जानिए क्या होता है नेबुलाइजर

जानिए क्या होता है नेबुलाइजर

बच्चों को बार-बार सर्दी जुकाम या खांसी होना बहुत ही सामान्य है। घरेलू उपचार या मामूली दवाई से बच्चों को इस रोग में राहत मिल जाती है लेकिन कई बार खांसी के साथ-साथ बच्चों को साँस लेने में भी परेशानी होती है या छाती में बहुत अधिक कफ जम जाती है। इससे राहत पाने के लिए डॉक्टर आजकल नेबुलाइज़ेशन की सलाह देते हैं। वैसे तो नेबुलाइज़ेशन का प्रयोग अस्थमा के उपचार के लिए किया जाता है लेकिन छोटे बच्चों के मामलों में भी इसकी सिफारिश की जाती है क्योंकि नेबुलाइज़ेशन से श्वसन अंगों को सही से काम करने में मदद मिलती है। इसके लिए बिजली या बैटरी से चलने वाली मशीन का प्रयोग किया जाता है जिसे नेबुलाइजर (Nebuliser in Hindi) कहते हैं। नेबूलाइजर का प्रयोग कभी भी डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं करना चाहिए क्योंकि इसके परिणाम हानिकारक हो सकते हैं। जानिए नेबुलाइजर और इसके प्रयोग के बारे में विस्तार से।  

नेबुलाइजर क्या होता है (What's the Nebuliser in Hindi)

नेबुलाइजर एक खास तरह की मशीन है जो बिजली या बैटरी से चलती है। नेबुलाइजर (Nebuliser) शब्द में "नेबुला" का मतलब है धुंध। नेबुलाइजर इसमें डाली गयी दवाई को एक तरह की धुंध यानि स्टीम में परिवर्तित कर देता है। यह दवाई स्टीम के माध्यम से आसानी से हमारे शरीर में चली जाती है। नेबुलाइजर आजकल छोटे या बड़े दोनों साइज में उपलब्ध है जिसे आप यात्रा के दौरान साथ ले जा सकते हैं या घर पर भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।   नेबुलाइजर में एक वायु कंप्रेसर, दवा के लिए एक छोटा कंटेनर और एक ट्यूब होती है और साथ में एक फेसमास्क दिया जाता है। ट्यूब ऐयर कंप्रेसर को दवा कंटेनर से जोड़ती है। जैसे ही दवाई स्टीम में चेंज होती है वैसे ही ट्यूब के माध्यम से यह फेसमास्क तक पहुँचती है। यह फेसमास्क रोगी के नाक और मुँह पर लगाया जाता है जिससे रोगी उस दवाई को स्टीम के रूप में ग्रहण करता है और रोगी के फेफड़ों तक यह दवाई जल्दी और आसानी से पहुँच जाती है।  Also Read: Precaution of Diabetes for Kids

नेबुलाइजर के प्रकार (Types of Nebuliser in Hindi) :

#1. कंप्रेसर नेबुलाइजर (Compressor Nebulizer) कंप्रेसर नेबुलाइजर को इंकजेट भी कहा जाता है और यह अधिक दबाव से दवा को भाप में बदल देता है। इसमें मिनरल वाटर या एंटीबायोटिक दवाओं का प्रयोग आसानी से किया जा सकता है और इसकी कीमत भी अधिक नहीं होती। लेकिन नेबुलाइजर कंप्रेसर बहुत अधिक आवाज़ करता है जिससे परेशानी हो सकती है इसके साथ ही यह केवल बिजली से चलता है इसलिए आप किसी सफर के दौरान इसका प्रयोग नहीं कर सकते। #2. अल्ट्रासोनिक नेबुलाइजर (Ultrasonic Nebulizer) अल्ट्रासोनिक नेबुलाइजर बेहतर नेबुलाइजर है जिसमें अल्ट्रासोनिक वाइब्रेशन के कारण दवा भाप में बदलती है। यह बहुत कम आवाज़ करता है और एक साल से छोटे बच्चों के लिए भी इसका प्रयोग किया जा सकता है। इसकी भी कीमत भी कम होती है लेकिन इसमें सभी दवाइयों का प्रयोग नहीं किया जा सकते और न ही इससे निकलने वाली भाप को स्प्रे करने के लिए अपनी इच्छानुसार अडजस्ट कर सकते हैं। #3. जाल नेबुलाइजर (Net Nebuliser) जाल-नेबुलाइजर को झिल्ली नेबुलाइजर भी कहा जाता है जो 180 किलोहर्ट्ज़ की फ्रीक्वेंसी पर अल्ट्रासाउंड से जाल या झिल्ली के द्वारा दवा को भाप में बदलता है। इसमें भी किसी भी दवाई का प्रयोग किया जा सकता है। यह किसी तरह की आवाज़ नहीं करता और बिजली के साथ साथ बैटरी पर भी चलता है इसका नुकसान केवल यह है कि इसकी कीमत बहुत अधिक होती है। अन्य नेबुलाइजर के मुकाबले यह सबसे बेहतरीन है। Also Read: Importance of Vaccination 

नेबुलाइजर के लाभ (Benefits of Nebuliser in Hindi)

  • अगर बच्चों को अधिक कफ हो या उन्हें सांस न आ रही हो ऐसे में नेबुलाइजर का प्रयोग किया जा सकता है। बच्चों को सांस सम्बन्धी समस्याओं को दूर करने में अधिक प्रभावी है क्योंकि बच्चे इन्हेलर या घरेलू नुस्खो जैसे भाप लेना आदि का प्रयोग नहीं कर सकते।
  • अस्थमा वाले बच्चों को अक्सर नेबुलाइजर की आवश्यकता हो सकती है क्योंकि उन्हें लगातार खांसी, छींक जैसी समस्याएं होती हैं और इन समस्याओं से जल्दी राहत पाने में नेबुलाइजर से बेहतर और कुछ नहीं है।
  • जब बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है और उसे श्वसन सम्बन्धी समस्याओं से कुछ हद तक राहत मिल जाती है तो उसके बाद बिना किसी समस्या के नेबुलाइजर जा प्रयोग बंद किया जा सकता है।
  • नेबुलाइजर दवा को श्वसन प्रणाली तक पहुंचाने का अच्छा तरीका है।
  • नेबुलाइजर दवाई को सीधे फेफड़े तक पहुंचाता है और वो भी बहुत कम समय में जबकि अन्य दवाइयां दवा को सही जगह तक पहुंचाने में समय लगाती हैं।
  • नेबुलाइजर श्वसन सम्बन्धी गंभीर समस्याओं को दूर करने में भी असरदार है और सबसे अच्छी बात यह है कि इसके प्रयोग से दुष्प्रभाव होने कि संभावना बहुत ही कम होती है इसलिए इसे बिना किसी परेशानी के प्रयोग में लाया जा सकता है।
 

सावधानियां (Precautions for Nebuliser in Hindi)

  • नेबुलाइजर का प्रयोग डॉक्टर की सलाह के बाद ही करें। इसका प्रयोग करना बेहद आसान है। दवाई को दवा वाले बॉक्स में डाल कर मास्क को अपने मुँह पर लगाना होता है। इसके बाद इसे ऑन कर दें। फेफड़ों तक दवा पहुँचने के कम से कम दस मिनट लगते हैं इसलिए इतनी देर तो कम से कम इसका प्रयोग दस से पंद्रह मिनटों के लिए अवश्य करें।
  • नेबुलाइजर का प्रयोग करने से पहले अपने हाथों और न को भी अच्छे से साफ़ कर लेना चाहिए।
  • नेबूलाइजर में कितनी और कौन सी दवा डालनी है, इसके बारे में पूरी जानकारी होनी चाहिए। दवा की अधिक डोज़ हानिकारक हो सकती है।
  • नेबुलाइजर का प्रयोग ऐसे स्थान पर करें जो आरामदायक हो ताकि आप लम्बे समय तक वहां बैठा जा सके इसके साथ ही अगर नेबुलाइजर बिजली से चलता हो तो ध्यान रहे बिजली का स्विच पास में हो।
  • प्रयोग के बाद नेबुलाइजर इसे अच्छे से साफ़ कर के और सूखा कर रख दें। अगर यह अच्छे से साफ़ नहीं होगा तो बैक्टीरिया और अन्य रोगाणु इसमें पनप सकते हैं।
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