाद थोड़ा-थोड़ा चलना शुरू किया था लेकिन छोटी बेटी ने 9 महीने में ही चलना शुरू कर दिया था। घुटनों के बल चलने वाले बच्चों की तुलना में नितंबो को घसीटने वाले बच्चे देर से चलना शुरू करते हैं।

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मेरा शिशु चलना कैसे सीखेगा?

नवजात से लेकर 4 महीने का शिशु

जन्म से ही शिशु की प्रवृत्ति होती हैं कि वह अपने पैरों के नीचे महसूस होने वाली सतह पर अपनी टांगें टिकाता हैं। अगर आप नवजात शिशु के सिर को सहारा देते हुए अपनी गोद में खड़ा करेंगी तो आप महसूस करेंगी कि वह अपनी टांगों का इस्तेमाल करता हैं। वह चलने का प्रयास नहीं कर रहा हैं मगर यह उसकी प्रवृत्ति ही हैं। अभी के लिए उसकी टांगें इतनी मजबूत नहीं है कि वह खड़ा हो सके। यह प्रवृत्ति कुछ महीनों के बाद खत्म हो जाएगी।

5 से 10 महीने तक का शिशु

शिशु का 5 महीने का होने पर यदि आप उसे अपनी जांघों पर खड़ा करके पैरों को संतुलन बनाने दे तो वह ऊपर-नीचे उछलेगा। इस तरह उछलना अगले कुछ महीनों तक उसका पसंदीदा कार्यकलाप होगा। बहुत से बच्चों को बाउंसर झूले में ऊपर-नीचे उछलना अच्छा लगता हैं। अगर आप भी दरवाजे पर लगने वाले झूले का इस्तेमाल करती है तो शिशु को सीमित समय के लिए ही उस पर बिठाये। अपनी निगरानी में 1 दिन में तीन बार 15-15 मिनट के लिए शिशु को झूले पर बिठाना काफी हैं। आपका शिशु जैसे-जैसे पलटना, बैठना और घुटनों के सहारे चलना सीखता हैं वैसे-वैसे उसकी मांसपेशियां भी मजबूत होती जाती हैं।

9-10 महीने की उम्र में वह शायद किसी फर्नीचर को पकड़ कर खड़े होने के लिए खुद को उठाने का प्रयास शुरू करेगा। अगर आप उसे सोफे के साथ खड़ा करेंगी तो वह सहारे के लिए सोफे को पकड़ने का प्रयास करेगा। अगले कुछ हफ्तों में आपका शिशु ठीक से खड़ा होना सीख लेता हैं तो वह फर्नीचर को पकड़कर चलना शुरू करेगा। इसके बाद वह इतना आत्म-विश्वास हासिल कर लेगा कि वह सहारे को छोड़कर खुद खड़ा हो सके। जब आपका शिशु फर्नीचर छोड़ कर खुद खड़ा होने को तैयार हो जाता हैं तो वह शायद आप का हाथ पकड़कर कुछ कदम आगे चल सकता हैं। लेकिन ध्यान रखिये कि आपका शिशु खड़ा होते हुए किसी खिलौने को उठाने के लिए झुक भी सकता हैं।

10 महीने से 1 साल तक का शिशु

दसवें महीने का शिशु खड़ा होने के बाद यह सीखता है कि वह अपने घुटनों को मोड़कर किस तरह बैठ सकता हैं। ऐसा करना आपके लिए जितना आसान लगता हैं, उतना उसके लिए हैं नहीं। अब 11 महीने का होने तक शिशु शायद बिना किसी सहारे के खड़ा होने लगेगा, झुक सकेगा और उकडू बैठ सकेगा। 12 महीने का होने पर वह आपका हाथ पकड़कर चलना शुरू कर सकता हैं। हालाँकि, अभी उसे खुद अपने पहले कदम उठाने में थोड़ा और समय लग सकता हैं। अधिकांश बच्चे शुरूआती कदम पैरों के पंजों के बल उंगलियों को बाहर की तरफ मोड़ कर ही उठाते हैं।

13 महीने का होने पर आपका शिशु

संभवतया इस उम्र तक बच्चे खुद चलना शुरू कर देते हैं मगर शायद थोड़ा लड़खड़ाते हुए। अगर आपके शिशु ने अभी तक फर्नीचर का सहारा लेकर चलना नहीं छोड़ा है तो इसका मतलब है कि वह थोड़ा समय और लेगा। कुछ बच्चे 17 या 18 महीने के होने पर चलना शुरू करते हैं।

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बच्चे को चलना कैसे सिखाएं (Baby Walking Tips in Hindi)

शिशु को चलने के लिए प्रोत्साहित करते समय निम्न बातों का ध्यान में रखना का प्रयास करें:

अपने बच्चो को चलना कैसे सिखाये?

चित्र स्रोत: mamidhebebi.al

#1. जब आपका शिशु खड़ा होना सीखता है तो उसे वापस बैठने के लिए आपकी मदद की जरूरत हो सकती हैं। अगर वह ऐसा ना कर पाए और रोना शुरु कर दे तो उसे उठाकर सीधे बिठाने की बजाये उसे दिखाए कि घुटनो को मोड़कर कैसे बैठा जाएगा ताकि वह बिना लुढके बैठ सके। फिर उसे खुद ही इसका प्रयास करने दे।

#2. आप शिशु के सामने खड़े होकर या घुटनों पर बैठकर उसके दोनों हाथ पकड़कर अपनी तरफ चलने के लिए प्रेरित कर सकती हैं।

#3. आप उसके लिए टोडल ट्रक या इसी तरह का कोई और खिलौना भी खरीद सकती हैं जिसे वह पकड़कर आगे धकेल सकता हैं। ऐसे खिलौनों का चयन करें जो स्थिर हो व जिनका आधार चौड़ा हो। बेबी वॉकर पलट सकती हैं इसलिए इसका इस्तेमाल ना करें।

#4. बेहतर हैं कि शिशु के पांवो को जितना हो सके खुला रखे। तंग जूतों या जुराबो में बंद होने की वजह से शिशु का पांव सीधा नहीं हो पाता हैं और उचित ढंग से विकसित नहीं हो पाता हैं। जब तक बच्चा घर से बाहर जाना शुरू नही करता हैं व खुरदरी या ठंडी जमीन नही हैं तब तक आप को उसके लिए जूते लेने की जरूरत नहीं हैं। नंगे पांव चलने से उसका संतुलन और समन्वय बेहतर होता हैं।

#5. यह भी सुनिश्चित करें कि शिशु के चलने के लिए सुरक्षित माहौल हो। फर्श पर कोई भी अवरोध ना हो ताकि वह आसानी से चल सके। चलते समय कभी भी शिशु को अकेला ना छोड़ें क्योंकि वह गिर भी सकता हैं या फिर उसे आपकी मदद की जरूरत हो सकती हैं।

#6. ज्यादा चलने से आपके शिशु के पैर थक सकते हैं और उनमे थोड़ा दर्द भी हो सकता हैं। इसलिये खासकर की रात में शिशु के पैरो की नियमित मालिश करने से उसे आराम मिलेगा और उसकी मांसपेशिया भी मजबूत होंगी।

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कई बार माओ को चिंता होती हैं कि उनका शिशु 15 महीने का हो गया है और उसने चलना शुरू नहीं किया हैं तो ध्यान रखें कि यदि आपका शिशु टांगों पर अपना भार संभाल पा रहा हैं और नयी चीजें सिखने में रुचि दर्शा रहा हैं तो आपको चिंता करने की कोई जरूरत नहीं हैं। अगर आपके शिशु ने घुटनो के बल चलने में अन्य बच्चों की तुलना में अधिक समय लगाया था तो संभव हैं कि वह चलने में भी थोड़ा ज्यादा समय लगाएगा। हर शिशु अपने कौशल अपने-अपने ढंग से विकसित करते हैं, कुछ बच्चे जल्दी कर लेते हैं तो कुछ को इसमें समय लगता हैं। साथ ही आपको यह भी ध्यान में रखना चाहिए कि आपके शिशु ने घुटनों के बल चलने से पहले नितंबो से घसीटना शुरू किया था तो उसे चलना शुरू करने में थोड़ी देर हो सकती हैं।

इन सब बातों के बावजूद अगर आपको अपना शिशु पिछड़ता लगे या फिर 18 महीने का होने पर भी ना चले तो आप अपने डॉक्टर से बात करें। अगर आपके शिशु का जन्म समय से पहले अथार्त गर्भावस्था के 37 सप्ताह से पहले हुआ है तो ध्यान रखें कि उसे कोई भी कौशल हासिल करने में अन्य बच्चो की तुलना में अधिक समय लग सकता हैं।

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